400 कंटेनर केले सड़े, 200 कंटेनर सेब खराब, ईरान युद्ध से Nitin Gadkari को बड़ा नुकसान

400 कंटेनर केले सड़े, 200 कंटेनर सेब खराब, ईरान युद्ध से Nitin Gadkari को बड़ा नुकसान

अमेरिका और ईरान की जंग ने केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के परिवार के व्यापार को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया है. नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने खुद बताया कि ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के कारण उनके परिवार के सैकड़ों केले और सेब का कंटेनर बीच रास्ते में फंस गए हैं.

Nitin Gadkari slams caste politics, says fuel prices same for allNitin Gadkari slams caste politics, says fuel prices same for all
क‍िसान तक
  • Nagaur,
  • May 18, 2026,
  • Updated May 18, 2026, 3:36 PM IST

मिडिल-ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर भारतीय व्यापार पर भी साफ दिखने लगा है. इस बीच एक चौंकाने वाली बात सामने आई है. दरअसल केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के परिवार का बिजनेस भी इस संकट से प्रभावित हुआ है.  नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने खुद बताया कि ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के कारण उनके परिवार के सैकड़ों केले और सेब का कंटेनर बीच रास्ते में फंस गए हैं. इन कंटेनरों की समय पर डिलीवरी न हो पाने से व्यापार को बड़ा झटका लगा है और करोड़ों रुपये का नुकसान भी उठाना पड़ा है.

नितिन गडकरी के इस खुलासे ने यह साफ कर दिया कि अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर सिर्फ देशों तक ही नहीं, बल्कि आम और बड़े व्यापारिक परिवारों तक भी पहुंच रहा है, जिससे सप्लाई चेन और कारोबार दोनों पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है.

बहू के डिटर्जेंट का बिजनेस हुआ चौपट

नितिन गडकरी ने कहा कि मैं शुगर से डिटर्जेंट बनाता हूं. ये पूरा काम मेरी बहू देखती है. हमारे बनाए डिटर्जेंट के करीब 100 कंटेनर हर महीने अमेरिका जाते थे. लेकिन जैसे ही वहां युद्ध शुरू हुआ, कंटेनरों का जाना पूरी तरह बंद हो गया. इससे पूरा धंधा चौपट हो गया. उन्होंने आगे बताया कि इस संकट के बाद उन्होंने हार नहीं मानी. उन्होंने लोकल मार्केट में माल देना शुरू किया और काफी स्ट्रगल किया.

बेटे का 400 कंटेनर केला हुआ खराब

डिटर्जेंट बिजनेस के साथ-साथ गडकरी के बेटे का भी इंटरनेशनल बिजनेस पर भी मिडिल-ईस्ट जंग का भारी असर पड़ा है. नितिन गडकरी ने बताया कि उनके बेटे का ईरान के साथ बहुत बड़ा व्यापार है. इस व्यापार के तहत भारत से भारी मात्रा में केले ईरान एक्सपोर्ट किए जाते थे, जबकि वहां से सेब भारत इंपोर्ट होते थे. लेकिन जैसे ही दोनों देशों के बीच युद्ध छिड़ा, पूरी सप्लाई चेन पूरी तरह ठप हो गई. इस रुकावट की वजह से रास्ते में फंसे 400 कंटेनर केले सड़ गए और ईरान से आ रहे 200 कंटेनर सेब भी पूरी तरह खराब हो गए. गडकरी ने इस दौरान बीमा कंपनियों पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि इस भारी नुकसान के बावजूद इंश्योरेंस वाले पैसे देने में आनाकानी कर रहे हैं.

गडकरी ने बढ़ाया बिजनेसमैन्स का हौसला

पारिवारिक बिजनेस में करोड़ों का नुकसान झेलने के बाद भी नितिन गडकरी ने बिजनेसमैन्स का हौसला भी बढ़ाया. उन्होंने कहा कि चुनौतियां हर बिजनेस का एक जरूरी हिस्सा होती हैं. बिजनेस वर्ल्ड में इस तरह के उतार-चढ़ाव लगातार आते रहते हैं. इसलिए उन्हें घबराने के बजाय हमेशा सकारात्मक सोच और आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ते रहना चाहिए. (योगेश वसंत पांडे की रिपोर्ट)

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