Crop Survey: महाराष्‍ट्र के नांदेड़ में ई-क्रॉप सर्वे में गड़बड़ी! सर्वे असिस्‍टेंट के खिलाफ केस दर्ज

Crop Survey: महाराष्‍ट्र के नांदेड़ में ई-क्रॉप सर्वे में गड़बड़ी! सर्वे असिस्‍टेंट के खिलाफ केस दर्ज

महाराष्ट्र के नांदेड जिले के सोमठाणा गांव में ई-क्रॉप सर्वे में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया है. जिला कलेक्टर के निर्देश पर कंधार तहसीलदार की कार्रवाई के बाद सर्वे सहायक के खिलाफ केस दर्ज किया गया.

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Crop Survey: महाराष्‍ट्र के नांदेड़ में ई-क्रॉप सर्वे में गड़बड़ी! सर्वे असिस्‍टेंट के खिलाफ केस दर्जफसल सर्वे अस्टिेंट के खिलाफ केस दर्ज (AI Image)

महाराष्ट्र के नांदेड जिले के सोमठाणा गांव में ई-क्रॉप सर्वे के दौरान कथित अनियमितता सामने आने पर एक सर्वे सहायक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. अधिकारियों के मुताबिक, सर्वे के दौरान फसलों की वास्तविक स्थिति दर्ज करने के बजाय गलत एंट्री की गई और एडिट की गई तस्वीरें अपलोड करने का आरोप है. अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान पाया कि खेत में मौजूद वास्तविक फसलों की तस्वीरें लेने के बजाय कथित तौर पर 'फोटो-ओवर-फोटो' यानी PIP तरीके से तस्वीरें अपलोड की गई थीं. ई-क्रॉप सर्वे की निर्धारित प्रक्रिया के तहत अधिकारियों को खेतों का भौतिक निरीक्षण करने के बाद फसल की तस्वीरें और उससे जुड़ी जरूरी जानकारी डिजिटल सिस्टम पर दर्ज करनी होती है.

सरकारी रिकॉर्ड प्रभावित करने का आरोप

जांच के दौरान सर्वे एंट्री में भी गड़बड़ी पाए जाने की बात सामने आई. अधिकारियों के अनुसार, पूरी प्रक्रिया के जरिए सरकार को गलत जानकारी देने की कथित कोशिश की गई. मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए.

कंधार तहसीलदार के निर्देश पर कार्रवाई

जिला कलेक्टर के निर्देश के बाद कंधार तहसीलदार ने गांव के राजस्व अधिकारी के माध्यम से मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कराई. इसके बाद ई-क्रॉप सर्वे सहायक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. अधिकारियों ने बताया कि मामले में निर्धारित प्रक्रिया के उल्लंघन की जांच के आधार पर कार्रवाई की गई है.

महाराष्ट्र में लागू है डिजिटल क्रॉप सर्वे सिस्टम

महाराष्ट्र में पुराने मैनुअल सेल्फ-सर्वे की व्यवस्था की जगह अब एकीकृत केंद्रीय डिजिटल क्रॉप सर्वे यानी DCS प्रणाली का इस्तेमाल किया जा रहा है. इस व्यवस्था में फसल से जुड़ी जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज की जाती है और संबंधित रिकॉर्ड सीधे भूमि के 7/12 उतारे से जोड़ा जाता है.

फसल लोन और मुआवजे में भी इस्तेमाल होता है डेटा

ई-क्रॉप सर्वे में दर्ज जानकारी का इस्तेमाल किसानों से जुड़े कई सरकारी कार्यों में किया जाता है. इसमें फसल ऋण, प्राकृतिक आपदा के दौरान मुआवजा, कृषि सब्सिडी और फसल बीमा दावों की प्रक्रिया शामिल है. ऐसे में सर्वे में दर्ज फसल और तस्वीरों की शुद्धता सरकारी योजनाओं के लाभ और दावों के निपटारे के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है.

बता दें कि राज्‍य में बुधवार से सूखा ग्रसित क्षेत्रों में फसलों के पंचनामे का काम शुरू हो चुका है. मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, डिप्‍टी सीएम एकनाथ शिंदे ने अलग-अलग जिलों में खेतों का दौरा कर किसानों से बातचीत की. सीएम ने किसानों को मदद का आश्‍वासन दिया. वहीं, डिप्‍टी सीएम ने कहा कि किसानों की दीपावली काली नहीं जाएगी, उन्‍हें जल्‍द उचित सहायता मिलेगी. (पीटीआई)

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