महाराष्ट्र में किसान आंदोलन की तैयारी! राकेश टिकैत बोले- 10 अगस्त तक एकजुट हों किसान

महाराष्ट्र में किसान आंदोलन की तैयारी! राकेश टिकैत बोले- 10 अगस्त तक एकजुट हों किसान

महाराष्ट्र के जलगांव पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत ने किसानों की कर्ज, फसल के उचित दाम और MSP से जुड़ी समस्याओं को लेकर सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि किसानों को MSP की कानूनी गारंटी मिलनी चाहिए और छोटे किसान संगठनों को एकजुट होकर आंदोलन करना होगा.

 Rakesh Tikait Rakesh Tikait
क‍िसान तक
  • Jalgaon,
  • Aug 08, 2026,
  • Updated Aug 08, 2026, 1:48 PM IST

महाराष्ट्र के जलगांव पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत ने किसानों की स्थिति को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में किसानों की हालत बेहद खराब है और किसान कर्ज, फसल के उचित दाम और बीमा जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं. टिकैत ने कहा कि अगर किसानों की मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो छोटे छोटे किसान संघटनों को जुटाकर 10 अगस्त तक बड़ा किसान आंदोलन करने की जरूरत है.

राकेश टिकैत ने कहा कि महाराष्ट्र में किसान आत्महत्या की घटनाएं चिंता का विषय हैं. उनके मुताबिक, कई किसानों की जमीन गिरवी है और उनके सिर पर अलग-अलग तरह के कर्ज का बोझ है. उन्होंने कहा कि अभी करीब 50 हजार रुपये तक की कर्जमाफी से किसानों को पूरी राहत नहीं मिल रही है. किसानों को एकमुश्त और बड़े कर्जमाफी की जरूरत है.

कपास किसानों को नहीं मिल रहा उचित दाम

किसान नेता राकेश टिकैत ने महाराष्ट्र में कपास किसानों की स्थिति का भी मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में किसान कपास की खेती करते हैं, लेकिन उन्हें फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा है. उन्होंने आशंका जताई कि अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील का असर भी किसानों पर पड़ सकता है. टिकैत ने कहा कि अगर किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम नहीं मिला तो उनकी आर्थिक स्थिति और खराब होगी. उन्होंने सरकार से MSP की कानूनी गारंटी देने की मांग की.

कर्जमाफी से ज्यादा जरूरी MSP गारंटी

राकेश टिकैत ने कहा कि देश के किसानों को एक बार में कर्जमाफी देने के साथ-साथ फसलों का उचित दाम सुनिश्चित करना जरूरी है. उन्होंने दावा किया कि बिहार में किसानों को MSP से कम कीमत पर फसल बेचने से करीब एक लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है. इसी तरह उन्होंने महाराष्ट्र में यह नुकसान करीब दो लाख करोड़ रुपये तक होने का दावा किया. टिकैत ने कहा कि अगर किसानों को MSP की कानूनी गारंटी मिल जाए तो बार-बार कर्जमाफी की जरूरत ही नहीं पड़ेगी. किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिलेगा तो वे खुद अपना कर्ज चुकाने की स्थिति में आ सकेंगे.

फसल बीमा व्यवस्था पर भी सवाल

टिकैत ने फसल बीमा कंपनियों की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में किसानों को बीमा से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और कई जगह बीमा कंपनियों के स्थानीय कार्यालय तक नहीं हैं. उन्होंने सरकार और बीमा कंपनियों के बीच मिलीभगत के आरोप भी लगाए, हालांकि ये उनके आरोप हैं.

छोटे संगठनों को एकजुट होने की अपील

राकेश टिकैत ने कहा कि महाराष्ट्र में कई छोटे-छोटे किसान संगठन हैं, लेकिन उन्हें एकजुट करने के लिए मजबूत नेतृत्व की जरूरत है. उन्होंने किसानों और संगठनों से मिलकर आंदोलन खड़ा करने की अपील की. टिकैत ने कहा कि MSP की कानूनी गारंटी, किसानों की कर्जमाफी और फसल के उचित दाम जैसे मुद्दों को लेकर देशभर में आंदोलन होना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का विरोध लोकतांत्रिक तरीके से किया जाना जरूरी है और विपक्ष को भी संसद में किसानों के मुद्दे मजबूती से उठाने चाहिए. टिकैत ने कहा कि अगर किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में आंदोलन और बड़ा हो सकता है. (मनीष शांताराम जोग की रिपोर्ट)

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