Sugar Price: 20% तक टूटे चीनी रेट, बाजार में आएगी 3.5 लाख टन एक्स्ट्रा सप्लाई, जल्द होगी सस्ती

Sugar Price: 20% तक टूटे चीनी रेट, बाजार में आएगी 3.5 लाख टन एक्स्ट्रा सप्लाई, जल्द होगी सस्ती

देश में चीनी की कीमतों में जल्द बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है. सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के आयात को मंजूरी देने के साथ निर्यात के लिए रखी गई करीब 3 से 3.5 लाख टन रिफाइंड चीनी को घरेलू बाजार में उतारने का फैसला किया है. एक्स-मिल रेट में 20% तक की कमी आ चुकी है और जल्द ही इसका असर खुदरा बाजार में भी दिखाई देने की उम्मीद है.

क‍िसान तक
  • New Delhi,
  • Aug 27, 2026,
  • Updated Aug 27, 2026, 3:43 PM IST

देश में चीनी के दाम में तेजी से गिरावट आएगी. चीनी के एक्स मिल रेट घटने के बाद खुदरा बाजार में भी दाम गिरने की संभावना है. चीनी के रेट कम करने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है. दरअसल, चीनी रिफाइनरी को जितनी मात्रा में कच्ची चीनी मिलती है, खासकर इंपोर्ट से, उतनी मात्रा एक्सपोर्ट भी करना होता है. यह नियम पहले से चला आ रहा है. अब ऐसी सूचना है कि जो चीनी बाहर एक्सपोर्ट के लिए रखी गई है, उसे बहुत जल्द खुदरा बाजार में उतारा जाएगा. चीनी की यह मात्रा 3-3.5 लाख टन हो सकती है. इस कदम से सप्लाई दुरुस्त होगी और दाम में गिरावट दर्ज की जाएगी.

बीते हफ्ते सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी आयात को मंजूरी दी. इसके अलावा, चीनी प्रोसेस करने वाली फैक्ट्रियों को निर्देश दिया गया कि निर्यात के लिए रखी गई रिफाइंड चीनी को भी मार्केट में उतारा जाए. सरकार के इस फैसले से खुदरा बाजार में चीनी के भाव कम करने में मदद मिलेगी.

दाम घटाने के लिए कई उपायों पर काम

अधिकारियों और उद्योग से जुड़े जानकारों ने 'टाइम्स ऑफ इंडिया' को बताया कि मार्केट में बहुत जल्द 3 लाख टन प्रोसेस्ड चीनी उतारी जाएगी जिससे भाव में गिरावट आएगी. उसके बाद 10 लाख टन कच्ची चीनी के आयात से भी दाम घटाने में बड़ी मदद मिलेगी.

इस बीच, बीते 10 दिनों में चीनी के एक्स मिल रेट में 20 परसेंट तक कमी आई है. इंडस्ट्री के सूत्रों ने बताया कि बुधवार को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में चीनी का एक्स मिल रेट 48 रुपये किलो था जबकि उत्तर प्रदेश में 53 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया. 

एक अधिकारी ने कहा कि कुछ ही दिनों में एक्स-मिल कीमतें 48 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 58-60 रुपये प्रति किलो हो गईं, जिससे पता चलता है कि कीमतों में उछाल के पीछे सट्टेबाजी और स्टॉक जमा करना मुख्य कारण थे, न कि चीनी की कोई कमी.

त्योहारों में उचित रेट पर मिलेगी चीनी

देश की प्रमुख चीनी उद्योग संस्था, इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन के महानिदेशक दीपक बल्लानी ने कहा कि चीनी की कीमतों को सही स्तर पर लाने के लिए सरकार के उपायों का असर दिखने लगा है. उन्होंने कहा, "पिछले कुछ दिनों में, एक्स-मिल चीनी की कीमतों में लगभग 20% की गिरावट आई है, और हमें उम्मीद है कि यह कमी जल्द ही खुदरा कीमतों में भी दिखेगी. देश में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता है, और आने वाले त्योहारों के मौसम में ग्राहकों को यह उचित कीमतों पर मिलेगी."

बुधवार को चीनी की औसत खुदरा कीमत 65 रुपये प्रति किलो थी जो कि ग्राहकों के लिए चिंता की बात है, खासकर त्योहारी सीजन में. 

हाल के हफ़्तों में चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है; 20 जुलाई 2026 को कीमत ₹48.18 प्रति किलोग्राम थी, जो 20 अगस्त 2026 को बढ़कर ₹55.70 प्रति किलोग्राम हो गई। यह एक महीने में लगभग 15.6% की बढ़ोतरी को दिखाता है। हालाँकि, इस हालिया बदलाव को लंबे समय के ट्रेंड से अलग करके देखना ज़रूरी है: जैसा कि पहले बताया गया है, अगस्त 2024 और जुलाई 2026 के बीच चीनी की कीमतों में सालाना सिर्फ़ 3% की बढ़ोतरी हुई थी। इससे पता चलता है कि कीमतों में मौजूदा उछाल मुख्य रूप से कम समय के लिए सप्लाई और बाज़ार के कारकों की वजह से है, न कि कीमतों के मूल ट्रेंड में किसी बदलाव के कारण।

सरकार के मुताबिक, चीनी की कीमतों में मौजूदा बढ़ोतरी कई वजहों से हुई है, जिनमें शामिल हैं:

  • घरेलू उत्पादन का उम्मीद से कम होना
  • त्योहारी सीजन से पहले मांग में बढ़ोतरी
  • मौसम की वजह से गन्ने की फसल को नुकसान
  • ग्लोबल स्तर पर चीनी की सप्लाई में कमी और बढ़ती कीमतें, और
  • इंडस्ट्री के कुछ वर्गों द्वारा सट्टेबाजी और जमाखोरी

मौजूदा सीजन में चीनी का उत्पादन लगभग 306 LMT होने की उम्मीद है, जबकि शुरुआती अनुमान लगभग 343 LMT का था. उत्पादन पर दो कारकों का असर पड़ा है: रेड रॉट और टॉप बोरर बीमारी, और ज्यादा बारिश की वजह से जलभराव. हालांकि, अनुमान से कम उत्पादन के बावजूद, देश में घरेलू मांग को पूरा करने के लिए चीनी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. नया पेराई सीजन अक्टूबर में शुरू होगा.

चीनी के बढ़े रेट के पीछे वैश्विक कारण

चीनी की सप्लाई में कमी एक ग्लोबल घटना है और यह सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है. 2026-27 के लिए ग्लोबल स्तर पर चीनी की कमी का अनुमान लगभग 33 लाख MT है. नतीजतन, इंटरनेशनल मार्केट में चीनी की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं. 30 जून 2026 को कीमत $474 प्रति टन थी, जो 20 अगस्त 2026 को बढ़कर $552 प्रति टन हो गई. यह दो महीने से भी कम समय में 16% से ज्यादा की बढ़ोतरी है.

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