भारत का कृषि निर्यात 52.55 अरब डॉलर पहुंचा, ट्रंप टैरिफ के बावजूद 2.8% की बढ़त दर्ज

भारत का कृषि निर्यात 52.55 अरब डॉलर पहुंचा, ट्रंप टैरिफ के बावजूद 2.8% की बढ़त दर्ज

वैश्विक अस्थिरता और व्यापारिक चुनौतियों के बावजूद भारत का कृषि निर्यात 2025-26 में बढ़कर 52.55 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें 2.8% की वृद्धि दर्ज की गई. दालों, ताजे फलों, खाद्य तेलों और प्रोसेस्ड फूड उत्पादों के निर्यात में खास बढ़त देखने को मिली है, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय कृषि उत्पादों की मजबूत मांग और बढ़ते वैल्यू एडिशन को दर्शाता है.

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क‍िसान तक
  • New Delhi,
  • Apr 22, 2026,
  • Updated Apr 22, 2026, 7:40 PM IST

भारत से कृषि प्रोडक्ट के निर्यात में तेजी दर्ज की गई है. वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया में तमाम तरह की उथल-पुथल के बावजूद, देश का कृषि निर्यात 2024-25 के 51.12 अरब डॉलर से बढ़कर 2025-26 में 52.55 अरब डॉलर हो गया, जिसमें 2.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.

कृषि निर्यातों में यह तेजी ऐसे समय में दर्ज की गई है जब दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध और संघर्ष चल रहे हैं. इससे निर्यात पर भारी असर पड़ा है. यह असर आगे भी जारी रहने की संभावना है. इसके अलावा, अमेरिका के टैरिफ के बावजूद भारत का कृषि निर्यात मजबूती से आगे बढ़ा है. इससे पता चलता है कि भारत के कृषि उत्पादों की मांग दुनिया के अलग-अलग देशों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.

बागवानी उत्पादों का कमाल

एक अधिकारी ने 'PTI' को बताया कि कृषि और उससे जुड़े प्रोडक्ट इस क्षेत्र को लगातार मजबूती देते रहे, जबकि समुद्री और बागवानी उत्पादों के निर्यात ने इसे एक नई तेजी दी. निर्यात में यह तेजी बेहतर कीमतों का मिलना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनी हुई मांग को दिखाता है.

दालों के निर्यात में 21.83 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे यह आंकड़ा बढ़कर 948.11 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया. यह वैश्विक स्तर पर प्रोटीन की जरूरतों को पूरा करने में भारत की मजबूत होती स्थिति का संकेत है. पिछले वित्त वर्ष के दौरान, ताजे फलों की खेप में 12.89 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 1.32 अरब डॉलर तक पहुंच गई, जिसका मुख्य कारण स्थिर मांग और बेहतर सप्लाई चेन थीं.

खाद्य तेलों के निर्यात में छलांग

इसके अलावा, आंकड़ों से पता चलता है कि खाद्य तेलों के निर्यात में 15.88 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 732.15 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया. वहीं, अनाज से बने उत्पाद खासकर प्रोसेस्ड फूड ने 7.8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1.01 अरब डॉलर का आंकड़ा पार कर लिया. इससे पता चलता है कि आने वाले समय में भारत के प्रोसेस्ड और वैल्यू ऐडेड प्रोडक्ट की मांग तेजी से बढ़ने वाली है.

काजू के निर्यात में 12.21 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 379.51 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जबकि कोको प्रोडक्ट के निर्यात में 7.59 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 317.97 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया. इसी तरह, अन्य तिलहनों के निर्यात में 84.39 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई है.

गेहूं एक्सपोर्ट में बड़ी तेजी

यहां तक ​​कि गेहूं के निर्यात जैसे छोटे क्षेत्रों में भी तेज वृद्धि देखने को मिली, जो बढ़कर 10.31 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया. इससे पता चलता है कि कुछ चुनिंदा बाजारों में इन प्रोडक्ट की मांग में एक नई तेजी आई है.

प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट की श्रेणियों में 1.71 अरब डॉलर के अलग-अलग प्रोसेस्ड प्रोडक्ट भी शामिल हैं. इससे यह पता चलता है कि प्रोडक्ट के value addition और 'फूड प्रोसेसिंग' की कितनी महत्वपूर्ण भूमिका है.

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