Maize Price: मक्‍का किसानों की हालत पर आंध्र CM ने जताई चिंता, केंद्र के सामने रखी ये बड़ी मांगें

Maize Price: मक्‍का किसानों की हालत पर आंध्र CM ने जताई चिंता, केंद्र के सामने रखी ये बड़ी मांगें

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने मक्‍का किसानों की खराब स्थिति पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है. उन्‍होंने पत्र में किसानों को उचित कीमत और खरीद सुनिश्चित करने के लिए बड़े कदम उठाने की अपील की है.

Maize Price FallMaize Price Fall
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Apr 28, 2026,
  • Updated Apr 28, 2026, 2:16 PM IST

Maize Procurement Demand: बीते कई महीनों से मक्‍का के दाम लगातार एमएसपी के नीचे बने हुए हैं. यहां तक कि कई जगहों पर किसानों की लागत भी नहीं निकल पा रही है. आंध्र प्रदेश के किसान भी इसी तरह की बुरी स्थिति से गुजर रहे हैं और उनकी आर्थ‍िक हालत पर असर पड़ रहा है. इस बीच, राज्य के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने कहा कि किसानों को गिरती कीमतों से बचाने के लिए जल्द कदम उठाना जरूरी है.

MSP पर फसल खरीदने की डिमांड

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर रबी सीजन 2025-26 की मक्का फसल की समर्थन मूल्‍य पर सरकारी खरीद करने की अपील की है. इसके साथ ही उन्होंने किसानों को मूल्य अंतर की भरपाई के लिए केंद्र की योजनाओं का लाभ देने की मांग उठाई है.

'किसानों को 1600-1700 रुपये का भाव मिल रहा'

उन्‍होंने पत्र में कहा कि राज्य में मक्का की कीमतों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. मौजूदा समय में किसानों को 1600 से 1700 रुपये प्रति क्विंटल तक का ही भाव मिल रहा है, जो न्यूनतम समर्थन मूल्य 2400 रुपये प्रति क्विंटल से काफी कम है. इस अंतर के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.

पूरा खर्च केंद्र सरकार से उठाने की अपील

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री अन्‍नदाता आाय संरक्षण अभि‍यान (PM-AASHA) के तहत किसानों को सीधे मूल्य अंतर का भुगतान करने की मांग की है. उन्होंने यह भी कहा कि आंध्र प्रदेश को इस मामले में विशेष स्थिति दी जाए और पूरी वित्तीय जिम्मेदारी केंद्र सरकार उठाए.

42 लाख टन मक्‍का उत्‍पादन का अनुमान

सरकारी अनुमान के अनुसार, इस सीजन में राज्य में करीब 42 लाख टन मक्का उत्पादन होने की संभावना है, जबकि 14 लाख टन से अधिक फसल अभी खेतों में खड़ी है और कटाई जारी है. ऐसे में समय पर खरीद नहीं होने से किसानों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं.

मुख्यमंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि योजना को लागू करने के लिए NAFED और राज्य की एजेंसी AP Markfed के साथ समन्वय किया जाए, ताकि किसानों को समय पर राहत मिल सके. उन्होंने केंद्र से यह भी आग्रह किया कि इस योजना की अवधि को जून 2026 तक बढ़ाया जाए, जिससे किसानों को राहत मिल सके और बाजार में गिरती कीमतों के असर को कम किया जा सके. (पीटीआई)

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