मेरठ पहुंचा किसान कारवां 2.0 का दूसरा पड़ाव, गन्ना-बासमती की खेती पर हुआ मंथन, किसानों ने जीते इनाम

मेरठ पहुंचा किसान कारवां 2.0 का दूसरा पड़ाव, गन्ना-बासमती की खेती पर हुआ मंथन, किसानों ने जीते इनाम

किसान कारवां 2.0 मेरठ पहुंचा, जहां क्षेत्रीय किसान महासभा में गन्ना, बासमती, फसल सुरक्षा और आधुनिक कृषि तकनीक पर महामंथन हुआ. कार्यक्रम में 10 कृषिवीर सम्मानित किए गए, 15 किसानों ने क्विज में नकद पुरस्कार जीते और किसानों की आवाज को सरकार तक पहुंचाने के लिए 20 सदस्यीय किसान परिषद का गठन किया गया.

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धर्मेंद्र सिंह
  • Meerut,
  • Sep 24, 2026,
  • Updated Sep 24, 2026, 5:09 PM IST

उत्तर प्रदेश के किसानों से सीधे संवाद, उनकी समस्याओं को समझने और खेती से जुड़े मुद्दों पर विशेषज्ञों के साथ समाधान तलाशने के उद्देश्य से शुरू हुआ किसान कारवां 2.0 आज मेरठ पहुंचा. किसान तक और उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से आयोजित किसान कारवां 2.0 के दूसरे पड़ाव की क्षेत्रीय किसान महासभा का आयोजन 24 सितंबर को मेरठ के आईआईएमटी विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में हुआ. कार्यक्रम में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़ी संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया. दिनभर चले कार्यक्रम में गन्ना, बासमती, फसल सुरक्षा, प्राकृतिक खेती और आधुनिक कृषि तकनीक समेत किसानों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई.

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह करीब 10 बजे हुई. किसानों के मनोरंजन के साथ कृषि संबंधी जानकारी देने के लिए जादूगर सलमान ने कृषि विषयों पर आधारित जादू की प्रस्तुति दी. जादू के जरिए खेती से जुड़े संदेशों को रोचक तरीके से प्रस्तुत किया गया, जिसे किसानों ने खूब पसंद किया.

बासमती की खेती और एक्‍सपोर्ट पर हुई चर्चा

पश्चिमी उत्तर प्रदेश की पहचान में बासमती धान का खास स्थान है. इसकी खुशबू और गुणवत्ता के साथ-साथ किसानों के लिए बेहतर बाजार और निर्यात की संभावनाओं पर ‘बासमती के बादशाह- खुशबू से बाजार तक’ विषय पर पैनल डिस्कशन आयोजित किया गया. इस सत्र का संचालन किसान तक के संपादक ओमप्रकाश ने किया.

पैनल में BEDF के निदेशक डॉ. रितेश शर्मा, प्रगतिशील किसान प्रीतम सिंह और विनोद सैनी शामिल रहे. डॉ. रितेश शर्मा ने किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने, मजबूत सप्लाई चेन विकसित करने और किसानों को सीधे एक्सपोर्ट से जोड़ने की संभावनाओं पर जानकारी दी. इस दौरान हापुड़ को बासमती निर्यात और बेहतर मार्केट एक्सेस के संभावित मॉडल हब के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई.

गन्ने की खेती और चुनौतियों पर हुआ मंथन

पश्चिमी यूपी की कृषि अर्थव्यवस्था में गन्ने की महत्वपूर्ण भूमिका है. हालांकि, किसानों के सामने गन्ना भुगतान, फसल रोग और अवशेष प्रबंधन जैसी चुनौतियां भी हैं. इन्हीं मुद्दों पर ‘गन्ने का गढ़—मिठास के साथ चुनौतियों का हल’ विषय पर पैनल चर्चा हुई.

