Paddy Procurement: मध्य प्रदेश में 51.74 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई, किसानों को मिला इतना भुगतान

Paddy Procurement: मध्य प्रदेश में 51.74 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई, किसानों को मिला इतना भुगतान

Madhya Pradesh Paddy Procurement: मध्य प्रदेश में धान एमएसपी बढ़ने से किसानों को बड़ी राहत मिली है. खरीफ सीजन में रिकॉर्ड स्तर पर धान खरीदी हुई है और हजारों करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में पहुंचे हैं.

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क‍िसान तक
  • Noida,
  • Feb 05, 2026,
  • Updated Feb 05, 2026, 12:50 PM IST

मध्य प्रदेश में खरीफ सीजन 2025-26 के दौरान धान उपार्जन में बंपर खरीद की है. सीजन में प्रदेश में 51 लाख 74 हजार 792 मीट्रिक टन से अधिक धान का उपार्जन किया गया है. यह मात्रा पिछले साल से ज्‍यादा है. एक सरकारी बयान में कहा गया कि राज्य की उपार्जन नीति और व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता के कारण यह संभव हुआ है. किसानों को सरकार की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य में की गई वृद्धि और तकनीक आधारित भुगतान व्यवस्था का सीधा लाभ मिला है. 

किसानों को कॉमन धान के लिए मिला 2369 रुपये MSP

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि अन्नदाताओं को समर्थ बनाना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और किसानों को उनकी उपज का पूरा मूल्य बिना किसी बाधा के समय पर दिलाना राज्य सरकार का संकल्प है. इस साल धान (कॉमन) का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,369 रुपये प्रति क्विंटल तय था, जो पिछले सत्र के मुकाबले 69 रुपये ज्‍यादा है. पिछले खरीफ सीजन में एमएसपी 2,300 रुपये प्रति क्विंटल था.

7.62 लाख किसानों ने सरकार को बेचा धान

मुख्यमंत्री ने बताया कि खरीफ सत्र में प्रदेशभर में 8 लाख 59 हजार 822 धान उत्पादक किसानों का पंजीयन हुआ था. इनमें से लगभग 92 प्रतिशत यानी 7 लाख 89 हजार 757 किसानों ने स्लॉट बुक कर खरीद प्रक्रिया में भाग लिया. वहीं, 7.62 लाख से ज्‍यादा किसान (89 प्रतिशत) वास्तविक रूप से खरीद केंद्रों तक धान लेकर पहुंचे. 

1436 केंद्र पर हुई धान की खरीद

धान खरीदी के लिए प्रदेश में कुल 1,436 खरीद केंद्र बनाए गए थे. इन केंद्रों के माध्यम से खरीदे गए धान में से 48 लाख 38 हजार 637 मीट्रिक टन से अधिक धान का परिवहन पूरा किया जा चुका है. परिवहन किए गए धान में से 46 लाख 30 हजार 21 मीट्रिक टन धान क्‍वालिटी टेस्‍ट के बाद स्वीकार भी कर लिया गया है. इससे भंडारण और आपूर्ति व्यवस्था को भी मजबूती मिली है.

अब तक किसानों को 11 हजार करोड़ का भुगतान

सीएम ने कहा कि खरीदे गए धान के आधार पर इस सीजन में न्यूनतम समर्थन मूल्य का कुल आंकलन लगभग 12 हजार 259 करोड़ रुपये किया गया है. इसमें से करीब 11 हजार करोड़ रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर भी किए जा चुके हैं. तकनीक आधारित भुगतान प्रणाली के चलते किसानों को समय पर भुगतान मिला और बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हो गई.

मुख्यमंत्री ने कहा कि उपार्जन से मिली आर्थिक मजबूती के कारण किसान अगली फसल की तैयारी अधिक आत्मविश्वास के साथ कर पा रहे हैं. पूरी खरीद प्रक्रिया की निरंतर निगरानी की गई, जिससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आई. 

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