
रायपुर स्थित राज्य के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी एग्रीकल्चर के एक और प्रश्नपत्र के लीक होने का मामला सामने आया है. विश्वविद्यालय ने इस मामले में पुलिस जांच की मांग की है. इससे पहले बीएससी एग्रीकल्चर के दो विषयों की परीक्षाएं प्रश्नपत्र लीक होने के बाद रद्द की जा चुकी हैं. अब नया मामला फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स विषय के प्रश्नपत्र से जुड़ा है. APB-5121 फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स की परीक्षा 19 अगस्त को 28 कृषि महाविद्यालयों में आयोजित की गई थी. आरोप है कि इस परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो गया था.
विश्वविद्यालय की शिकायत के अनुसार, बुधवार को एक राष्ट्रीय हिंदी अखबार में खबर छपने होने के बाद मामले की जानकारी सामने आई. अखबार के एक पत्रकार ने विश्वविद्यालय के सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी को वाॅट्सऐप के जरिए प्रश्नों और उनके जवाबों वाली एक पीडीएफ भी भेजी. विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की. समिति ने शुरुआती जांच के दौरान एक कृषि महाविद्यालय को भेजे गए प्रश्नपत्रों के लिफाफों का निरीक्षण किया, जिन्हें बाद में विश्वविद्यालय को वापस भेजा गया था.
विश्वविद्यालय के अनुसार, शुरुआती जांच में लिफाफों में छेड़छाड़ के संकेत मिले. फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स के प्रश्नपत्र वाले लिफाफे में भी ऐसे संकेत पाए गए, जो पहले के प्रश्नपत्र लीक मामले में मिले संकेतों के समान थे.
विश्वविद्यालय ने अखबार की खबर की प्रति, कथित तौर पर लीक हुए प्रश्नों और जवाबों वाली पीडीएफ, मूल प्रश्नपत्र और जांच समिति की रिपोर्ट तेलीबांधा पुलिस को सौंप दी है. पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की जांच की जा रही है.
यह घटनाक्रम इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की परीक्षाओं से जुड़े प्रश्नपत्र लीक के कई मामलों के बीच सामने आया है. 22 अगस्त को पुलिस ने छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के एक निजी कॉलेज के एक प्रोफेसर और पांच छात्रों को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्रश्नपत्र लीक मामले में गिरफ्तार किया था.
एंटोमोलॉजी की परीक्षा, जो बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष का विषय है, 20 अगस्त को आयोजित होनी थी. परीक्षा के दिन सुबह प्रश्नपत्र लीक होने की जानकारी सामने आने के बाद इसे रद्द कर दिया गया था.
24 अगस्त को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने बीएससी एग्रीकल्चर प्रथम वर्ष की प्लांट पैथोलॉजी परीक्षा भी रद्द कर दी थी. यह परीक्षा 7 अगस्त को आयोजित हुई थी. अलग मामले में पुलिस जांच में प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि के बाद विश्वविद्यालय ने यह फैसला लिया था. (पीटीआई)