
महाराष्ट्र में सूखे से प्रभावित किसानों के लिए घोषित अंतरिम आर्थिक सहायता को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है. धाराशिव जिले के एक सोयाबीन किसान ने सरकार की ओर से घोषित 5,000 रुपये की मदद को नाकाफी बताते हुए इतनी ही रकम का मनीऑर्डर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भेज दिया. किसान का कहना है कि फसल उगाने में हजारों रुपये खर्च करने के बावजूद उसे बेहद कम आमदनी हुई है.
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, धाराशिव जिले की सुरडी गांव के किसान चांद शेख ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को 5,000 रुपये का मनीऑर्डर भेजकर अपना विरोध जताया. शेख ने बताया कि उन्होंने अपने खेत में सोयाबीन की खेती की थी, लेकिन उपज इतनी कम हुई कि लागत निकालना भी मुश्किल हो गया. सरकार की ओर से घोषित अंतरिम सहायता राशि से नाराज होकर उन्होंने यह कदम उठाया.
किसान चांद शेख ने बताया कि उन्होंने अपनी 1.5 एकड़ जमीन पर सोयाबीन की फसल उगाई थी. इस पर करीब 25,000 रुपये खर्च हुए, लेकिन पूरी फसल से उन्हें महज 60 किलोग्राम उपज मिली. इससे उन्हें केवल 3,900 रुपये की कमाई हुई. शेख ने बताया कि मुख्यमंत्री को 5,000 रुपये का मनीऑर्डर भेजने के लिए उन्होंने अपने एक दोस्त से 1,100 रुपये उधार लिए. किसान ने सुरडी पोस्ट ऑफिस के बाहर पत्रकारों को यह जानकारी दी. उनके एक दोस्त ने भी 1,100 रुपये उधार देने की पुष्टि की.
मालूम हो कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को घोषणा की थी कि सूखे से प्रभावित किसानों के बैंक खातों में दिवाली से पहले शुरुआती राहत के तौर पर 5,000 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे. सरकार का कहना है कि किसानों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए यह फैसला लिया गया है. फडणवीस ने बताया कि प्रशासनिक स्तर पर फसल नुकसान का पूरा आकलन करने और केंद्र सरकार की ओर से मूल्यांकन की प्रक्रिया में समय लगता है. ऐसे में दिवाली से पहले पूरी प्रक्रिया पूरी करना संभव नहीं है.
महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने 40 और तालुकाओं को सूखा प्रभावित सूची में शामिल किया है. इसके बाद राज्य में कुल 358 तालुकाओं में से 305 को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है. यह संख्या राज्य के 85 प्रतिशत से अधिक तालुकाओं के बराबर है. सूखे की मार झेल रहे किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने फिलहाल 5,000 रुपये की शुरुआती सहायता घोषित की है, जबकि आगे की राहत के लिए नुकसान के आकलन और संबंधित प्रक्रियाओं का इंतजार है.