
सरकारी एजेंसी भारतीय कपास निगम (Cotton Corporation of India-CCI) ने 2025-26 सीजन में खरीदे गए कपास का आधे से अधिक हिस्सा बेच दिया है. एजेंसी ने इस सीजन में कुल 105 लाख गांठ (प्रत्येक 170 किलो) कपास की खरीद की थी, जो पिछले साल के 100.16 लाख गांठ से ज्यादा है. CCI के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक ललित कुमार गुप्ता ने बताया कि सोमवार तक 55 लाख गांठ से अधिक कपास की बिक्री हो चुकी थी. पिछले दो महीनों में मिलों और व्यापारियों की ओर से लगातार खरीद बनी रही है, जिससे बिक्री में तेजी आई है.
बिजनेसलाइन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, CCI ने मंगलवार को अपने बिक्री मूल्य में 200 रुपये प्रति कैंडी (356 किलो) की बढ़ोतरी की. इस हफ्ते कुल बढ़ोतरी 800 रुपये प्रति कैंडी हो चुकी है. इससे पहले पिछले सप्ताह 1500 रुपये प्रति कैंडी की बढ़ोतरी की गई थी. इस सीजन में अब तक कुल बढ़ोतरी 6000 रुपये प्रति कैंडी से अधिक हो चुकी है. ललित कुमार गुप्ता ने कहा कि सीजन की शुरुआत में कपास का भाव करीब 55,000 रुपये प्रति कैंडी था, जो अब बढ़कर लगभग 61,000 रुपये प्रति कैंडी हो गया है.
उन्होंने कहा कि बढ़ोतरी के बाद भी CCI की कीमतें वैश्विक स्तर पर सबसे कम बनी हुई हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कपास की कीमतों में 25 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है, जबकि घरेलू कीमतों में 15-20 प्रतिशत तक बढ़त दर्ज की गई है. इसके बावजूद घरेलू कीमतें वैश्विक स्तर से 2-3 प्रतिशत कम हैं, जहां भाव लगभग 63,500 से 64,000 रुपये प्रति कैंडी के बीच हैं.
मार्च की शुरुआत से अंतरराष्ट्रीय कीमतों में करीब 30 प्रतिशत की तेजी आई है. इस दौरान इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज (Intercontinental Exchange) पर कपास वायदा 62 सेंट प्रति पाउंड से बढ़कर 80 सेंट प्रति पाउंड से ऊपर पहुंच गया और मंगलवार को जुलाई डिलीवरी के लिए करीब 81 सेंट पर बना रहा.
लगातार कीमत बढ़ने के बावजूद CCI की बिक्री बनी रही और एजेंसी का स्टॉक 50 लाख गांठ से नीचे आ गया है. ललित कुमार गुप्ता ने कहा कि मिलों की मांग मजबूत है और उनके पास अगले 3-4 महीनों के लिए यार्न ऑर्डर पहले से मौजूद हैं, इसलिए मिलें अपनी जरूरत के अनुसार खरीद जारी रखेंगी.