
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में रविवार को सिंचाई के पानी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे 10 किसानों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. किसान रबी की फसलों की बुआई के लिए पर्याप्त पानी देने और नहर के पानी के बंटवारे के नियमों में बदलाव की मांग कर रहे थे. प्रदर्शन के दौरान किसानों और पुलिस के बीच हल्की झड़प भी हुई. किसानों ने ‘खेत बचाओ किसान बचाओ संघर्ष समिति’ के बैनर तले मार्च निकाला. उनकी मांग है कि अनूपगढ़ शाखा नहर में पानी छोड़ा जाए, ताकि किसान रबी की फसलों की समय पर बुआई कर सकें. इसके साथ ही किसान नहर के पानी के बंटवारे के शेड्यूल में बदलाव चाहते हैं, जिससे उन्हें सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके.
इससे पहले घड़साना में किसानों और अधिकारियों के बीच बैठक हुई थी, लेकिन बातचीत से कोई समाधान नहीं निकला. इसके बाद किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और दूसरे वाहनों के काफिले के साथ बिरधवाल हेड की ओर मार्च करने का फैसला किया.
पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए सूरतगढ़-छत्तरगढ़ सड़क पर कई जगह बैरिकेडिंग की थी. रास्ते में ट्रक खड़े करके भी काफिले को रोकने की कोशिश की गई. हालांकि, पुलिस के मुताबिक, किसानों ने बैरिकेडिंग हटा दी और ट्रकों को रास्ते से हटाकर आगे बढ़ गए. किसानों को इंदिरा गांधी नहर के बिरधवाल हेड से करीब दो किलोमीटर पहले रोकने की कोशिश की गई. अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अशोक सांगवा और पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान आगे बढ़ने पर अड़े रहे.
पुलिस ने 285 आरडी बिरमाना और 270 आरडी इलाके के पास भी किसानों के काफिले को रोकने की कोशिश की. इस दौरान दोनों पक्षों के बीच हल्की झड़प हुई. आखिरकार किसानों को रोक दिया गया. इसके बाद प्रदर्शनकारी बिरधवाल में वन विभाग के कार्यालय के बाहर इकट्ठा हो गए. प्रदर्शन के दौरान किसानों ने मुख्यमंत्री, सिंचाई मंत्री और बीकानेर के सांसद के पुतले भी जलाए. पुलिस ने 10 किसानों को हिरासत में लिया है. इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. किसानों की मुख्य मांग है कि रबी की फसलों की बुआई के लिए समय पर पर्याप्त सिंचाई पानी उपलब्ध कराया जाए और नहर के पानी के बंटवारे की व्यवस्था में बदलाव किया जाए. (PTI)