करनाल की मंडियों में बड़ा फर्जीवाड़ा, पूर्व अधिकारी सहित कई लोग गिरफ्तार

करनाल की मंडियों में बड़ा फर्जीवाड़ा, पूर्व अधिकारी सहित कई लोग गिरफ्तार

करनाल में बड़ा फर्जी धान गेट पास घोटाला सामने आया है. इसमें पूर्व अधिकारी समेत करीब अधिकारी कर्मचारियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार है. मामले में पुलिस की अलग-अलग एसआईटी की टीमें जांच कर रही हैं.

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कमलदीप
  • karnal,
  • Feb 19, 2026,
  • Updated Feb 19, 2026, 12:39 PM IST

हरियाणा में धान खरीद में फर्जी गेट पास घोटाला सामने आया है. दरअसल, प्रशासन ने करनाल जिले की अलग-अलग मंडियों में हुए फर्जी धान खरीद घोटाले को उजागर किया है, घोटाले में 3 केस में करनाल के पूर्व डीएफएसी अनिल कुमार, पूर्व मंडी सचिव आशा रानी, जुंडला के मंडी सचिव दीपक, असंध के तत्कालीन सचिव कृष्ण धनखड़ को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है.  

घोटाले की जांच के लिए 2 SIT टीम गठित

डीएसपी राजीव ने बताया कि एसपी के निर्देश पर 2 एसआईटी गठित की गई थी, जो एक मेरे नेतृत्व में गठित की गई थी, जबकि दूसरी एडिशनल एसपी कांची सिंद्यल के नेतृत्व में गठित हुई थी. अलग-अलग थानों में 6 केस दर्ज किए गए थे, जिनमें एक शिकायत तरावड़ी मंडी के संबंध में पुलिस थाने में दर्ज थी, इस मामले में तत्कालीन डीएफएससी करनाल अनिल कुमार को गिरफ्तार किया है, इन पर आरोप है कि ये मंडी में खरीद प्रक्रिया के दौरान कमीशन लेते थे. उनका एक दिन का रिमांड लिया है, मामले में पूछताछ जारी है.

रिमांड पर लिए गए सभी आरोपी 

इसी प्रकार बतान राइस मिलर्स जुंडला मंडी के संबंध में शिकायत दर्ज है, इस मामले में करनाल मंडी की तत्कालीन सचिव आशा रानी और जुंडला मंडी सचिव दीपक को गिरफ्तार कर दो दिन के रिमांड पर लिया है. रिमांड के दौरान पूछताछ जारी है, रिकवरी के प्रयास किए जाएंगे. इसके अलावा अगर जरूरत पड़ी तो रिमांड की अवधि बढ़ाने के लिए कोर्ट से अपील की जाएगी. उन्होंने कहा कि आशा रानी के खिलाफ करनाल मंडी में एक मामला दर्ज है, इस मामले में वो जमानत पर चल रही हैं. इसके अलावा असंध मंडी के पूर्व सचिव कृष्ण धनखड़ को भी गिरफ्तार कर 3 दिन के रिमांड पर लिया गया है.

धान घोटाले में 25 अधिकारी गिरफ्तार

उन्होंने कहा कि अभी पूछताछ चल रही है, काफी लोगों की गिरफ्तारी होनी है और जांच चल रही है, फिलहाल जांच के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी जा सकती. लेकिन इतना है कि अब तक धान घोटाले में 25 अधिकारियों, कर्मचारियों, प्राइवेट ऑपरेटरों, राइस मिलर्स, आढ़तियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, इन सभी पर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है.

पोर्टल में फर्जीवाड़ा कर काटे गए गेट पास

डीएसपी राजीव ने बताया कि मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर किसानों को रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता है, जिसके बाद किसानों का समर्थन मूल्य मिलता है. लेकिन कई राइस मिलर्स, आढ़तियों, कमीशन एजेंटों ने पोर्टल में फर्जीवाड़ा कर फर्जी गेट पास काटे, जैसे किसान के पास कम जमीन है, लेकिन ज्यादा दिखाई गई, किसी के पास जमीन नहीं है, फिर भी गेट पास काटे, उन पर कागजों में ही धान खरीदा गया ओर मिलों में भी पहुंचा दिया. इस गेप को पूरा करने के लिए दिल्ली, यूपी सहित अन्य राज्यों से कम रेटों पर धान खरीदा गया और उसे स्टॉक में दिखाने का प्रयास किया गया. उन्होंने कहा कि पुलिस ने धान घोटाले को उजागर किया है, मामले में अभी और लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा. अलग-अलग केसों में अलग रिकवरी भी हुई है. 

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