
देशभर में बढ़ती प्याज कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक से प्याज की आपूर्ति तेज कर दी है. सरकार ने रेलवे रेक यानी 'कांदा एक्सप्रेस' और सड़क परिवहन के हाइब्रिड मॉडल के जरिए प्रमुख खपत केंद्रों तक प्याज पहुंचाना शुरू कर दिया है. इसके तहत 24 अगस्त 2026 से NAFED और NCCF के माध्यम से बफर स्टॉक वाले प्याज की बिक्री शुरू की गई है.
सरकार की ओर से नासिक से भेजी गई पहली कांदा एक्सप्रेस 27 अगस्त की देर रात दिल्ली पहुंची. इस रेक में करीब 450 मीट्रिक टन प्याज लाया गया था. इसमें से 140 मीट्रिक टन प्याज को वाराणसी, लखनऊ, चंडीगढ़ और अमृतसर भेजा गया, जबकि बाकी प्याज दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में उपलब्ध कराया गया.
इसका मकसद उन शहरों में प्याज की उपलब्धता बढ़ाना है जहां हाल के दिनों में कीमतों में तेजी देखने को मिली थी.
सरकार की दूसरी कांदा एक्सप्रेस 31 अगस्त को चेन्नई पहुंची. इस ट्रेन में 840 मीट्रिक टन प्याज भेजा गया. तमिलनाडु सरकार इस प्याज को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के माध्यम से बेचने की तैयारी कर रही है. योजना के अनुसार राशन कार्डधारकों को जरूरत के आधार पर प्याज उपलब्ध कराया जाएगा.
रेलवे के अलावा सरकार ने सड़क मार्ग से भी प्याज की सप्लाई बढ़ाई है. करीब 1,000 मीट्रिक टन प्याज ट्रकों के जरिए देश के प्रमुख उपभोक्ता केंद्रों तक भेजा जा रहा है.
इसके लिए 30 से ज्यादा ट्रकों को रवाना किया गया है. दिल्ली, जयपुर, जम्मू, देहरादून, शिमला, अमृतसर, चंडीगढ़, कोलकाता, गुवाहाटी, लखनऊ, वाराणसी, पटना, भोजपुर, बिहारशरीफ, भुवनेश्वर, चेन्नई, मदुरै, त्रिशूर और कोच्चि समेत 19 शहरों में रिटेल बिक्री अभियान चलाया जा रहा है.
सरकार की ओर से NAFED, NCCF, केंद्रीय भंडार के आउटलेट और मोबाइल वैन के जरिए 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज बेचा जा रहा है. इसका उद्देश्य आम उपभोक्ताओं को राहत देना और बाजार में बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण पाना है.
अब तक कुल 669 मीट्रिक टन प्याज की बिक्री की जा चुकी है. इनमें 223 मीट्रिक टन प्याज e-NAM और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए थोक खरीदारों को बेचा गया, जबकि 446 मीट्रिक टन प्याज खुदरा चैनलों के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचा है.
सरकार का दावा है कि बफर स्टॉक से प्याज जारी किए जाने के बाद कई शहरों में कीमतों पर असर दिखना शुरू हो गया है. वाराणसी, अमृतसर, दिल्ली और आसपास के बाजारों में प्याज के दामों में नरमी दर्ज की गई है.
अधिकारियों के अनुसार बिक्री शुरू होने के अगले दिन से ही कीमतों में गिरावट देखने को मिली और आने वाले दिनों में अतिरिक्त आपूर्ति से बाजार में स्थिरता बने रहने की उम्मीद है.
सरकार ने यह भी बताया कि लगभग 3,400 प्याज किसानों को सीधे 210 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है. इससे किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हुआ है और बिचौलियों पर निर्भरता कम हुई है.
सरकार का कहना है कि वह एक तरफ किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध करा रही है, वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं को किफायती दर पर प्याज उपलब्ध कराने के लिए लगातार कदम उठा रही है. साथ ही रेलवे के जरिए बड़े पैमाने पर प्याज की ढुलाई के दौरान सुरक्षा और निगरानी के विशेष इंतजाम भी किए गए हैं ताकि आपूर्ति में किसी तरह की बाधा न आए.