विमल इलायची एड को लेकर निशाने पर अजय देवगन, शाहरुख और टाइगर श्रॉफ, महाराष्‍ट्र FDA ने भेजा नोटिस

विमल इलायची एड को लेकर निशाने पर अजय देवगन, शाहरुख और टाइगर श्रॉफ, महाराष्‍ट्र FDA ने भेजा नोटिस

Vimal Elaichi Ad Controversy: महाराष्ट्र FDA ने Vimal Elaichi के विज्ञापन को लेकर अभिनेता अजय देवगन, शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. FDA ने प्रथम दृष्टया विज्ञापन को विमल पान मसाला के अप्रत्यक्ष या सरोगेट प्रचार से जुड़ा माना है. जानिए नोटिस में क्‍या कहा गया है...

Bollywood stars Shah Rukh Khan, Ajay Devgn, and Tiger Shroff have been sent notices over Vimal Pan Masala adBollywood stars Shah Rukh Khan, Ajay Devgn, and Tiger Shroff have been sent notices over Vimal Pan Masala ad
क‍िसान तक
  • Mumbai,
  • Aug 16, 2026,
  • Updated Aug 16, 2026, 2:36 PM IST

महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन यानी FDA ने बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन, शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ को विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किया है. FDA ने प्रथम दृष्टया माना है कि यह विज्ञापन विमल ब्रांड को बढ़ावा देता है, जिसका संबंध पान मसाला से है और यह प्रतिबंधित उत्पाद के अप्रत्यक्ष या सरोगेट प्रचार के दायरे में आ सकता है. FDA ने इस हफ्ते जारी नोटिस में तीनों अभिनेताओं से विज्ञापन में उनकी भूमिका को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है. नियामक के आकलन के मुताबिक, विज्ञापन के प्रजेंटेशन, संवाद, उत्पाद का नाम और बाजार में विमल ब्रांड की पहचान इस सवाल को जन्म देती है कि क्या इसके जरिए प्रतिबंधित तंबाकू-संबंधित उत्पाद का अप्रत्यक्ष प्रचार किया जा रहा है.

तीनों अभिनेता ब्रांड एंडोर्सर के तौर पर शामिल

नोटिस के मुताबिक, तीनों अभिनेता विज्ञापन में ब्रांड एंडोर्सर के तौर पर शामिल हैं. FDA ने अजय देवगन को उनके जुहू स्थित आवास, शाहरुख खान को बांद्रा स्थित मन्नत और टाइगर श्रॉफ को उनकी प्रोडक्शन कंपनी टाइगर श्रॉफ प्रोडक्‍शन्‍स एलएलपी के माध्यम से नोटिस भेजा है. FDA के नोटिस के मुताबिक, महाराष्ट्र में 13 जुलाई 2026 को जारी प्रतिबंध आदेश के तहत पान मसाला के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर एक साल के लिए रोक लगाई गई है. यह आदेश महाराष्ट्र के खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने फूड सेफ्टी एंड स्‍टैंडर्ड्स एक्‍ट, 2006 की धारा 30(2)(a) के तहत जारी किया है.

सरोगेट विज्ञापन की पहली जांच

महाराष्ट्र FDA के अनुसार, यह पहली बार है जब विभाग ने सरोगेट विज्ञापन के पहलू की जांच शुरू की है. FDA ने कहा है कि विज्ञापन की प्रस्तुति, संवाद, उत्पाद का नाम और बाजार का संदर्भ इस बात पर गंभीर सवाल खड़ा करते हैं कि क्या यह प्रतिबंधित तंबाकू-संबंधित उत्पाद का अप्रत्यक्ष या सरोगेट प्रचार है.

महाराष्ट्र में तंबाकू या निकोटीन वाले गुटखा और पान मसाला पर 2012 से प्रतिबंध है. महाराष्ट्र FDA के कमिश्नर तुकाराम मुंडे के नेतृत्व में विभाग राज्य में तंबाकू और पान मसाला की बिक्री और प्रचार के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है.

संगठित नेटवर्क के खिलाफ भी कार्रवाई

FDA प्रतिबंधित गुटखा, तंबाकू और निकोटीन वाले पान मसाला जैसे उत्पादों की बिक्री से जुड़े मामलों में पुलिस के साथ समन्वय कर कार्रवाई कर रहा है. ऐसे मामलों में जहां MCOCA के प्रावधान लागू होते हैं, संगठित नेटवर्क के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम यानी MCOCA का इस्तेमाल किया जा रहा है.

15 दिन में लिखित जवाब देने का निर्देश

FDA ने नोटिस में Food Safety and Standards Act, 2006 की धारा 24 का हवाला दिया है, जो भ्रामक और छलपूर्ण खाद्य विज्ञापनों से संबंधित है. इसके अलावा धारा 53 के तहत भ्रामक खाद्य विज्ञापन के प्रकाशन में पक्षकार पाए जाने पर 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है.

FDA ने तीनों अभिनेताओं से एंडोर्समेंट कॉन्ट्रैक्ट की पूरी कॉपी, कैंपेन ब्रीफ, पारिश्रमिक से जुड़ी जानकारी और विज्ञापन को लेकर की गई उचित जांच-पड़ताल के प्रमाण मांगे हैं.

तीनों अभिनेताओं को 15 दिनों के भीतर लिखित जवाब देने को कहा गया है. उनसे यह बताने को कहा गया है कि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं शुरू की जानी चाहिए. (मुस्‍तफा शेख की रिपोर्ट)

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