इराक में ‘धतूरा’ पौधे का इतना डर क्यों? किसानों और लोगों को जारी की गई चेतावनी

इराक में ‘धतूरा’ पौधे का इतना डर क्यों? किसानों और लोगों को जारी की गई चेतावनी

इराक में तेजी से फैल रहे जहरीले धतूरा पौधे को लेकर सरकार ने चेतावनी जारी की है. यह पौधा इंसानों, पशुओं और फसलों के लिए खतरनाक है, हालांकि इसमें कुछ औषधीय गुण भी पाए जाते हैं.

Datura PlantDatura Plant
क‍िसान तक
  • New Delhi,
  • May 29, 2026,
  • Updated May 29, 2026, 4:43 PM IST

इराक के गृह मंत्रालय ने किसानों और आम लोगों को एक खतरनाक पौधे धतूरा (Datura) से सावधान रहने की चेतावनी दी है. इस पौधे को जिमसनवीड, थॉर्न एप्पल या डेविल्स ट्रम्पेट भी कहा जाता है. आमतौर पर यह पौधा रेगिस्तानी इलाकों में कम मात्रा में पाया जाता है, लेकिन इस समय इसकी संख्या तेजी से बढ़ रही है.

'अल जजीरा' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इराक सरकार ने बताया है कि यह पौधा बहुत ज्यादा जहरीला होता है और इसमें ऐसे रसायन होते हैं, जो इंसानों, जानवरों और फसलों के नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) को नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसकी पहचान सफेद या बैंगनी ट्रम्पेट जैसे फूल, हरे कांटेदार फल और बड़े पत्तों से होती है, जिनमें तीखी गंध होती है.

जहरीला लेकिन औषधीय गुण

हालांकि यह पौधा जहरीला है, फिर भी इसमें कुछ महत्वपूर्ण औषधीय गुण पाए जाते हैं. इसमें मौजूद रसायन जैसे एट्रोपीन, हायोसायमीन और स्कोपोलामीन का उपयोग दवाइयों में किया जाता है, जैसे आंखों की पुतली फैलाने, मोशन सिकनेस (चक्कर) और कुछ न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के इलाज में.

वैज्ञानिकों के अनुसार, यह पौधा मूल रूप से मध्य अमेरिका का है, जहां आदिवासी लोग इसे सदियों पहले दर्द कम करने और बेहोशी (एनेस्थीसिया) के लिए इस्तेमाल करते थे. बाद में यूरोप के जरिए यह दुनिया के कई हिस्सों में फैल गया.

अब सबसे बड़ी चिंता यह है कि यह पौधा तेजी से नए वातावरण में खुद को ढाल लेता है. वैज्ञानिकों के अध्ययन के मुताबिक, दुनिया में इसके हजारों स्थानों पर फैलने के मामले सामने आए हैं, जिनमें से कई ठंडे इलाके भी शामिल हैं, जो इसके मूल वातावरण से बिल्कुल अलग हैं.

युद्ध के मैदान में धतूरे का राज

इराक में यह पौधा खासतौर पर नदी किनारे की नाइट्रोजन से भरपूर मिट्टी और गर्म मौसम में तेजी से बढ़ रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध और संघर्ष के कारण छोड़ी गई खेती की जमीनों ने भी इसके फैलाव को बढ़ावा दिया है.

इराक सरकार इस समस्या से निपटने के लिए कीटनाशक छिड़काव, जैविक नियंत्रण और जागरुकता अभियान चला रही है. इसके बावजूद विशेषज्ञ मानते हैं कि यह पौधा आने वाले समय में और क्षेत्रों में फैल सकता है, खासकर गर्म इलाकों में. कुल मिलाकर, धतूरा एक ऐसा पौधा है जो जहां एक तरफ दवा में काम आता है, वहीं दूसरी तरफ अगर अनियंत्रित फैल जाए तो गंभीर खतरा भी पैदा कर सकता है.

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