खेत से मंडी तक हाई-स्पीड कनेक्टिविटी, गंगा एक्सप्रेसवे से किसानों को होगा बड़ा फायदा

खेत से मंडी तक हाई-स्पीड कनेक्टिविटी, गंगा एक्सप्रेसवे से किसानों को होगा बड़ा फायदा

594 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेसवे यूपी के किसानों और कारोबार के लिए गेमचेंजर साबित होगा. 29 अप्रैल को पीएम मोदी इसके उद्घाटन के साथ कृषि उत्पादों को बाजार तक तेज कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देंगे.

Ganga Expressway Uttar PradeshGanga Expressway Uttar Pradesh
क‍िसान तक
  • Prayagraj,
  • Apr 28, 2026,
  • Updated Apr 28, 2026, 1:18 PM IST

गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और कृषि-व्यवसाय के लिए एक बड़ा कदम है. ये एक्सप्रेसवे न केवल मेरठ और प्रयागराज के बीच की दूरी कम कर रहा है, बल्कि ये राज्य के कृषि उत्पादों के लिए एक 'हाई-स्पीड लाइफलाइन' बनकर सामने आ रहा है.

कृषि उत्पादों का बाजार विस्तार

गंगा एक्सप्रेसवे के माध्यम से उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिलेगी. अमरोहा के आम एक्सप्रेसवे के कारण हसनपुर, गजरौला और नौगांवा सादात के आम (दशहरी, चौसा, लंगड़ा आदि) अब दिल्ली-एनसीआर और अन्य बड़े बाजारों तक कम समय में अपनी ताजगी के साथ पहुंच सकेंगे, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा.

प्रयागराज इस एक्सप्रेसवे का अंतिम छोर है जो इस विकास यात्रा का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है. औद्योगिक कॉरिडोर प्रयागराज के सोरांव तहसील (जूड़ापुर दांदू गांव) के पास एनएच-19 से जुड़ने वाला यह मार्ग प्रयागराज को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के औद्योगिक केंद्रों से जोड़ता है. व्यापारिक केंद्र एक्सप्रेसवे के प्रभाव से प्रयागराज के आसपास औद्योगिक कारिडोर विकसित होगा, जिससे मैन्युफैक्चरिंग, स्टोरेज और व्यापारिक गतिविधियों को तेजी मिलेगी.

क्षेत्रीय विकास प्रतापगढ़ और प्रयागराज के बीच के करीब 300 गांवों की आर्थिक और सामाजिक तस्वीर बदलेगी, क्योंकि बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से इन गांवों में छोटे उद्योगों, दुग्ध उद्योग और मंडियों का जाल बिछेगा. यह एक्सप्रेसवे न केवल परिवहन की गति बढ़ा रहा है, बल्कि यह पूरे उत्तर प्रदेश के कृषि उत्पादों को 'फार्म-टू-मार्केट' मॉडल से जोड़कर किसानों की आय में तेज वृद्धि कर रहा है.

प्रतापगढ़ का आंवला

GI टैग प्राप्त प्रतापगढ़ का आंवला और इससे बने उत्पाद (मुरब्बा, कैंडी, च्यवनप्राश) अब सीधे बड़े शहरों और ई-कॉमर्स सप्लाई चेन से जुड़ जाएंगे, जिससे स्थानीय उद्यमियों और कुंडा या लालगंज के छोटे उद्योगों को नई ऊंचाई मिलेगी. एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर विकसित होने वाले लॉजिस्टिक्स पार्क, कोल्ड स्टोरेज और फूड प्रोसेसिंग इकाइयां किसानों के उत्पादों के नुकसान को कम करेंगी और उन्हें वैश्विक मानकों के अनुरूप पैकेजिंग की सुविधा दिलाएंगी.

एक्सप्रेसवे का उद्घाटन

उत्तर देश के सबसे बड़े और महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण की सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं. करीब 36,200 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरदोई के मल्लावां कस्बे में करेंगे. लोकार्पण समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सहित तमाम वीवीआईवी मौजूद रहेंगे.

प्रधानमंत्री इस मौके पर एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे. इस कार्यक्रम में करीब दो लाख लोगों की भीड़ जुटने की उम्मीद है. सुरक्षा व्यवस्था से लेकर गर्मी में आने वाले लोगों के लिए पेयजल, चिकित्सा से लेकर तमाम जरूरी प्रबंध किए गए हैं.

पीएम मोदी का संबोधन

इस परियोजना की आधारशिला वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री द्वारा शाहजहांपुर में रखी गई थी, जो अब 2026 में बनकर तैयार हो चुकी है. लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री करीब 1 घंटा 40 मिनट तक हरदोई में रहेंगे. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री वाराणसी से सुबह 10:30 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचेंगे. यहां से एम-17 हेलिकॉप्टर के जरिए 11:15 बजे मल्लावां स्थित समारोह स्थल के पास बने हेलीपैड पर उतरेंगे. उसके बाद यहां से 12:55 पर लखनऊ एयरपोर्ट रवाना होंगे.

गंगा एक्सप्रेस वे पर बने हेलीपैड पर आगमन के बाद प्रधानमंत्री गंगा एक्सप्रेसवे वाटिका में हरिशंकरी का पौधरोपण करेंगे. इसके बाद वह एक्सप्रेसवे का निरीक्षण करेंगे और जनसभा स्थल पर लगी प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे. साथ ही निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों को सम्मानित भी करेंगे.(आनंद राज का इनपुट)

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