
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV), रायपुर ने बीएससी एग्रीकल्चर फर्स्ट ईयर के प्लांट पैथोलॉजी विषय की 7 अगस्त को हुई परीक्षा रद्द कर दी है. पुलिस जांच में सामने आया कि परीक्षा में इस्तेमाल किया गया प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही लीक हो गया था. अब इस विषय की दोबारा परीक्षा सितंबर के पहले हफ्ते में कराई जाएगी. विश्वविद्यालय के अधिकारियों के मुताबिक, 20 अगस्त को बीएससी एग्रीकल्चर सेकंड ईयर के एंटोमोलॉजी विषय का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले की जांच के दौरान प्लांट पैथोलॉजी के पेपर लीक होने की जानकारी सामने आई. एंटोमोलॉजी पेपर लीक मामले में दुर्ग के एक निजी कॉलेज के प्रोफेसर समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया था.
मामले के सामने आने के बाद IGKV के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल की अध्यक्षता में आपात बैठक बुलाई गई. इसमें प्लांट पैथोलॉजी की परीक्षा निरस्त करने और सितंबर के पहले हफ्ते में दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया. इसी दौरान लीक हुए एंटोमोलॉजी पेपर की पुनर्परीक्षा भी कराई जाएगी.
विश्वविद्यालय ने दुर्ग स्थित भारतीय कृषि कॉलेज को परीक्षा प्रश्नपत्र की गोपनीयता बनाए रखने में कथित लापरवाही को लेकर नोटिस जारी किया है. कॉलेज के खिलाफ आगे की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है. इसके अलावा एंटोमोलॉजी और प्लांट पैथोलॉजी की परीक्षाओं के लिए नियुक्त पर्यवेक्षकों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं.
अधिकारियों ने कहा कि 20 अगस्त के पेपर लीक मामले में रायपुर पुलिस की हिरासत में लिए गए कॉलेज के छात्रों के खिलाफ भी विश्वविद्यालय स्तर पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. विश्वविद्यालय ने परीक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से लेने की बात कही है.
एंटोमोलॉजी का पेपर लीक होने के बाद विश्वविद्यालय ने परीक्षा प्रश्नपत्र भेजने की व्यवस्था में बदलाव किया है. 22 अगस्त की बीएससी परीक्षाओं के लिए कॉलेजों को प्रश्नपत्र की भौतिक प्रतियां भेजने के बजाय पासवर्ड से सुरक्षित ईमेल के जरिए पेपर उपलब्ध कराया गया. सुबह 10 बजे होने वाली परीक्षा का प्रश्नपत्र कॉलेजों को 9.30 बजे भेजा गया.
अधिकारी ने कहा कि आगे होने वाली परीक्षाओं में भी यही व्यवस्था लागू रहेगी. विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग और संबद्ध कॉलेजों के परीक्षा कक्षों में CCTV कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी. इसके साथ ही प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और परीक्षा प्रक्रिया की सुरक्षा मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर भी विचार किया जा रहा है.
IGKV ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में सुरक्षा, पारदर्शिता और प्रश्नपत्रों की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं. विश्वविद्यालय का लक्ष्य भविष्य में प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए पूरी परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना है. (पीटीआई)