धान खरीद नहीं होने से भड़के किसान, घरौंडा मंडी में मार्केट कमेटी कार्यालय पर जड़ा ताला

धान खरीद नहीं होने से भड़के किसान, घरौंडा मंडी में मार्केट कमेटी कार्यालय पर जड़ा ताला

हरियाणा के करनाल की घरौंडा अनाज मंडी में धान खरीद नहीं होने से किसानों का गुस्सा फूट पड़ा.किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर ताला जड़ दिया और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का पुतला भी फूंका.

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कमलदीप
  • karnal,
  • Oct 05, 2026,
  • Updated Oct 05, 2026, 9:02 AM IST

हरियाणा के करनाल जिले की घरौंडा अनाज मंडी में धान की खरीद नहीं होने से किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है. धान खरीद शुरू नहीं होने से नाराज किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और कार्यालय पर ताला जड़ दिया. प्रदर्शन के दौरान किसानों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का पुतला भी फूंका. किसानों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द धान की खरीद सुचारू रूप से शुरू नहीं हुई तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन तेज करेंगे. यह प्रदर्शन भारतीय किसान सर छोटूराम के नेतृत्व में किया गया. किसान नेताओं का कहना है कि घरौंडा मंडी में कई दिनों से किसान अपनी धान की फसल लेकर बैठे हैं, लेकिन अभी तक खरीद शुरू नहीं हुई है.

‘एक भी बोरी की खरीद नहीं हुई’

किसान नेता जगदीप सिंह औलख ने दावा किया कि घरौंडा अनाज मंडी से अब तक धान की खरीद की एक भी बोरी नहीं उठी है. उन्होंने कहा कि मंडी में खरीद पूरी तरह से शून्य है. किसान नेता के मुताबिक, पिछले कई दिनों से किसान अपनी फसल मंडी में लेकर बैठे हैं, लेकिन उन्हें खरीद का इंतजार करना पड़ रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से पिछले 5-7 दिनों से मंडियों में खरीद शुरू होने की बात कही जा रही है, लेकिन घरौंडा मंडी में जमीनी स्थिति अलग है. उन्होंने कहा कि 14, 15 और 16 प्रतिशत नमी वाली धान की फसल भी नहीं खरीदी जा रही है.

राइस मिलर्स के मंडी में नहीं आने का आरोप

किसान नेता ने आरोप लगाया कि राइस मिलर्स मंडी में नहीं आ रहे हैं, जिसकी वजह से धान की खरीद प्रभावित हो रही है. उन्होंने कहा कि किसानों की फसल मंडी में पड़ी हुई है और इस स्थिति में सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है. किसानों का आरोप है कि जब उनकी फसल खरीदी जाती है तो कई बार नमी और दूसरी वजहों का हवाला देकर कटौती की जाती है. किसान नेताओं ने कहा कि पहले फसल बेचने में परेशानी होती है और खरीद होने के बाद भी किसानों को कम कीमत मिलने का डर बना रहता है.

बारिश की आशंका से किसानों की बढ़ी चिंता

किसानों की परेशानी इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि आने वाले दिनों में बारिश की संभावना बताई जा रही है. किसानों का कहना है कि उनकी धान की फसल पूरी तरह तैयार है और वे इसे लेकर मंडी पहुंच रहे हैं, लेकिन खरीद नहीं होने से फसल खुले में पड़ी है. एक किसान ने बताया कि वह पिछले तीन-चार दिनों से अपनी धान की फसल लेकर मंडी में पहुंचा हुआ है, लेकिन अभी तक उसकी फसल की खरीद नहीं हुई है. किसानों का कहना है कि अगर बारिश होती है तो मंडी में पड़ी धान की फसल को नुकसान हो सकता है.

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

किसानों ने दावा किया कि धान खरीद की समस्या सिर्फ घरौंडा मंडी तक सीमित नहीं है, बल्कि हरियाणा की कई मंडियों में किसान इसी तरह की परेशानी का सामना कर रहे हैं. प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा कि अगर जल्द खरीद शुरू नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. किसान संगठनों ने हाईवे बंद करने की भी चेतावनी दी है. किसानों का कहना है कि जब तक धान की खरीद सुचारू रूप से शुरू नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा. 

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