
महाराष्ट्र फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने गुरुवार, 20 अगस्त को लोगों से खुला या बिना सील वाला खाने का तेल न खरीदने को कहा, क्योंकि यह असुरक्षित होता है. PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंढे ने बताया कि मिलावट जैसी गड़बड़ियां पाए जाने के बाद इस सेक्टर के लिए एक कंप्लायंस ऑर्डर (अनुपालन आदेश) जारी किया गया है.
मई में पद संभालने के बाद से, मुंढे ने फूड सेफ्टी और साफ-सफाई में कमी को दूर करने के लिए पूरे राज्य में एक जोरदार अभियान शुरू किया है.
उन्होंने कहा, "खुला या बिना सील वाला तेल असुरक्षित होता है. इसमें न तो बैच नंबर होता है और न ही इसके स्रोत के बारे में कोई जानकारी होती है, जिससे इसका पता लगाना और कार्रवाई करना मुश्किल हो जाता है. खुला खाने का तेल न खरीदें. अगर आप पैक्ड तेल खरीदते हैं, तो लेबल, मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट जरूर देखें और पक्का करें कि पैकेट ठीक से सील हो. पुराने या दोबारा इस्तेमाल किए गए पैकेजिंग में पैक किया गया तेल न खरीदें."
रिपोर्ट्स के अनुसार, 'सेफ फूड, सेफ महाराष्ट्र' अभियान का अगला मुख्य फोकस खाने का तेल होगा. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें उम्रकैद और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना शामिल है.
उन्होंने कहा, "पिछले साल हमने खाने के तेल के लगभग 1247 सैंपल लिए थे, जिनमें से 1142 मानक के अनुसार थे, 77 सब-स्टैंडर्ड (घटिया क्वालिटी) थे, 13 असुरक्षित थे और 15 मिसब्रांडेड थे. कुल स्टॉक 3,20,781 किलोग्राम था और इसकी कीमत 5,31,00,000 रुपये थी. तो ये पिछले साल के नतीजे हैं. यह पिछले साल का डेटा है. हमने उसी हिसाब से कार्रवाई बढ़ाई है. और यह कंप्लायंस ऑर्डर इस दिशा में अगला और मजबूत कदम है, ताकि लोगों को सुरक्षित खाने का तेल मिल सके - न तो मिसब्रांडेड, न असुरक्षित और न ही सब-स्टैंडर्ड. इसे लागू करना जरूरी है."
मुंढे ने बताया कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने खाने के तेल के उत्पादन, बिक्री और इस्तेमाल के लिए नियम तय किए हैं, लेकिन अधिकारियों को इन नियमों का गंभीर उल्लंघन देखने को मिला है.