
हिंगोली में पिछले 2 सालों से फसल कर्ज मुक्ति समेत विभिन्न मांगों को लेकर किसान आंदोलन कर रहे हैं. इस बार सरकार का ध्यान खींचने के लिए किसानों ने हिंगोली के जिलाधिकारी कार्यालय के सामने अर्धनग्न आंदोलन किया है. बुधवार को यह किसान मुंबई मंत्रालय के बाहर आंदोलन करने वाले हैं. किसानों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मानती, तब आंदोलन जारी रहेगा.
किसानों का राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन
हिंगोली में पिछले तीन साल से कभी सूखे तो कभी गीले अकाल से हो रहे फसलों के नुकसान के कारण और बाजार में फसलों के गिरते दामों के कारण किसान परेशान हैं. किसानों ने बैंक से जो कर्ज लिया था वह भी वो चुका नहीं पा रहे हैं. इसलिए पिछले दो साल से हिंगोली के किसान फसल कर्ज मुक्ति, फसल बीमा, और सोयबीन, कपास की फसलों के दाम बढ़ाने को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं.
सरकार ने वादा पूरा नहीं किया
हालांकि सरकार किसानों की बात मानने को तैयार नहीं है. किसानों का आरोप है कि चुनाव के दौरान सरकार ने हमें वादा किया था कि हम सत्ता में आने के बाद आपको कर्ज से मुक्त कराएंगे लेकिन सरकार किसानों के लिए सिर्फ योजनाएं बना रही है. लेकिन असल में उसका लाभ किसानों को नहीं मिल रहा है. किसानों का आरोप है कि सरकार ने हमसे एक रुपये में फसलों का बीमा करवाया था. मगर अब तक उसकी भी हमें मदद नहीं मिली. इसलिए हम अब मुंबई मंत्रालय के सामने जानकर सरकार के खिलाफ अर्ध नग्न आंदोलन करने वाले हैं.
क्या है किसानों की मांगें...
महाराष्ट्र सरकार किसानों को कर्ज से मुक्त करें.
1 रुपये के बीमा का लाभ मिले.
सोयाबीन और कपास की फसलों का अच्छा भाव मिले.
जंगली जानवरों का बंदोबस्त किया जाए ताकि फसलों का नुकसान कम हो.
फसल कर्ज के लिए लग रहे सिबिल की शर्त खारिज की जाए.
रोजगार हमी के काम शुरू करें.
40 से भी ज्यादा किसान मुंबई में निकालेंगे मोर्चा
बुधवार को हिंगोली के 40 से भी ज्यादा किसान मुंबई में अर्ध नग्न होकर मंत्रालय पर मोर्चा निकालेंगे. इन किसानों ने महाराष्ट्र के सभी किसानों से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की है. अब यह देखना होगा कि क्या महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री किसानों की मांगों को पूरा करते हैं.