उत्तर प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर की 10 बड़ी परियोजनाओं को मिली मंजूरी, किसानों की ऐसे बढ़ेगी आय

उत्तर प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर की 10 बड़ी परियोजनाओं को मिली मंजूरी, किसानों की ऐसे बढ़ेगी आय

Food Processing: डिप्टी सीएम मौर्य ने उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत उपलब्ध प्रोत्साहनों, अनुदानों एवं निवेश सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक उद्यमी प्रदेश में निवेश के लिए आगे आएं तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके.

farmer income will rise in uttar pradesh 10 food processing sector big projects approvedखाद्य प्रसंस्करण में निवेश से किसानों की आय बढ़ेगीfarmer income will rise in uttar pradesh 10 food processing sector big projects approvedखाद्य प्रसंस्करण में निवेश से किसानों की आय बढ़ेगी
क‍िसान तक
  • LUCKNOW,
  • Jun 12, 2026,
  • Updated Jun 12, 2026, 8:06 AM IST

उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जो किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन तथा युवाओं के लिए व्यापक रोजगार अवसर उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग एक प्रभावी माध्यम सिद्ध होगा. मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार औद्योगिक विकास एवं हरित ऊर्जा को समान प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रही है। सौर ऊर्जा आधारित औद्योगिक मॉडल भविष्य की आवश्यकता है, जो उद्योगों को लागत में राहत देने के साथ आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाने में सहायक सिद्ध होगा.

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार

डिप्टी सीएम मौर्य ने उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत उपलब्ध प्रोत्साहनों, अनुदानों एवं निवेश सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक उद्यमी प्रदेश में निवेश के लिए आगे आएं तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके. इसी क्रम में अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग बीएल मीणा की अध्यक्षता में खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय में गठित एप्रेजल समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक में ऑनलाइन पोर्टल पर प्राप्त 10 निवेश प्रस्तावों की विस्तृत समीक्षा एवं परीक्षण किया गया तथा निर्धारित शर्तों के साथ उन्हें स्वीकृति के लिए संस्तुत किया गया.

आधुनिक राइस मिल, मसाला एवं कृषि उत्पाद

स्वीकृत प्रस्तावों में सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना, आधुनिक राइस मिल, मसाला एवं कृषि उत्पाद प्रसंस्करण इकाइयां तथा मेकरोनी, पास्ता, नूडल्स एवं अन्य पैकेज्ड खाद्य उत्पाद निर्माण इकाइयां शामिल हैं. इन परियोजनाओं से प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को नई गति मिलने के साथ उत्पादन क्षमता वृद्धि, ऊर्जा दक्षता और स्थानीय कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा.

540 यूनिट्स को मिल चुका है लाभ

अपर मुख्य सचिव बीएल. मीणा ने बताया कि अब तक योजना के अंतर्गत लगभग 540 यूनिट्स को लाभान्वित किया जा चुका है, जिनमें से लगभग 130 इकाइयों में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं अथवा स्थापना प्रक्रिया में हैं. बैठक में बताया गया कि राइस मिल, ऑयल मिल, फ्लोर मिल, कैटल फीड इकाइयों, आरटीसी प्लांट, मशरूम उत्पादन एवं बेकरी प्लांट सहित विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों में ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम को प्रोत्साहित किया जा रहा है.

इससे ऊर्जा लागत में कमी आने के साथ पर्यावरण संरक्षण एवं कार्बन उत्सर्जन नियंत्रण के लक्ष्य को भी बल मिलेगा. अंत में समिति द्वारा निवेशकों को निर्धारित समय-सीमा एवं शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. 

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