
खनौरी बॉर्डर पर किसानों की प्रस्तावित शांतिपूर्ण पदयात्रा से पहले माहौल गरमा गया है. दातासिंहवाला गांव से किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ समेत अन्य किसान नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है. संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के आह्वान पर किसान दिल्ली के जंतर-मंतर तक पदयात्रा निकालने की तैयारी में हैं. किसानों का कहना है कि वे बिना किसी टकराव के लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं.
पदयात्रा शुरू होने से पहले ही पुलिस ने दातासिंहवाला गांव से किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ समेत कुछ अन्य किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया. किसानों की पदयात्रा को देखते हुए हरियाणा-पंजाब सीमा पर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. इससे पहले प्रशासन की ओर से खनौरी बॉर्डर के रास्ते को भी बंद किया गया है और बैरिकेडिंग की गई है. किसान संगठनों का कहना है कि उनका मकसद किसी तरह का विवाद या टकराव पैदा करना नहीं है. वे अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली तक ले जाना चाहते हैं.
भारतीय किसान यूनियन सिद्धूपुर के जनरल सचिव काका सिंह कोटड़ा ने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों से किसान ‘देश बचाओ किसान यात्रा’ में शामिल होने के लिए खनौरी पहुंच रहे हैं. उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) की अगुवाई में यह यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगी. काका सिंह कोटड़ा के मुताबिक, पहले पदयात्रा का कार्यक्रम सुबह करीब 11 बजे रखा गया था, लेकिन केंद्र और हरियाणा सरकार की ओर से रात से ही नेशनल हाईवे बंद किए जाने के कारण कार्यक्रम के समय में बदलाव करना पड़ा.
किसान नेता काका सिंह कोटड़ा ने सरकारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर केवल 51 किसान शांतिपूर्ण तरीके से जंतर-मंतर जाकर अपनी मांगें रखना चाहते हैं, तो सरकार को उनसे किस बात का खतरा है. उनका कहना है कि किसान न तो हिंसा चाहते हैं और न ही किसी तरह का विवाद. वे संविधान के दायरे में रहकर अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं.
किसानों की प्रमुख मांगों में भारत-अमेरिका ट्रेड डील, न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP की कानूनी गारंटी और खनौरी आंदोलन से जुड़ी लंबित मांगें शामिल हैं. किसान संगठनों का कहना है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील का किसानों और कृषि क्षेत्र पर क्या असर पड़ेगा, इसे लेकर सरकार को किसानों की चिंताओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए. किसान नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार की ओर से ठोस समाधान नहीं किया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा. फिलहाल खनौरी के गुरुद्वारा साहिब में किसानों का जुटना जारी है. (कुलवीर सिंह की रिपोर्ट)