
देश के कई राज्यों में ‘सुपर अल नीनो’ की आशंकाओं के बीच साउथ फिल्मों के अभिनेता विजय देवरकोंडा ने लोगों से पानी, बिजली और भोजन की बर्बादी रोकने की अपील की है. उन्होंने कहा कि आने वाले साल में सूखे का खतरा पैदा हो सकता है, इसलिए अभी से सावधानी बरतने की जरूरत है. वहीं, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने भी पानी की कमी को देखते हुए लोगों और किसानों से उपलब्ध जल संसाधनों का सोच-समझकर इस्तेमाल करने की अपील की है.
हैदराबाद के शिल्पाकला वेदिका में अपनी फिल्म ‘रणबाली’ के प्री-रिलीज कार्यक्रम के दौरान विजय देवरकोंडा ने जल संकट और संभावित सूखे पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि ‘सुपर अल नीनो’ को लेकर मिल रही चेतावनियों को गंभीरता से लेना चाहिए. देवरकोंडा ने कहा कि अगर अल नीनो का असर बढ़ता है, तो आने वाले समय में सूखे जैसी स्थिति पैदा हो सकती है. ऐसे में लोगों को अभी से प्राकृतिक संसाधनों को बचाने की आदत डालनी चाहिए.
विजय ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि पानी का इस्तेमाल जरूरत के मुताबिक करें, बिजली बचाएं और भोजन बर्बाद न करें. उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने संसाधनों का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि भविष्य में मुश्किलों का सामना कम करना पड़े.
विजय देवरकोंडा ने अपने संबोधन में 19वीं सदी में पड़े मद्रास के भीषण अकाल का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उस समय लाखों लोगों को भुखमरी और कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा था. उन्होंने औपनिवेशिक शासन की नीतियों को भी उस दौर की तबाही से जोड़ा. देवरकोंडा ने कहा कि लोगों को ऐसी कठिनाइयों से बचने के लिए समय रहते कदम उठाने चाहिए.
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने भी राज्य में पानी की उपलब्धता को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि उपलब्ध करीब 200 टीएमसी पानी का अगले 8 से 10 महीनों तक बहुत सावधानी से इस्तेमाल करना होगा. इसमें पीने के पानी को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने किसानों से गर्मियों में खेती कम करने और पानी की उपलब्धता को ध्यान में रखकर फसल की योजना बनाने की अपील की.
उन्होंने कहा कि सरकार और जनता को मिलकर उपलब्ध पानी को बचाना होगा, ताकि आने वाले महीनों में जरूरतें पूरी की जा सके. रेवंत रेड्डी के मुताबिक, अगर खेतों में नर्सरी और रोपाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिला, तो फसलें सूख सकती हैं. इससे किसानों की लागत और मेहनत दोनों बर्बाद होने का खतरा है. उन्होंने खेती में इस्तेमाल होने वाली मोटरों और ट्रांसफॉर्मरों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई.
विजय देवरकोंडा और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की अपील का मुख्य संदेश है कि पानी की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए उसका इस्तेमाल किया जाए. आम लोग पानी-बिजली बचाकर और भोजन की बर्बादी रोककर इसमें योगदान दे सकते हैं. वहीं, किसानों के लिए फसल का चुनाव और बुवाई का समय तय करते समय पानी की उपलब्धता पर ध्यान देना जरूरी होगा. आने वाले समय में मौसम की स्थिति कैसी रहती है, यह आधिकारिक पूर्वानुमानों से स्पष्ट होगा. फिलहाल, जल संसाधनों का सावधानी से इस्तेमाल करना और संभावित संकट के लिए तैयारी रखना अहम है. (अब्दुल बशीर की रिपोर्ट)