महाराष्ट्र में सूखे जैसे हालात में प्रशासन का अलर्ट, अधिकारियों की छुट्टियों पर लगी रोक

महाराष्ट्र में सूखे जैसे हालात में प्रशासन का अलर्ट, अधिकारियों की छुट्टियों पर लगी रोक

महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में लंबे समय से बारिश नहीं होने से सूखे जैसे हालात बन गए हैं. फसल नुकसान, पानी और चारे की समस्या को देखते हुए प्रशासन ने राहत कार्य तेज कर दिए हैं. सूखे से जुड़े कामों को प्राथमिकता देने के लिए अधिकारियों की छुट्टियों पर रोक लगाई गई है और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर भी पाबंदी है.

सूखे जैसे हालात में प्रशासन का अलर्टसूखे जैसे हालात में प्रशासन का अलर्ट
क‍िसान तक
  • New Delhi,
  • Sep 25, 2026,
  • Updated Sep 25, 2026, 12:29 PM IST

महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण सूखे जैसे हालात बन गए हैं. फसलों पर संकट को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत और बचाव से जुड़े कामों को तेज कर दिया है. कई हिस्सों में सूखे जैसे हालात को देखते हुए अधिकारियों ने राहत कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए अहम विभागों के अधिकारियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी है. जिला प्रशासन ने राजस्व, कृषि, ग्रामीण विकास, शहरी विकास, बिजली, पशुपालन, जल संसाधन, जल संरक्षण, सहकारिता और भूमि रिकॉर्ड विभाग के अधिकारियों को सूखे से जुड़े कामों पर विशेष ध्यान देने को कहा है. अधिकारियों को फसल नुकसान का आकलन करने, किसानों की समस्याओं को दूर करने, पानी और चारे की जरुरतों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं.

बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर रोक

प्रशासन ने अधिकारियों को बिना पूर्व अनुमति के अपना मुख्यालय नहीं छोड़ने का निर्देश दिया है. साथ ही, अगर किसी अधिकारी को छुट्टी की जरूरत है तो उसे पहले जिला कलेक्टर से अनुमति लेनी होगी. बहुत जरूरी स्थिति को छोड़कर बिना अनुमति छुट्टी लेने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है. गुरुवार को जारी सर्कुलर में जिला कलेक्टर राहुल कार्डिले ने अधिकारियों से कहा कि सूखे से निपटना, फसल नुकसान का आकलन करना, कृषि कर्ज के पुनर्गठन और किसानों को राहत पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है.

पानी और चारे की कमी की चिंता

लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण जिले के कई इलाकों में खेती पर असर पड़ रहा है. किसानों को फसल खराब होने की चिंता है. इसके साथ ही आने वाले समय में पीने के पानी और पशुओं के लिए चारे की समस्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है. प्रशासन ने पानी की उपलब्धता, चारे की स्थिति और फसल नुकसान पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं. जरूरत के मुताबिक प्रभावित इलाकों में राहत के कदम उठाने की तैयारी की जा रही है.

25 सितंबर को राहत पर आदेश

महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि किसानों को तत्काल राहत देने के लिए 25 सितंबर को आदेश जारी किया जाएगा. इसके लिए एक कैबिनेट उप-समिति भी बनाई गई है. राजस्व मंत्री चंद्रकांत बावनकुले की अध्यक्षता वाली यह समिति राज्य में सूखे जैसे हालात की निगरानी करेगी और राहत उपायों को लेकर सिफारिश करेगी.  मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी स्थिति को गंभीर बताया है. वाशिम जिले के सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद उन्होंने कहा कि सरकार केंद्र से मिलने वाली मदद का इंतजार किए बिना राज्य के सूखा राहत कोड के 'ट्रिगर 1' के तहत किसानों को सहायता देने की तैयारी कर रही है. इससे साफ है कि सरकार फिलहाल बारिश की कमी से प्रभावित किसानों को राहत देने और पानी, चारा और फसल नुकसान से जुड़ी समस्याओं पर तेजी से काम करने की तैयारी में है. (PTI)

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