
तमिलनाडु के कृषि मंत्री आर. विनोद ने 58,374 करोड़ रुपये के कुल खर्च वाला कृषि बजट 2026-27 पेश किया. सरकार ने बजट में किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने, जलवायु परिवर्तन से मुकाबला करने और कृषि बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया है. कृषि मंत्री ने कहा कि सुपर अल-नीनो की वजह से राज्य के 12 जिलों पर अधिक असर पड़ने की आशंका है और इससे निपटने के लिए एक्शन प्लान तैयार किया गया है.
राज्य के किसानों की कम अवधि वाले कृषि लोन जरूरतों को पूरा करने के लिए वर्ष 2026-27 में 17,000 करोड़ रुपये का फसल लोन उपलब्ध कराया जाएगा.
सरकार ने पात्र किसानों के फसल लोन माफी कार्यक्रम के तहत अब तक कुल 5,267 करोड़ रुपये जारी किए हैं. इसमें 100 करोड़ रुपये पहली, 3,000 करोड़ रुपये दूसरी, 1,820 करोड़ रुपये तीसरी और 347 करोड़ रुपये चौथी किस्त के रूप में दिए गए. इसमें अभी कोई नया ऐलान नहीं किया गया है.
मधुमक्खी पालन सहित कृषि से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किसानों को 3,000 करोड़ रुपये का कार्यशील पूंजी लोन उपलब्ध कराया जाएगा.
जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कार्बन ट्रेडिंग को बढ़ावा दिया जाएगा. इसके लिए 2,000 एकड़ क्षेत्र में प्रदर्शन परियोजनाएं चलाई जाएंगी और 60 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे.
राज्य में दलहन और खाद्य तेलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 203.64 करोड़ रुपये की लागत से पांच वर्षीय मिशन लागू किया जाएगा. इसमें 65.28 करोड़ रुपये दलहन और 138.36 करोड़ रुपये तिलहन फसलों पर खर्च किए जाएंगे. इसके अलावा 2026-27 में बाजरा (मिलेट) मिशन के लिए 63.81 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
कपास उत्पादन बढ़ाने के लिए 2026-27 से पांच वर्षीय "कॉटन रेनेसां मिशन" शुरू किया जाएगा. पहले साल में 73,360 एकड़ क्षेत्र को कवर किया जाएगा और 27.21 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इससे लगभग 40,000 कपास किसानों को लाभ मिलने का अनुमान है.
किसानों को एक ही स्थान पर सरकारी योजनाओं और तकनीकी सलाह का लाभ देने के लिए आठ नए एकीकृत कृषि विस्तार केंद्र बनाए जाएंगे. इनमें 300 मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम भी होंगे.
फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने और सुरक्षित भंडारण के लिए 43,500 किसानों को तिरपाल वितरित किए जाएंगे. इस योजना के लिए 10 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
95,000 किसानों को लाभ पहुंचाने के लक्ष्य के साथ सूक्ष्म सिंचाई योजना के लिए 785 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. वहीं तमिलनाडु मृदा उर्वरता मिशन के लिए 122.51 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
कृषि मशीनीकरण योजना के तहत किसानों को सब्सिडी पर कृषि मशीनें और उपकरण उपलब्ध कराने के लिए 227.20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
कुल मिलाकर तमिलनाडु सरकार का यह कृषि बजट किसानों को सस्ती वित्तीय सहायता, जलवायु अनुकूल खेती, आधुनिक तकनीक, सिंचाई, भंडारण और फसल विविधीकरण के जरिए कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.