बाड़मेर में ट्रांसमिशन लाइन मुआवजे को लेकर किसानों का उग्र प्रदर्शन, महिला किसानों की पुलिस से झड़प

बाड़मेर में ट्रांसमिशन लाइन मुआवजे को लेकर किसानों का उग्र प्रदर्शन, महिला किसानों की पुलिस से झड़प

राजस्थान के बाड़मेर जिले के बायतु क्षेत्र में 765 केवी ट्रांसमिशन लाइन के मुआवजे को लेकर किसानों का प्रदर्शन उग्र हो गया. कलेक्ट्रेट कूच के दौरान महिला किसानों और पुलिस के बीच झड़प, किसान हाईवे पर धरने पर बैठे.

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क‍िसान तक
  • Barmer,
  • Feb 10, 2026,
  • Updated Feb 10, 2026, 7:46 PM IST

राजस्थान के बाड़मेर जिले के बायतु विधानसभा क्षेत्र में उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब मुआवजे की मांग को लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय की ओर कूच कर रहे किसानों को पुलिस ने निंबानियों की ढाणी टोल प्लाजा के पास रोक दिया. आंदोलन तब उग्र हो गया जब महिलाएं जबरदस्ती पैदल पैदल ही बाड़मेर की तरफ बढ़ने लगीं. इस दौरान महिलाओं और महिला पुलिसकर्मियों के बीच तीखी झड़प और धक्का-मुक्की हो गई. इसमें महिलाएं पुलिस का सुरक्षा घेरा तोड़कर आगे बढ़ गईं.

दरसअल, ​बायतु के कई गांवों में 765 केवी की डबल ट्रांसमिशन लाइन बिछाई जा रही है जो किसानों के खेतों से होकर निकल रही है. किसानों का आरोप है कि निजी कंपनी पुलिस प्रशासन की सह पर उन्हें डरा-धमका रही है और नाममात्र का मुआवजा देकर जबरन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करवाए जा रहे हैं.

किसानों ने किया कलेक्ट्रेट कूच

किसानों का कहना है कि पिछले दिनों विरोध करने वाले कुछ किसानों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. इसके बाद एसडीएम ने सोमवार को वार्ता का आश्वासन दिया था. लेकिन, किसी के न आने पर किसानों ने कलेक्ट्रेट कूच का निर्णय लिया.

​किसानों की स्पष्ट मांग है कि उन्हें प्रति टावर 15 लाख रुपये का समान मुआवजा दिया जाए. वर्तमान में प्रशासन और कंपनी द्वारा अलग-अलग किसानों को मुआवजे के रूप में अलग-अलग और बहुत कम राशि दी जा रही है जिसे किसान अपने साथ अन्याय मान रहे हैं.

हाईवे पर ही धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मुआवजा राशि बढ़ाकर एक समान नहीं की जाती, वे अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे.

वीडियो सोशल मीडिया में वायरल

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में टोल प्लाजा पर पुलिस और महिलाओं के बीच हुए संघर्ष से साफ देखा जा सकता है. पुलिस द्वारा रास्ता रोके जाने के बाद किसान अब नेशनल हाईवे पर ही पड़ाव डालकर बैठ गए हैं.

उपखंड अधिकारी (SDM) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सहित प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाने और वार्ता करने का प्रयास कर रहे हैं.(दिनेश बोहरा का इनपुट)

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