
प्याज की कीमतों को नियंत्रण में रखने और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. उपभोक्ता मामले विभाग की सचिव निधि खरे ने गुरुवार को कृषि भवन से प्याज से लदे ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इसके तहत सरकार अपने बफर स्टॉक से देश के अलग-अलग शहरों में प्याज की आपूर्ति बढ़ाएगी और आम लोगों को 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज उपलब्ध कराया जाएगा.
सरकार की यह पहल बाजार में कीमतों को स्थिर रखने के मकसद से शुरू की गई है. प्याज की बिक्री NCCF, NAFED, केंद्रीय भंडार, सफल स्टोर्स और मोबाइल वैन के माध्यम से की जाएगी. इससे उपभोक्ताओं को बाजार की ऊंची कीमतों से राहत मिलने की उम्मीद है.
इस मौके पर उपभोक्ता मामले विभाग की सचिव निधि खरे ने कहा कि देश में प्याज के उत्पादन या उपलब्धता की कोई कमी नहीं है. उन्होंने बताया कि प्याज का निर्यात सामान्य स्तर पर है और बाजार में भी पर्याप्त मात्रा में प्याज उपलब्ध है. उन्होंने कहा कि दिल्ली की थोक मंडियों में प्याज के दाम नासिक की तुलना में भी कम हैं, जो यह दर्शाता है कि देश में प्याज की आपूर्ति पर्याप्त है.
निधि खरे ने कहा कि कई बार बिचौलियों द्वारा सट्टेबाजी और कृत्रिम कमी का माहौल बनाकर कीमतों को बढ़ाने की कोशिश की जाती है. ऐसे हालात से निपटने के लिए सरकार ने पहले से ही प्याज का बफर स्टॉक तैयार कर रखा है. यह स्टॉक NAFED और NCCF के गोदामों में सुरक्षित रखा गया है. पहली बार केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) को भी इसमें शामिल किया गया है, ताकि वैज्ञानिक तरीके से भंडारण किया जा सके और जरूरत पड़ने पर बाजार में तुरंत प्याज उपलब्ध कराया जा सके.
खरे ने बताया कि सरकार रेलवे रैक और ट्रकों दोनों माध्यमों से दिल्ली में प्याज पहुंचा रही है. आने वाले दिनों में देश के अन्य शहरों में भी इसी तरह प्याज की आपूर्ति बढ़ाई जाएगी.
सचिव के अनुसार, दिल्ली में फिलहाल 9 NCCF स्टोर, 110 केंद्रीय भंडार स्टोर और 34 NAFED आउटलेट मौजूद हैं. इसके अलावा करीब 300 सफल स्टोर्स के साथ भी बातचीत चल रही है. इन सभी केंद्रों और मोबाइल वैन के माध्यम से उपभोक्ताओं को 35 रुपये प्रति किलो के हिसाब से प्याज उपलब्ध कराया जाएगा.
सरकार अलग-अलग इलाकों में मोबाइल वाहन भी तैनात करेगी, जहां लोग सीधे जाकर सस्ती दर पर प्याज खरीद सकेंगे. ऐसे कम से कम 20 स्थानों की पहचान की गई है और उनकी जानकारी रोजाना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए साझा की जाएगी.
सरकार को उम्मीद है कि बफर स्टॉक से प्याज की आपूर्ति बढ़ने के बाद बाजार में कीमतों पर दबाव कम होगा और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी. वहीं कालाबाजारी और जमाखोरी जैसी गतिविधियों पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा.