
संडे हो या मंडे, रोज खाओ अंडे! यह कहावत आपने कई बार सुनी होगी. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अंडे को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए हर साल एक खास दिन भी मनाया जाता है? अंडा सिर्फ नाश्ते का हिस्सा नहीं, बल्कि प्रोटीन और कई जरूरी पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत भी है. इसी महत्व को बताने के लिए हर साल अक्टूबर के दूसरे शुक्रवार को विश्व अंडा दिवस मनाया जाता है. इस साल यानी 2026 में यह दिन 9 अक्टूबर को मनाया जा रहा है. ऐसे में आइए जानते हैं विश्व अंडा दिवस का इतिहास और अंडे से जुड़ी कुछ रोचक बातें.
विश्व अंडा दिवस मनाने की शुरुआत साल 1996 में ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में हुई थी. उस समय अंतर्राष्ट्रीय अंडा आयोग (International Egg Commission) ने अक्टूबर के दूसरे शुक्रवार को अंडे के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए समर्पित करने का फैसला किया था. तब से हर साल दुनिया के कई देशों में विश्व अंडा दिवस मनाया जाता है. इस दिन का मुख्य उद्देश्य लोगों को अंडे के पोषण संबंधी फायदों के बारे में बताना और रोजमर्रा के भोजन में इसकी भूमिका को समझाना है. इसके साथ ही मुर्गी पालन और अंडा उत्पादन से जुड़े किसानों और पोल्ट्री उद्योग के आर्थिक महत्व को भी बताया है.
इस साल विश्व अंडा दिवस की थीम 'Protein that Powers and Protects' है. इसका मतलब है ऐसा प्रोटीन, जो शरीर को ताकत देने और उसकी सेहत बनाए रखने में मदद करता है. अंडे में अच्छी गुणवत्ता वाला प्रोटीन पाया जाता है, जो मांसपेशियों के निर्माण और शरीर की मरम्मत में मदद करता है. इसके अलावा अंडे में विटामिन बी12, सेलेनियम और कोलीन जैसे जरूरी पोषक तत्व भी होते हैं. यही वजह है कि अंडे को संतुलित आहार का एक उपयोगी हिस्सा माना जाता है.
अंडे में मौजूद पोषक तत्व शरीर के सामान्य विकास और सेहत के लिए उपयोगी होते हैं. इसके कुछ प्रमुख फायदे हैं-
प्रोटीन का अच्छा स्रोत: एक सामान्य आकार के अंडे में करीब 6 ग्राम प्रोटीन होता है, जो मांसपेशियों के लिए फायदेमंद होता है.
आंखों के लिए फायदेमंद: अंडे की जर्दी में ल्यूटिन और जियाजैंथिन जैसे तत्व होते हैं, जो आंखों के लिए फायदेमंद होते हैं.
दिमाग के लिए उपयोगी: अंडे में कोलीन पाया जाता है, जो दिमाग और तंत्रिका तंत्र के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी है.
विटामिन और आयरन की पूर्ति: अंडे से शरीर को विटामिन बी12, सेलेनियम और अन्य जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं.
पेट भरा रहने में करता है मदद: प्रोटीन से भरपूर होने के कारण अंडा खाने के बाद लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस हो सकता है.
विश्व अंडा दिवस केवल पोषण तक सीमित नहीं है. इसका संबंध मुर्गी पालन करने वाले किसानों, पोल्ट्री फार्म, अंडों की ढुलाई, बिक्री और उनसे जुड़े दूसरे कारोबारों से भी है. अंडा उत्पादन ग्रामीण इलाकों में रोजगार और आमदनी का एक जरिया है, इसलिए अंडे की मांग बढ़ने से पोल्ट्री क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी फायदा मिल सकता है. हालांकि, इस क्षेत्र में मुर्गियों के चारे, दवाओं, रखरखाव और बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव जैसी चुनौतियां भी रहती हैं.