
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में किसानों को डीएपी खाद के नाम पर नकली उर्वरक बेचकर लाखों रुपये की ठगी करने की कोशिश को कृषि विभाग ने समय रहते नाकाम कर दिया.फरसाबहार विकासखंड के ग्राम खारीबहार में कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी छापेमार कार्रवाई करते हुए 17.1 टन अवैध उर्वरक जब्त किया है. कार्रवाई के दौरान कुल 342 बोरी संदिग्ध उर्वरक को सील कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है.
जानकारी के अनुसार कृषि विभाग पत्थलगांव और फरसाबहार की संयुक्त टीम को सूचना मिली थी कि खारीबहार गांव के एक मकान में भारी मात्रा में संदिग्ध उर्वरक का भंडारण किया गया है. सूचना मिलते ही टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की.
छापेमारी के दौरान “भूमि शक्ति” ब्रांड का ऑर्गेनिक ग्रेन्युलर उर्वरक बड़ी मात्रा में बरामद हुआ. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इस उर्वरक को किसानों के बीच डीएपी खाद बताकर बेचा जा रहा था. अधिकारियों के मुताबिक यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो बड़ी संख्या में किसान ठगी का शिकार हो सकते थे और उनकी फसलों पर भी नकारात्मक असर पड़ता.
मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) पत्थलगांव राकेश पैंकरा स्वयं मौके पर पहुंचे. उन्होंने पूरे भंडारण स्थल का निरीक्षण किया और तत्काल प्रभाव से पूरे स्टॉक को सील करने के निर्देश दिए.
जब्त किए गए उर्वरक के नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं. साथ ही आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए पूरा प्रकरण उप संचालक कृषि, जशपुर को सौंपा गया है. विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
उप संचालक कृषि ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत और लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खाद, बीज और अन्य कृषि आदान खरीदें. विभाग ने कहा कि खाद खरीदते समय पक्की रसीद लेना बेहद जरूरी है, ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी होने पर उचित कार्रवाई की जा सके.
किसानों से यह भी कहा गया है कि यदि कहीं कम दाम में डीएपी या अन्य उर्वरक बेचने की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो इसकी जानकारी तुरंत कृषि विभाग या प्रशासन को दें.
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चलाया जाएगा. प्रशासन का कहना है कि कृषि सीजन के दौरान नकली खाद और अवैध उर्वरक कारोबार पर विशेष निगरानी रखी जा रही है.