
एशिया की सबसे बड़ी फल और सब्जी मंडियों में शामिल दिल्ली की आजादपुर मंडी को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए सोमवार को व्यापक अभियान चलाया गया. कृषि उपज विपणन समिति, आजादपुर के प्रशासन ने मंडी के संवेदनशील इलाकों में अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई की. मंडी में यातायात व्यवस्था को सही करने और व्यापारिक गतिविधियों के लिए रास्तों को आसान बनाने के लिए मंडी प्रशासन ने यह एक्शन लिया. मंडी प्रशासन ने कहा कि पिछले अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद भी कुछ अनधिकृत वेंडरों और स्थानीय दुकानदारों ने मुख्य मार्गों पर फल, सब्जियां और अन्य सामान फैलाकर रास्तों को बाधित कर दिया था. इससे मालवाहक ट्रकों, व्यावसायिक वाहनों और पैदल खरीदारों को लंबे जाम का सामना करना पड़ रहा था.
अतिक्रमण हटाने के लिए एपीएमसी आजादपुर की प्रवर्तन शाखा, वरिष्ठ अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों की संयुक्त टीम ने सुबह मंडी के संवेदनशील हिस्सों में कार्रवाई की. इस दौरान सड़कों और सार्वजनिक रास्तों पर किए गए अवैध कब्जों को हटाकर मार्गों को साफ कराया गया.
कार्रवाई के दौरान जब्त की गई ताजी फल-सब्जियों को नष्ट करने के बजाय जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाने का फैसला किया गया. एपीएमसी प्रशासन ने इन्हें जहांगीरपुरी स्थित महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के प्रोजेक्ट "प्रयास चिल्ड्रन्स होम फॉर बॉयज" को सौंप दिया. इन खाद्य सामग्री का इस्तेमाल वहां रहने वाले बच्चों के दैनिक भोजन में किया जाना है.
अनाथालय को सौंपे गए सामान में 60 किलो सीताफल, 30 किलो पपीता, 40 किलो आलू, 50 किलो मूली, 80 किलो भिंडी, 40 किलो चीकू, 15 किलो करेला, 10 किलो परवल, 25 ग्राम आंवला, 50 किलो टमाटर और 10 किलो अदरक शामिल हैं. संस्था के अधिकृत अधिकारियों ने सामग्री मिलने की रसीद भी जारी की. मुख्य मार्गों से कब्जे हटाए जाने के बाद आजादपुर मंडी परिसर में वाहनों और लोगों की आवाजाही सामान्य हो गई. इससे पंजीकृत व्यापारियों और आढ़तियों को भी राहत मिली.
एपीएमसी आजादपुर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मंडी की सड़कों और सार्वजनिक रास्तों पर अवैध कब्जा या गंदगी फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. प्रशासन ने कहा कि औचक निरीक्षण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.
मंडी प्रशासन ने दोबारा अतिक्रमण करने वाले वेंडर या दुकानदार के खिलाफ भारी आर्थिक जुर्माने के साथ कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी भी दी है. आजादपुर मंडी के प्रमुख व्यापारी संघों ने प्रशासन की कार्रवाई की सराहना की और इस कदम को अपना पूरा समर्थन देने की बात कही है.