MSP Protest: खरीफ 2026 के लिए घोषित MSP से नाराज SKM, इस तारीख से बड़े आंदोलन का किया ऐलान

MSP Protest: खरीफ 2026 के लिए घोषित MSP से नाराज SKM, इस तारीख से बड़े आंदोलन का किया ऐलान

SKM, 2026-27 के लिए खरीफ फसलों के MSP की घोषणा को लेकर सरकार पर निशाना साधा है. संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने 27 से 31 मई तक गांवों में नए MSP आदेश की प्रतियां जलाने का आह्वान किया है. संयुक्त किसान मोर्चा का दावा है कि 20 फसलों पर किसानों को कुल मिलाकर करीब 3 लाख करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ सकता है. SKM ने केंद्र सरकार से सभी फसलों पर कानूनी गारंटी वाला MSP लागू करने, किसानों की कर्ज माफी और मजबूत सरकारी खरीद व्यवस्था की मांग की है.

SKM Warns of protest againSKM Warns of protest again
क‍िसान तक
  • नोएडा,
  • May 15, 2026,
  • Updated May 15, 2026, 8:09 PM IST

संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने खरीफ सीजन 2026-27 के लिए घोषित MSP को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है. SKM ने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार ने किसानों से किए गए MSP@C2+50% के वादे से विश्वासघात किया है और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू नहीं किया. संगठन ने 27 से 31 मई 2026 के बीच गांव-गांव में MSP आदेश की प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है. SKM का कहना है कि सरकार ने MSP तय करते समय C2 लागत की बजाय A2+FL लागत का आधार लिया है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है. संगठन के मुताबिक धान का MSP 2441 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है, जबकि स्वामीनाथन आयोग के C2+50% फॉर्मूले के हिसाब से यह 3243 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए था. यानी किसानों को प्रति क्विंटल करीब 802 रुपये का नुकसान हो रहा है.

'किसानों को 27 लाख करोड़ रुपये का नुकसान'

संयुक्त किसान मोर्चा का दावा है कि 20 फसलों पर किसानों को कुल मिलाकर करीब 3 लाख करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ सकता है. SKM ने यह भी कहा कि MSP घोषित होने के बावजूद देश में खरीद व्यवस्था कमजोर है, जिसके कारण किसान अक्सर MSP से कम दाम पर अपनी उपज बेचने को मजबूर होते हैं. संगठन ने WTO और अमेरिकी नीतियों को भी किसानों की बदहाली के लिए जिम्मेदार ठहराया. SKM का आरोप है कि सरकार ने अमेरिकी दबाव में किसानों के हितों से समझौता किया है और राज्यों को बोनस देने से भी रोका जा रहा है.  SKM ने कहा कि बीज, खाद, डीजल, बिजली, सिंचाई और मजदूरी की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि किसानों को उनकी फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा. संगठन ने यह भी दावा किया कि 2014 से 2024 के बीच MSP@C2+50% नहीं मिलने से किसानों को कुल 27 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. 

खरीफ 2026-27 के लिए 14 फसलों पर MSP घोषित

SKM ने केंद्र सरकार से सभी फसलों पर कानूनी गारंटी वाला MSP लागू करने, किसानों की कर्ज माफी और मजबूत सरकारी खरीद व्यवस्था की मांग की है. साथ ही गांव-गांव में आंदोलन तेज करने का आह्वान किया है. बता दें कि 13 मई को केंद्र सरकार ने खरीफ मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए 14 प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, अरहर, मूंग, उड़द, कपास, सोयाबीन और तिल समेत कई फसलों के नए MSP तय किए गए हैं.

खरीफ मार्केटिंग सीजन 2026-27 के नए MSP:

  • धान (कॉमन) - 2441 रुपये प्रति क्विंटल.
  • धान (ग्रेड-A) - 2461 रुपये प्रति क्विंटल.
  • ज्वार (हाइब्रिड) - 4023 रुपये प्रति क्विंटल.
  • ज्वार (मालदांडी) - 4073 रुपये प्रति क्विंटल.
  • बाजरा - 2900 रुपये प्रति क्विंटल.
  • रागी - 5205 रुपये प्रति क्विंटल.
  • मक्का - 2410 रुपये प्रति क्विंटल.
  • तूर (अरहर) - 8450 रुपये प्रति क्विंटल.
  • मूंग - 8780 रुपये प्रति क्विंटल.
  • उड़द - 8200 रुपये प्रति क्विंटल.
  • कपास (मीडियम स्टेपल) - 8267 रुपये प्रति क्विंटल.
  • कपास (लॉन्ग स्टेपल) - 8667 रुपये प्रति क्विंटल.
  • मूंगफली - 7517 रुपये प्रति क्विंटल.
  • सूरजमुखी बीज - 8343 रुपये प्रति क्विंटल.
  • सोयाबीन (येलो) - 5708 रुपये प्रति क्विंटल.
  • तिल - 10346 रुपये प्रति क्विंटल.
  • नाइजर सीड - 10052 रुपये प्रति क्विंटल.

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