सत्र का संचालन किसान तक के वरिष्ठ संवाददाता जेपी सिंह ने किया. पैनल में गुड़ उत्पादक किसान केपी सिंह, किसान नेता धर्मेंद्र मलिक, प्रगतिशील गन्ना किसान ओमकार त्यागी और कृषि वैज्ञानिक रघुवीर सिंह, ICAR-IISR शामिल रहे.

पैनल में गन्ना भुगतान व्यवस्था को और बेहतर बनाने, रेड रॉट जैसी बीमारियों से बचाव, रोग प्रतिरोधी नई किस्मों को किसानों तक पहुंचाने और मशीनरी के जरिए गन्ने की सूखी पत्तियों के बेहतर प्रबंधन जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई.

खेती की सुरक्षा पर भी रहा फोकस

मौसम में बदलाव, बढ़ती कृषि लागत और फसल जोखिम के बीच किसानों की सुरक्षा को लेकर ‘खेती की सुरक्षा—बीमा, तकनीक और कुदरत का साथ’ विषय पर भी चर्चा हुई. इस पैनल का संचालन किसान तक की उप संपादक हिमानी दीवान ने किया. पैनल में जैविक किसान अनु त्यागी, हेड-पोटैटो सेंटर मोडीपुरम डॉ. आर.के. सिंह और KVK शामली के डॉ. संदीप चौधरी, कृषि निदेशक प्रमोद सिरोही भी शामिल रहे.

चर्चा में फसल बीमा की पहुंच बढ़ाने, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने और सोलर पंप, ड्रोन, नैनो यूरिया जैसी तकनीकों को किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर विचार हुआ. विशेषज्ञों ने खेती को कम लागत, टिकाऊ और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में संभावनाओं पर बात की.

क्विज में किसानों ने जीते 15 हजार रुपये

किसान महासभा में किसानों की भागीदारी को और रोचक बनाने के लिए खेती-किसानी से जुड़े सवालों पर क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई. किसानों ने क्यूआर कोड स्कैन कर क्विज में हिस्सा लिया. तीन अलग-अलग क्विज के जरिए सही जवाब देने वाले किसानों में से प्रत्येक क्विज में पांच किसानों का चयन किया गया. इस तरह कुल 15 किसानों को एक-एक हजार रुपये नकद इनाम दिया गया.

10 किसानों को ‘कृषिवीर’ सम्मान

किसान कारवां 2.0 के तहत प्रदेश के 9 कृषि जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) में क्षेत्रीय किसान महासभाओं का आयोजन किया जा रहा है. इसी क्रम में मेरठ में आयोजित महासभा में पश्चिमी क्षेत्र के अलग-अलग जिलों से चयनित 10 किसानों को ‘कृषिवीर’ सम्मान से सम्मानित किया गया. सम्मान पाने वाले किसानों में मंजू कश्यप, ओमवीर सिंह, प्रीतम सिंह, विनोद सैनी, नीलम त्यागी, नीरजा शर्मा, श्याम सिंह, ठाकुर धर्मपाल, जुनैद फरीदी अली और विनोद पवार शामिल रहे.सभी कृषिवीरों को प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया.

किसानों की आवाज सरकार तक पहुंचाएगी किसान परिषद

किसान कारवां 2.0 के मंच से 20 सदस्यीय किसान परिषद का भी गठन किया गया. परिषद में कृषि अधिकारियों और कृषि वैज्ञानिकों के साथ प्रगतिशील किसानों को शामिल किया गया है. परिषद का उद्देश्य किसानों से जुड़े मुद्दों, उनकी समस्याओं और जमीनी स्तर की जरूरतों को सामने लाना और उनकी बात को संबंधित स्तर तक पहुंचाने में सहयोग करना है.

किसान कारवां 2.0 के इस आयोजन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की खेती की प्रमुख चुनौतियों के साथ-साथ किसानों की सफलता, नई तकनीक और बाजार से जुड़ने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई. मेरठ की किसान महासभा ने गन्ना और बासमती की पारंपरिक ताकत को आधुनिक कृषि तकनीक और बेहतर बाजार से जोड़ने पर खास जोर दिया.

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