तमिलनाडु सरकार का बड़ा प्लानतमिलनाडु सरकार ने आज यानी 6 अगस्त को विधानसभा में अपना पहला कृषि बजट 2026-27 पेश किया. कृषि और किसान कल्याण मंत्री आर. विनोद ने बजट पेश करते हुए कहा कि राज्य में अल नीनो का खतरा बढ़ रहा है और इसके कारण 12 जिलों पर सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका है. उन्होंने बताया कि सरकार ने इस चुनौती से निपटने के लिए पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी हैं और किसानों को हर संभव मदद करने के लिए कई नई योजनाओं की घोषणा की गई है. कृषि मंत्री ने कहा कि यह कृषि बजट किसानों और कृषि विशेषज्ञों से बातचीत के बाद तैयार किया गया है. इसमें नई योजनाओं के साथ-साथ पहले से चल रही योजनाओं को भी आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि किसानों को अधिक लाभ मिल सके.
कृषि मंत्री ने बताया कि तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय (TNAU) ने अल नीनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए विशेष एक्शन प्लान तैयार किया है. सरकार इस योजना को तेजी से लागू कर रही है ताकि किसानों को मौसम संबंधी नुकसान से बचाया जा सके. उन्होंने कहा कि अल नीनो का असर पूरे देश में देखने को मिल सकता है, लेकिन तमिलनाडु के 12 जिले सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं. खासकर कुरुवई सीजन (जून, जुलाई और अगस्त की शुरुआत) के दौरान खेती पर इसका असर पड़ने की आशंका है.
मंत्री आर. विनोद ने बताया कि सभी जिलों के लिए जिला कृषि आकस्मिक योजना (District Agricultural Contingency Plan) तैयार कर जिला कलेक्टरों को भेज दी गई है. इसके तहत मौसम की स्थिति के अनुसार किसानों को समय पर सलाह और जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.
सरकार ने किसानों को एक ही जगह पर सभी कृषि सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 8 नए एकीकृत कृषि विस्तार केंद्र बनाने की घोषणा की है. इन केंद्रों में किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी, तकनीकी सलाह और कृषि संबंधी सुविधाएं मिलेंगी. हर केंद्र में 300 मीट्रिक टन क्षमता का गोदाम भी बनाया जाएगा, जिससे किसान अपनी उपज सुरक्षित रख सकेंगे. ये केंद्र तिरुवन्नामलाई, काटपाडी, गुड़ियाथम, मुसिरी, नारिकुडी, बोदिनायकनूर, कयाथर और थोंडामुथुर में बनाए जाएंगे. इस परियोजना पर 27.82 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार दोनों की हिस्सेदारी होगी.
फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के लिए सरकार ने 43,500 किसानों को तिरपाल देने की घोषणा की है. इन तिरपालों की मदद से किसान बारिश और तेज धूप से अपनी फसल को सुरक्षित रख सकेंगे और उसे आसानी से सूखा सकेंगे. इस योजना के लिए राज्य सरकार ने 10 करोड़ रुपये का बजट तय किया है.
सरकार ने छोटे और सीमांत किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए 'मक्कल सेवगर अंजालाई अम्मल' राज्य स्तरीय फसल उपज प्रतियोगिता शुरू करने की घोषणा की है. यह प्रतियोगिता 10 फसलों के लिए आयोजित होगी, जिनमें मोटे अनाज, दालें और तिलहन शामिल हैं. प्रत्येक फसल श्रेणी में सबसे अधिक उत्पादन करने वाले तीन किसानों को क्रमशः 2.50 लाख रुपये, 1.50 लाख रुपये और 1 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा. इसमें 30 किसानों को सम्मानित किया जाएगा और इस योजना पर 50 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे.
जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने 'नम्माझवार पुरस्कार' की घोषणा की है. वर्ष 2026-27 में जैविक खेती में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 5 किसानों को यह पुरस्कार दिया जाएगा. हर विजेता किसान को 2 लाख रुपये नकद और प्रशंसा पत्र दिया जाएगा. इस योजना के लिए 11 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है. (PTI)
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