
राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण कृषि मेले 'उन्नत कृषि महोत्सव' का रायसेन में अत्यंत उत्साह, उमंग, नवाचार और हजारों किसानों की गरिमामयी उपस्थिति के बीच भव्य समापन हुआ. समापन सत्र में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने जहां सड़क विकास, कृषि तकनीक, जल संरक्षण, वैकल्पिक ऊर्जा और ग्रामीण समृद्धि का व्यापक विजन रखा. वहीं, केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीज से बाजार तक तैयार रोडमैप को जमीन पर उतारने का दृढ़ संकल्प दोहराया.
रायसेन में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर आयोजित 'उन्नत कृषि महोत्सव' के समापन सत्र में नितिन गडकरी ने शिवराज सिंह चौहान द्वारा रखी गई क्षेत्रीय मांगों पर महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए विकास की नई सौगात दी. उन्होंने रायसेन रिंग रोड/पूर्वी बायपास के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने, संबंधित डीपीआर तैयार करने, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया राज्य सरकार द्वारा बढ़ाए जाने और पुलों के सौंदर्यीकरण संबंधी मांगों पर सकारात्मक सहमति व्यक्त की. उन्होंने यह भी कहा कि अन्य सड़क संबंधी प्रस्तावों पर भी जो संभव सहयोग होगा, वह किया जाएगा.
अपने संबोधन में नितिन गडकरी ने कहा कि वे इस कार्यक्रम में मंत्री के रूप में नहीं, बल्कि किसान के रूप में आए हैं. उन्होंने कहा कि खेती का भविष्य अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वेदर स्टेशन, सैटेलाइट आधारित सूचना, ड्रोन, नैनो यूरिया और आधुनिक कृषि तकनीकों से जुड़ चुका है, इसलिए किसानों को समय के साथ बदलना होगा. उन्होंने कहा कि ज्ञान सबसे बड़ी शक्ति है और ज्ञान को संपत्ति में बदलना आज कृषि क्षेत्र की सबसे बड़ी जरूरत है. उन्होंने किसानों से इनोवेशन, रिसर्च, सफल प्रयोगों और तकनीक-आधारित खेती को अपनाने का आह्वान किया, ताकि कम लागत में अधिक उत्पादन संभव हो सके.
नितिन गडकरी ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता नहीं रहेगा, बल्कि ऊर्जा दाता, ईंधन दाता, हवाई ईंधन दाता, डामर दाता और हाइड्रोजन दाता भी बनेगा. उन्होंने कहा कि कृषि अवशेष, पराली, बायोमास, इथेनॉल, सीएनजी और हाइड्रोजन के माध्यम से किसानों के लिए आय के नए रास्ते खुलेंगे, आयात घटेगा और गांवों की अर्थव्यवस्था को नई ताकत मिलेगी.
जल संरक्षण पर विशेष बल देते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि दौड़ते हुए पानी को चलने के लिए, चलने वाले पानी को रोकने के लिए और रुके हुए पानी को जमीन को पिलाने के लिए लगाना होगा. उन्होंने 'गांव का पानी गांव में, खेत का पानी खेत में, घर का पानी घर में' का संदेश देते हुए कहा कि जैसे पैसा बैंक में जमा किया जाता है. वैसे ही पानी को जमीन में डिपॉजिट करना होगा. उन्होंने कहा कि जहां सिंचाई का पानी सीधे नहीं पहुंच सकता, वहां जल संरक्षण की संरचनाएं बड़ी भूमिका निभा सकती हैं.
उन्होंने डेयरी, मछली पालन और ब्लू इकोनॉमी को किसानों की आय बढ़ाने के बड़े माध्यम बताते हुए कहा कि दुग्ध उत्पादन, मछली उत्पादन और उससे जुड़ी गतिविधियों पर गंभीरता से ध्यान देना होगा. नितिन गडकरी ने कहा कि केवल उत्पादन बढ़ाना काफी नहीं है, बल्कि प्रोसेसिंग प्लांट, कोल्ड स्टोरेज, प्री-कूलिंग सिस्टम और वैल्यू एडिशन की मजबूत व्यवस्था भी बनानी होगी. उन्होंने कहा कि जब बाजार में उत्पादन अधिक होता है तो कीमतें गिर जाती हैं, इसलिए भंडारण और प्रसंस्करण की मजबूत व्यवस्था किसानों को बेहतर दाम दिलाने के लिए आवश्यक है.
उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे मेले में लगे स्टॉल, मशीनरी प्रदर्शन, पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस, हाइड्रोपोनिक्स, एक एकड़ खेती के मॉडल, बकरी पालन, मछली पालन और अन्य तकनीकी सत्रों को देखकर जाएं, सीख कर जाएं और उसे खेत में लागू करें. उन्होंने कहा कि यही ज्ञान, यही तकनीक और यही प्रयोग किसानों का भविष्य बदलेंगे, गांवों को समृद्ध बनाएंगे और स्मार्ट सिटी के साथ स्मार्ट विलेज की दिशा को मजबूत करेंगे.
नितिन गडकरी ने शिवराज सिंह के मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल में मध्य प्रदेश की कृषि उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि किसानों को उन्नत बनाने के लिए इस तरह के आयोजन बेहद महत्वपूर्ण हैं. साथ ही यह महोत्सव किसानों को भविष्य की नई प्रेरणा देने वाला सिद्ध होगा.
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 'उन्नत कृषि महोत्सव' कोई कर्मकांड नहीं है और यह समापन नहीं, बल्कि नई शुरुआत है. उन्होंने कहा कि चार दिनों तक चले इस आयोजन ने किसानों के लिए पाठशाला का काम किया, जहां मिट्टी की महक, मशीन की शक्ति, नवाचार, तकनीक और विकास का अद्भुत संगम देखने को मिला. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस क्षेत्र की मिट्टी, जलवायु, जल उपलब्धता और संसाधनों के आधार पर बीज से बाजार तक का विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है. उन्होंने कहा कि इस रोडमैप में यह तय किया गया है कि इस क्षेत्र में कौन-कौन सी फसलें, फल और सब्जियां अच्छी हो सकती हैं और उनके उत्पादन, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग की संपूर्ण योजना कैसे बनेगी.
उन्होंने कहा कि अच्छे बीज की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए हर ब्लॉक में बीज ग्राम बनाए जाएंगे, दलहन और बागवानी क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा और इस क्षेत्र को हॉर्टिकल्चर हब के रूप में विकसित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि ड्रिप और स्प्रिंकलर के माध्यम से पानी की एक-एक बूंद का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा. साथ ही कस्टम हायरिंग सेंटर और पंचायतों में मशीन बैंक बनाए जाएंगे, ताकि किसानों को आधुनिक मशीनें आसानी से मिल सकें. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अच्छी नर्सरी और क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किए जाएंगे, एफपीओ को मजबूत किया जाएगा, बैक हाउस और कोल्ड हाउस बनाए जाएंगे और किसानों को उत्पादन से बाजार तक बेहतर ढांचा उपलब्ध कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि एकीकृत खेती के मॉडल के माध्यम से छोटे खेत के टुकड़े पर भी अधिक आमदनी प्राप्त की जा सकती है और सरकार किसानों की आय बढ़ाकर ही चैन की सांस लेगी.
शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि इस पूरे रोडमैप की मॉनिटरिंग के लिए टास्क फोर्स बनाई जाएगी और राष्ट्रीय स्तर की संचालन समिति गठित की जाएगी. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की टीमें मिलकर यह सुनिश्चित करेंगी कि जो संकल्प लिए गए हैं, वे केवल घोषणा बनकर न रह जाएं, बल्कि पूरी ताकत के साथ जमीन पर उतरें.
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से फार्मर आईडी बनवाने की अपील करते हुए कहा कि भविष्य में खेती से जुड़ी अनेक सेवाएं, योजनाएं और प्रक्रियाएं इससे आसान होंगी. उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी जिंदगी बदलने, उनके चेहरे पर मुस्कान लाने और खेती को लाभ का धंधा बनाने में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी.
अपने संबोधन में शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का स्वागत करते हुए कहा कि वे ऐसे मंत्री हैं जो असंभव को संभव करके दिखाते हैं, नई तकनीक और नवाचार से देश में समृद्धि लाने का काम करते हैं और समयबद्ध कार्यशैली के लिए पहचाने जाते हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के निर्माण में कृषि को पीछे नहीं रहने दिया जाएगा और किसानों की सेवा ही सरकार के लिए सर्वोच्च दायित्व है.
समापन सत्र में किसानों को हित लाभों का वितरण भी किया गया. इस अवसर पर केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर और हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री करण सिंह वर्मा, नारायण सिंह पवार, नरेंद्र शिवाजी पटेल, सांसद दर्शन सिंह चौधरी, विधायक डॉ. सुरेन्द्र चौधरी, रमाकांत भार्गव, हरि सिंह रघुवंशी, हरि सिंह सप्रे, मुकेश टंडन, गोपाल सिंह इंजीनियर, आशीष शर्मा, अन्य जनप्रतिनिधि, कृषि वैज्ञानिक, विशेषज्ञ, वरिष्ठ अधिकारी और हजारों किसान भाई-बहन उपस्थित रहे.