तीसरी बार कृषि मंत्री बने विजय कुमार सिन्हा, मंडी और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में लेने होंगे कई बड़े फैसले!

तीसरी बार कृषि मंत्री बने विजय कुमार सिन्हा, मंडी और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में लेने होंगे कई बड़े फैसले!

बिहार में नई सरकार के गठन के बाद विजय कुमार सिन्हा को तीसरी बार कृषि मंत्री बनाया गया है. ऐसे में कृषि मंत्री के सामने अब मंडी व्यवस्था, किसानों को बेहतर बाजार और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को मजबूत करना प्रमुख चुनौतियां मानी जा रही हैं.

Agri Minister vijay kumar sinhaAgri Minister vijay kumar sinha
अंक‍ित कुमार स‍िंह
  • Patna,
  • May 07, 2026,
  • Updated May 07, 2026, 9:59 PM IST

बिहार की अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा आधार कृषि है और इस क्षेत्र को मजबूत करने के लिए एनडीए गठबंधन के भाजपा कोटे से मुख्यमंत्री बने सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल में कृषि विभाग की जिम्मेदारी विजय कुमार सिन्हा को एक बार फिर दी गई है. हालांकि, कृषि विभाग की जिम्मेदारी इससे पहले विजय कुमार सिन्हा करीब दो बार निभा चुके हैं, लेकिन उस दौरान यह जिम्मेदारी उन्होंने नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री रहने के दौरान निभाई थी. वहीं, पहली बार होगा जब वह मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल में कृषि विभाग की जिम्मेदारी निभाएंगे.

बता दें कि गुरुवार को दोपहर में पटना के गांधी मैदान में नए मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान मंत्रियों को शपथ दिलाई गई. वहीं, शाम होते-होते सभी मंत्रियों को उनके विभागों की भी जिम्मेदारी दे दी गई. इसी क्रम में अधिकांश मंत्रियों के विभागों का बंटवारा भी हुआ है, जिसमें कृषि विभाग की जिम्मेदारी विजय कुमार सिन्हा को दी गई है. वहीं, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की जिम्मेदारी नंदकिशोर राम को दी गई है. वहीं, सहकारिता विभाग की जिम्मेदारी पूर्व में कृषि मंत्री रह चुके राम कृपाल यादव को मिली है. पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत को स्वास्थ्य मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है.

तीसरी बार कृषि मंत्री की जिम्मेदारी निभाएंगे विजय सिन्हा

बिहार में एनडीए की सरकार बनने के बाद करीब 6 महीने के अंदर दूसरी बार कृषि मंत्री में बदलाव हुआ है. पूर्व में मुख्यमंत्री  नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में रामकृपाल यादव को कृषि मंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी. वहीं, सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय कुमार सिन्हा को कृषि मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है.

लेकिन बीते दो से ढाई वर्षों के अंदर विजय कुमार सिन्हा तीसरी बार कृषि मंत्री की जिम्मेदारी निभा रहे हैं. इससे पहले, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आरजेडी का दामन छोड़ एनडीए का हिस्सा बने थे, उस दौरान 3 फरवरी 2024 को विजय सिन्हा को उपमुख्यमंत्री के साथ कृषि मंत्री की भी जिम्मेदारी मिली थी. 2025 में फरवरी के अंत में एक बार फिर उन्हें कृषि मंत्री बनाया गया था.

करीब 6 साल में बिहार को मिले 7 से अधिक कृषि मंत्री

2020 से 2026 तक करीब 6 वर्षों में राज्य को 6 नए कृषि मंत्री मिल चुके हैं. जिनमें विजय कुमार सिन्हा के तीन कार्यकाल को जोड़ दिया जाए तो यह संख्या 8 हो जाती है. जहां बीजेपी से अमरेंद्र प्रताप सिंह 16 नवंबर 2020 से 9 अगस्त 2022 तक कृषि मंत्री रहे. इनके बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक सुधाकर सिंह कृषि मंत्री रहे. जब इन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया, तो उनके स्थान पर आरजेडी विधायक कुमार सर्वजीत को कृषि मंत्री बनाया गया.

वहीं, एक बार फिर बिहार में सत्ता परिवर्तन के बीच नीतीश कुमार की बीजेपी गठबंधन वाली सरकार में 2024 में विजय कुमार सिन्हा को कृषि मंत्री बनाया गया. इनके बाद मंगल पांडेय को यह जिम्मेदारी दी गई. वहीं, चुनावी वर्ष 2025 में विजय सिन्हा को कृषि मंत्री बनाया गया. इसके बाद बिहार विधानसभा चुनाव में विजय हासिल करने के बाद राम कृपाल यादव को कृषि मंत्री बनाया गया और फिर 7 मई 2026 को एक बार फिर विजय कुमार सिन्हा को यह जिम्मेदारी दी गई है.

किसान मोर्चा से उप मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री तक का सफर

बिहार की राजनीति में विजय कुमार सिन्हा की अपनी एक अलग पहचान है.  राज्य के लखीसराय के रहने वाले 58 वर्षीय विजय सिन्हा अपने राजनीतिक सफर के दौरान कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. साल 2000 में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के प्रदेश संगठन प्रभारी बनने के अलावा 2004 में बीजेपी की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य बने. इसके साथ ही वह किसान मोर्चा के प्रदेश महामंत्री भी बन चुके हैं, जिस दौरान उन्होंने किसानों और कृषि से जुड़ी समस्याओं को नजदीक से देखा है. वहीं, 2020 चुनाव के बाद बीजेपी का कोई पहला नेता बिहार विधानसभा का स्पीकर बना तो वह विजय सिन्हा थे.

राजस्व विभाग की जिम्मेदारी मिलने के बाद चर्चा में आए सिन्हा

साल 2025 के अंत में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की पूर्ण बहुमत वाली सरकार में उप मुख्यमंत्री के साथ राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की जिम्मेदारी मिलने के दौरान अपने कई बड़े फैसलों को लेकर वह सुर्खियों में बने रहे. वहीं, अब बिहार की जनता और किसानों की नजर एक बार फिर उन पर कृषि मंत्री के तौर पर बनी हुई है, जहां उनके सामने कृषि क्षेत्र में कई बड़ी चुनौतियां आने वाली हैं. विशेष तौर पर राज्य में मंडी व्यवस्था को बेहतर करना, इसके साथ ही किसानों को अपनी फसलों का बेहतर बाजार मिल सके, इसको लेकर भी उन्हें काम करना होगा.

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