
नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मची तबाही के बीच, उत्तर प्रदेश में तैयारियां तेज कर दी गई हैं. इसी क्रम में बुधवार को नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती महाराजगंज और कुशीनगर जिलों में सतर्कता बढ़ा दी गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल में भीषण बाढ़ से हुई क्षति को अत्यंत चिंताजनक बताते हुए महाराजगंज और कुशीनगर में स्थानीय प्रशासन को सभी जरूरी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
दरअसल, नेपाल में बाढ़ के प्रभाव से महाराजगंज और कुशीनगर में गंडक एवं नारायणी नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है. इसे लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय प्रशासन को नदियों के जलस्तर पर नजर रखते हुए पूरी सतर्कता बरतने को कहा है. उन्होंने कहा है कि नेपाल में आई बाढ़ से हुई क्षति अत्यंत चिंताजनक है. वहीं, भगवान पशुपतिनाथ से सभी के सकुशल रहने की प्रार्थना की है.
जलशक्ति मंत्रालय ने भारत-नेपाल सीमा के पास गंडक नदी के किनारे स्थित उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्क रहने की सलाह दी है. मंत्रालय ने कहा है कि नेपाल में आई बाढ़ का असर अगले कुछ समय में निचले क्षेत्रों में दिखाई दे सकता है, इसलिए हालात पर लगातार नजर रखने की जरूरत है. रिपोर्टों के मुताबिक इस आपदा में अब तक 22 लोगों की मौत की खबर है, जबकि बड़ी संख्या में लोग लापता हैं.
योगी सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन पूरी तरह सतर्क रहें. प्रशासन ने अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल सरकारी और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की सलाह दी है. संभावित बाढ़ को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रखा गया है.
उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय ने नेपाल में आई बाढ़/त्रासदी के कारण यदि कोई उत्तर प्रदेश का नागरिक वहां फंसा हुआ है या उसे किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता है, तो उसके परिजन तत्काल 1070 पर संपर्क करें.
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