Maize Price: ज्‍यादातर राज्‍यों में मक्का का भाव MSP से नीचे, जनवरी में इतनी गिरी कीमतें

Maize Price: ज्‍यादातर राज्‍यों में मक्का का भाव MSP से नीचे, जनवरी में इतनी गिरी कीमतें

Makka Mandi Bhav: जनवरी 2026 में देश के ज्यादातर मक्का उत्पादक राज्यों में भाव MSP से काफी नीचे चले गए हैं. एक साल में औसतन 480 रुपये से ज्यादा की गिरावट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. आगे रबी फसल से पहले दाम और गिरने के संकेत मिल रहे हैं...

Maize Price FallMaize Price Fall
प्रतीक जैन
  • Noida,
  • Feb 05, 2026,
  • Updated Feb 05, 2026, 3:09 PM IST

देश के प्रमुख मक्का उत्‍पादक राज्‍यों में जनवरी 2026 के दौरान थोक बाजार भाव में साफ गिरावट दर्ज की गई है. एकमार्कनेट पोर्टल पर उपलब्‍ध राज्‍यवार प्राइस ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2026 में ज्‍यादातर राज्‍यों में मक्का का औसत भाव सरकार की ओर से तय न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य MSP 2400 रुपये प्रति क्विंटल से काफी नीचे रहा, जिससे किसानों को नुकसान हो रहा है. जनवरी 2026 में देश का औसत थोक मक्का भाव 1999 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जबकि दिसंबर 2025 में यह 2175 रुपये और जनवरी 2025 में 2484 रुपये प्रति क्विंटल था.

यानी एक साल में औसतन 480 रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है. यह गिरावट लगभग सभी बड़े उत्‍पादक राज्‍यों में देखने को मिली है. मध्‍य प्रदेश, जो देश के प्रमुख मक्का उत्‍पादक राज्‍यों में शामिल है, वहां जनवरी 2026 में औसत भाव 1601 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जो MSP से करीब 800 रुपये कम है. पिछले साल जनवरी में यही भाव 2258 रुपये था.

पंजाब में 1768 रुपये क्विंटल औसत भाव रहा

इसी तरह पंजाब में मक्का का भाव 1768 रुपये, हरियाणा में दिसंबर के आंकड़ों के आधार पर 1500 रुपये और छत्तीसगढ़ में 1834 रुपये प्रति क्विंटल रहा. ये सभी MSP से काफी नीचे हैं. गुजरात और महाराष्‍ट्र जैसे राज्‍यों में भी हालात बेहतर नहीं हैं. गुजरात में जनवरी 2026 का भाव 1989 रुपये और महाराष्‍ट्र में 1682 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया. सिर्फ तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे कुछ राज्‍यों में भाव 2200 से 2700 रुपये के बीच रहे, लेकिन वहां भी सालाना आधार पर गिरावट दर्ज की गई है.

किसानों ने अन्‍य फसलें छोड़कर बोई थी मक्‍का

किसानों ने बड़ी उम्‍मीद से कपास और गन्‍ने की फसल छोड़कर खरीफ सीजन में मक्‍का फसल की बुवाई की थी, जिसकी वजह से रकबे में बढ़ोतरी भी दर्ज की गई थी, लेकिन हाल यह है कि अच्‍छा उत्‍पादन होने के बाद किसानों को उनकी फसल का वाजिब दाम नहीं मिल रहा है.

नई रबी मक्‍का फसल से पहले दाम में गिरावट जारी

मालूम हो कि खरीफ सीजन में सबसे ज्‍यादा मक्‍का की फसल होती है. इसके बाद रबी सीजन में भी अच्‍छे पैमाने पर खेती होती है. ऐसे में अब रबी सीजन की मक्‍का फसल की कटाई मार्च अंत या अप्रैल से शुरू हो जाएगी. लेकिन दाम अभी से ही जमीन पर लोट लगा रहे हैं. अगर यही हाल रहा तो औसत कीमत उत्‍पादन लागत के भी नीचे चली जाएगी. 

यही हाल रहा तो सरकार को बढ़ाना पड़ेगा मदद का हाथ

बता दें कि हाल ही में कर्नाटक और तेलंगाना में राज्‍य सरकारों ने मक्‍का किसानों को गिरे हुए दाम से राहत दिलाने के लिए मदद का हाथ बढ़ाया था. अगर निजी बाजार में ऐसे ही दाम रहे तो हर प्रमुख उत्‍पादक राज्‍य में सरकार को हस्‍तक्षेप करते हुए किसानों को घाटे से बचाने के लिए मदद का हाथ आगे बढ़ाना पड़ेगा.

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