Tea Price: पश्चिम एशिया तनाव का असर चाय कारोबार पर, कोच्चि नीलामी में पारंपरिक चाय के भाव टूटे

Tea Price: पश्चिम एशिया तनाव का असर चाय कारोबार पर, कोच्चि नीलामी में पारंपरिक चाय के भाव टूटे

पश्चिम एशिया में बढ़ी अनिश्चितता का असर भारतीय चाय कारोबार पर दिखने लगा है. कोच्चि चाय नीलामी में ऑर्थोडॉक्स चाय की निर्यात मांग कमजोर रही और कीमतों में गिरावट दर्ज की गई. खरीदार शिपमेंट देरी और अतिरिक्त लागत की आशंका के चलते सतर्क नजर आए.

Tea Auction Price downTea Auction Price down
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jun 13, 2026,
  • Updated Jun 13, 2026, 1:54 PM IST

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध संबंधी अनिश्चितता का असर अब भारतीय चाय कारोबार पर भी दिखाई देने लगा है. कोच्चि चाय नीलामी में पारंपरिक (ऑर्थोडॉक्स) चाय की निर्यात मांग कमजोर पड़ने से इसके औसत दाम में गिरावट दर्ज की गई. कारोबारियों का कहना है कि अमेरिका और ईरान से जुड़ी नई भू-राजनीतिक परिस्थितियों ने खरीदारों के रुख को सतर्क बना दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर प्रभावित हुए हैं.

ऑर्थोडॉक्स चाय के दाम में आई गिरावट

नीलामी के दौरान ऑर्थोडॉक्स लीफ चाय की बिक्री में दबाव देखने को मिला. कुल 2,55,383 किलोग्राम चाय की पेशकश की गई, जिसमें करीब 85 प्रतिशत मात्रा की बिक्री हो सकी. हालांकि, मांग पूरी तरह कमजोर नहीं रही, लेकिन कीमतों पर असर साफ दिखा. औसत मूल्य पिछले हफ्ते के 184.78 रुपये प्रति किलोग्राम से घटकर 178.60 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया यानी करीब 6 रुपये प्रति किलो की कमी दर्ज हुई.

खाड़ी देशों के खरीदार सतर्क

बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबि‍क, चाय कारोबार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि खाड़ी देशों में ऑर्थोडॉक्स चाय की वास्तविक मांग अभी भी बनी हुई है, लेकिन मौजूदा हालात में खरीदार नई खरीद को लेकर इंतजार की रणनीति अपना रहे हैं. चिंता इस बात की है कि अगर समुद्री मार्ग प्रभावित होते हैं या माल दूसरे बंदरगाहों पर अटकता है तो अतिरिक्त लागत और देरी का सामना करना पड़ सकता है. इसी वजह से कई आयातकों ने फिलहाल खरीद निर्णय टाल दिए हैं.

पश्चिम एशिया और CIS बाजार से सीमित सहारा

टी ट्रेड एसोसिएशन ऑफ कोचिन के अध्यक्ष अनिल जॉर्ज के मुताबिक, ऑर्थोडॉक्स लीफ चाय की मांग पूरी तरह कमजोर नहीं हुई है, लेकिन खरीदारी अब काफी चुनिंदा हो गई है. पश्चिम एशिया के खरीदार बाजार में सक्रिय रहे, जबकि सीआईएस देशों से भी कुछ समर्थन मिला. इसके बावजूद निर्यात आधारित खरीद पर्याप्त स्तर तक नहीं पहुंच सकी.

सीटीसी डस्ट चाय ने संभाला बाजार

जहां ऑर्थोडॉक्स चाय दबाव में रही, वहीं सीटीसी डस्ट चाय खंड में बेहतर कारोबार देखने को मिला. अच्छी गुणवत्ता वाली चाय के दाम 1 से 3 रुपये प्रति किलो तक मजबूत हुए. इस श्रेणी में 7,15,105 किलोग्राम की पेशकश हुई और लगभग 88 प्रतिशत मात्रा बिक गई. हालांकि कुछ मात्रा वापस भी ली गई.

ब्लेंडर्स और घरेलू खरीदारों से मिला सहारा

रिपोर्ट के मुताबिक, सीटीसी बाजार को सबसे ज्यादा समर्थन ब्लेंडर्स से मिला, जिन्होंने कुल बिकी मात्रा में लगभग 61 प्रतिशत हिस्सेदारी निभाई. इसके अलावा केरल के खुी चाय के कारोबारियों और देश के अन्य हिस्सों के खरीदारों की सक्रियता से बाजार को अतिरिक्त मजबूती मिली. कारोबारियों का मानना है कि वैश्विक हालात स्थिर होने पर निर्यात मांग फिर से गति पकड़ सकती है.

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