यूपी को प्रीमियम फल उत्पादन और एक्‍सपोर्ट का हब बनाने की तैयारी, 'फ्रूट होराइजन 2026' में रोडमैप जारी

यूपी को प्रीमियम फल उत्पादन और एक्‍सपोर्ट का हब बनाने की तैयारी, 'फ्रूट होराइजन 2026' में रोडमैप जारी

यूपी को प्रीमियम फल उत्पादन और निर्यात हब बनाने की दिशा में लखनऊ में आयोजित “फ्रूट होराइज़न 2026” में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराह सिंह चौहान ने गुणवत्ता, शेल्फ लाइफ और निर्यात मानकों पर फोकस बढ़ाने की बात कही. क्लीन प्लांट सेंटर, टास्क फोर्स और वैल्यू चेन मजबूत करने पर जोर दिया गया.

Shivraj Singh Chouhan Fruit Horizon 2026 LucknowShivraj Singh Chouhan Fruit Horizon 2026 Lucknow
क‍िसान तक
  • Lucknow,
  • May 07, 2026,
  • Updated May 07, 2026, 5:41 PM IST

उत्तर प्रदेश को प्रीमियम फल उत्पादन और निर्यात का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने स्पष्ट रणनीति सामने रखी है. लखनऊ स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान में आयोजित “फ्रूट होराइज़न 2026” कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श‍िवराज सिंह चौहान ने कहा कि अब केवल उत्पादन बढ़ाने से लक्ष्य हासिल नहीं होगा, बल्कि गुणवत्ता, प्रोसेसिंग और निर्यात के हर चरण को मजबूत करना जरूरी है. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि खेती को अब खेत तक सीमित नहीं रखा जा सकता. 

उत्पादन से आगे बढ़कर पूरी वैल्यू चेन पर जोर

उन्होंने कहा कि उत्पादन, भंडारण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और निर्यात तक की पूरी वैल्यू चेन को मजबूत किए बिना भारत वैश्विक फल बाजार में प्रतिस्पर्धी नहीं बन सकता. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में जगह बनाने के लिए किसानों को आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन अपनाना होगा.

गुणवत्ता और शेल्फ लाइफ सुधारने पर खास ध्यान

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारतीय फलों की गुणवत्ता सुधारना समय की सबसे बड़ी जरूरत है. उन्होंने बताया कि शेल्फ लाइफ बढ़ाने, परिवहन के दौरान गुणवत्ता बनाए रखने और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए विशेष रणनीति तैयार की जा रही है. इससे निर्यात में बढ़ोतरी के साथ किसानों को बेहतर कीमत मिल सकेगी.

किसानों की आय बढ़ाने के लिए बनेगी टास्क फोर्स

इस आयोजन में यह निर्णय लिया गया कि वैज्ञानिक संस्थानों, निर्यातकों और कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) सहित संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर एक टास्क फोर्स बनाई जाएगी. यह टास्क फोर्स उत्पादकों और निर्यातकों की समस्याओं का समाधान करेगी और एक समयबद्ध एक्शन प्लान तैयार करेगी. इसका उद्देश्य किसानों की आय में स्थायी बढ़ोतरी सुनिश्चित करना है.

क्लीन प्लांट मिशन से यूपी को मिलेगा बड़ा लाभ

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि क्लीन प्लांटिंग मैटेरियल कार्यक्रम के तहत उत्तर प्रदेश को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है. इसी क्रम में लखनऊ के भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान में आधुनिक क्लीन प्लांट सेंटर विकसित किया जा रहा है. यहां आम, अमरूद, लीची और एवोकाडो जैसी प्रमुख फसलों के लिए रोगमुक्त और उच्च गुणवत्ता वाली पौध सामग्री तैयार की जाएगी. इससे उत्पादन की गुणवत्ता और निर्यात क्षमता दोनों में सुधार होगा.

कार्यक्रम में यह भी स्पष्ट किया गया कि भारत को वैश्विक बाजार में मजबूत पहचान दिलाने के लिए “जीरो रिजेक्शन” का लक्ष्य तय किया गया है. इसके लिए पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन, पैकहाउस, कोल्ड चेन और प्रसंस्करण सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया. साथ ही निर्यात के लिए व्यावहारिक एसओपी तैयार करने की बात भी कही गई.

एफपीओ और क्लस्टर मॉडल से बदलेगी तस्वीर

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छोटे किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ने में एफपीओ, एफपीसी और स्वयं सहायता समूहों की भूमिका बेहद अहम है. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर कई निर्यातोन्मुख क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं. उत्तर प्रदेश में आधुनिक पोस्ट-हार्वेस्ट सुविधाओं और जेवर एयरपोर्ट से जुड़ी लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं को मजबूत करना इस दिशा में बड़ा कदम साबित होगा.

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री सूर्य प्रताप शाही और दिनेश प्रताप सिंह सहित विभिन्न राज्यों के किसान, वैज्ञानिक, निर्यातक, नर्सरी संचालक और बागवानी क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे. सभी हितधारकों ने मिलकर फल क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए समन्वित प्रयासों पर जोर दिया.

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