Iran War का असर: खाड़ी देशों से ड्राई फ्रूट्स की सप्लाई ठप, भारत में बढ़े दाम

Iran War का असर: खाड़ी देशों से ड्राई फ्रूट्स की सप्लाई ठप, भारत में बढ़े दाम

ईरान और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के चलते ड्राई फ्रूट्स की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है. पिस्ता, बादाम, अंजीर और खजूर जैसे मेवों का आयात लगभग ठप हो गया है, जिससे बाजार में कमी और दामों में तेजी देखने को मिल रही है. बंदरगाह बंद होने और जहाजों के फंसे होने से व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों पर असर पड़ा है.

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क‍िसान तक
  • Mumbai,
  • Apr 15, 2026,
  • Updated Apr 15, 2026, 3:33 PM IST

जब से ईरान युद्ध शुरू हुआ है, तब से बाजार में एक बहुत भारी समस्या देखने को मिल रही है. यह समस्या सूखे मेवों (Dry Fruits) की सप्लाई से जुड़ी है जिसमें बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है. ईरान से भारत आने वाले हर तरह के मेवे में बहुत भारी कमी आई है. इससे इंपोर्ट का व्यापार पूरी तरह से ठप हो गया है. लड़ाई की वजह से ड्राई फ्रूट्स का इंपोर्ट नहीं हो पा रहा है क्योंकि जहाज रुके हुए हैं. Middle East में जो जहाज फंसे हैं वो भारत नहीं आ पा रहे हैं.

मुंबई में ड्राई फ्रूट्स के बड़े इंपोर्टर अशोक तिवारी ने 'आजतक' को बताया कि ईरान से पिस्ता, बादाम, अंजीर, अखरोट जैसी चीजें बल्क में आती हैं. सऊदी से भी बड़ी मात्रा में खजूर आते हैं जिसमें मेदजूल शामिल है. इसके अलावा सूखा खजूर भी आता है. लेकिन अभी एक भी कंटेनर नहीं आ पा रहा है क्योंकि इंपोर्ट के लिए मुख्य पोर्ट यूएई, सऊदी और ईरान में हैं जहां लड़ाई का प्रभाव है.

ड्राई फ्रूट्स की सप्लाई बंद

सप्लाई की समस्या केवल खजूर की नहीं है, सभी चीजों को लेकर है. इसमें सभी ड्राई फ्रूट्स शामिल हैं. ईरान से पिस्ता आता है, अंजीर आती है, बादाम आता है, मामर बादाम आता है जो कि भारत में बहुत मशहूर है. खजूर की कई वैरायटी आती है, लेकिन सब कुछ बंद है. यूएई, सऊदी और ईरान-तीनों देश इसके बड़े सप्लायर हैं जहां के पोर्ट पूरी तरह से बंद हैं. जहाज फंसे हुए हैं. इसमें ओमान भी शामिल है जहां से कोई भी जहाज भारत की तरफ नहीं आ पा रहा है.

भारत में आयात के लिए खाड़ी और पश्चिम एशिया के देशों में तीन बंदरगाह सबसे अहम हैं. जबल अली पोर्ट, बंदर अब्बास पोर्ट और चाबहार पोर्ट. तीनों पोर्ट अभी बंद हैं. इन देशों से भारत में माल आता है जहां से होलसेलर व्यापारी खुदरा बाजारों में सप्लाई करते हैं. मुंबई के होलसेल मार्केट में आने वाला ड्राई फ्रूट APMC वाशी, इंदौर, दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर जैसी जगहों पर भेजा जाता है.

आयात ठप होने से गोदाम खाली

आयात ठप होने से पूरा गोदाम खाली है, बाकी राज्यों में सप्लाई नहीं जा पा रही है. इस मामले में व्यापारी सरकार से रियायत की गुहार लगा रहे हैं. इंपोर्टर अशोक तिवारी ने कहा, हमें उम्मीद है कि सरकार इसमें कोई मदद करेगी. बैंकों से रियायत मिले क्योंकि जब हमारे पास स्टॉक नहीं रहता है, हम CCOD लेकर दिखाते हैं तो बैंक हमें काफी परेशान करते हैं कि आपके पास स्टॉक नहीं है. हम स्टॉक कैसे दिखाएं जब बाहर से माल नहीं आ रहा है. हमारे पास लोकल माल भी नहीं होता है.

अभी हालत ये है कि व्यापारी न इंपोर्ट कर पा रहे हैं, और न उन्हें लोकल माल मिल पा रहा है. रिटेल में दाम भी बढ़ गए हैं क्योंकि सप्लाई की समस्या है. ड्राई फ्रूट्स मंगाने वाले सभी होलसेलर के पास माल पूरी तरह खत्म हो चुका है. जिन व्यापारियों ने पहले से कुछ माल बचा रखा है, उनके पास थोड़ा स्टॉक होगा. व्यापारी इस स्टॉक को दाम बढ़ा कर बेच रहे हैं. व्यापारी इसका फायदा उठा रहे हैं और ड्राई फ्रूट्स का दाम बढ़ाकर बेच रहे हैं. 

व्यापारियों की सरकार से गुहार

ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर हुआ है, मगर ड्राई फ्रूट्स के इंपोर्ट को इसका फायदा नहीं मिल रहा है. लड़ाई बंद होने के बावजूद पोर्ट नहीं खुले हैं. हॉर्मुज स्ट्रेट अभी तक बंद है और उस पर तनातनी जारी है. इसलिए व्यापारियों को सीजफायर का कोई फायदा नहीं मिल रहा है. इसका फायदा तभी मिलेगा जब पोर्ट पूरी तरह से खुल जाएंगे और जहाजों का आवागमन शुरू होगा. व्यापारी उम्मीद कर रहे हैं कि दोनों देशों का यह झगड़ा जल्द सुलझे ताकि मध्य पूर्व से इंपोर्ट शुरू हो सके.(विद्या की रिपोर्ट)

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