सड़क पर उतरे किसान (सांकेतिक तस्वीर)हरियाणा के अंबाला जिले में धान खरीद से जुड़ी पाबंदियों के विरोध में किसानों ने शनिवार को अंबाला-हिसार हाईवे जाम कर दिया. भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) से जुड़े किसानों ने नई अनाज मंडी के बाहर प्रदर्शन किया. किसान मांग कर रहे हैं कि सरकार प्रति एकड़ धान खरीद की तय सीमा बढ़ाए, ताकि उनकी पूरी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर खरीदी जा सके.
प्रदर्शन में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ पहुंचे और सड़क पर बैठ गए. इससे हाईवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. सूचना मिलने पर SDM दर्शन लाल और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने किसानों को उनकी मांगें सरकार तक पहुंचाने का भरोसा दिया और जाम खोलने की अपील की, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे. इसके बाद पुलिस ने ट्रैफिक को दूसरे रास्तों से निकालने की व्यवस्था की.
प्रदर्शन कर रहे किसानों की प्रमुख मांग है कि धान खरीद की मौजूदा सीमा को बढ़ाया जाए. फिलहाल प्रति एकड़ 26.26 क्विंटल धान खरीदने की सीमा तय है. किसान इसे बढ़ाकर 32 क्विंटल प्रति एकड़ करने की मांग कर रहे हैं. किसानों का कहना है कि जब खेतों में प्रति एकड़ 30 क्विंटल से ज्यादा धान की पैदावार हो रही है, तो खरीद की सीमा कम क्यों रखी गई है? किसान नेता अमरजीत सिंह मोहरी ने भी इस सीमा पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को किसानों की पूरी उपज खरीदने की व्यवस्था करनी चाहिए.
किसानों ने ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर फसलों के सत्यापन की प्रक्रिया तेज करने की भी मांग की है. किसानों के मुताबिक, अपनी उपज सरकारी खरीद केंद्रों पर बेचने के लिए पोर्टल पर फसल का सत्यापन जरूरी है. ऐसे में सत्यापन में देरी होने से किसानों को अपनी फसल बेचने में परेशानी हो सकती है.
प्रदर्शनकारी किसानों ने धान में नमी के नाम पर की जाने वाली कटौती को बंद करने की मांग भी उठाई. इसके अलावा, उन्होंने मंडियों में खरीदे गए धान का जल्द उठान करने और किसानों को समय पर भुगतान देने की मांग की. किसान नेताओं ने सरकार की मौजूदा खरीद व्यवस्था पर नाराजगी जताई और इसे किसानों के हितों के खिलाफ बताया. उनका कहना है कि खरीद की सीमा, फसल सत्यापन और भुगतान जैसी समस्याओं का जल्द समाधान होना चाहिए, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में दिक्कत न हो. (PTI)
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