शहीदों की नगरी शाहजहांपुर पहुंचा किसान कारवां, किसानों को दी गई आधुनिक खेती और आय बढ़ाने की जानकारी

शहीदों की नगरी शाहजहांपुर पहुंचा किसान कारवां, किसानों को दी गई आधुनिक खेती और आय बढ़ाने की जानकारी

शाहजहांपुर में किसान कारवां कार्यक्रम के जरिए किसानों को आधुनिक खेती, उर्वरकों के सही उपयोग, पशुपालन और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई. कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने आय बढ़ाने के उपाय बताए. कार्यक्रम में मनोरंजन के साथ ज्ञान का संगम देखने को मिला, जिससे किसान नई तकनीकों और बेहतर खेती के तरीकों से जुड़ सके.

किसान कारवांकिसान कारवां
अंक‍ित कुमार स‍िंह
  • Noida,
  • Apr 15, 2026,
  • Updated Apr 15, 2026, 3:31 PM IST

किसान कारवां शाहजहांपुर पहुंचा- जो बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान और रोशन सिंह जैसे महान क्रांतिकारियों की जन्मस्थली है (जिसे "शहीदों का शहर" कहा जाता है)- और यह एक ऐसा जिला है जिसने धान, गेहूं और गन्ने जैसी फसलों की खेती के माध्यम से समृद्धि की राह बनाई है. शाहजहांपुर जिले का पुवायां गांव, उत्तर प्रदेश के 75 जिलों की यात्रा के दौरान इस कारवां का 61वां पड़ाव था. 60 जिलों का दौरा सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद, किसान कारवां बरगदिया स्थित सरकारी बागवानी नर्सरी पहुंचा- जो जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर है- जहां स्थानीय ग्रामीणों के बीच उत्साह का एक स्पष्ट माहौल देखने को मिला. इसके अलावा, कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), कृषि विभाग और पशुपालन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने किसानों को कृषि और पशुपालन के क्षेत्रों में हो रहे मौजूदा बदलावों, साथ ही वर्तमान में चल रही विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी. किसानों को अपनी आय दोगुनी या तिगुनी करने की रणनीतियों से अवगत कराया गया और उन्हें उद्योग-उन्मुख कृषि पद्धतियों को अपनाने की सलाह दी गई.

'किसान कारवां' कार्यक्रम में न केवल कृषि वैज्ञानिक और अधिकारी शामिल हुए, बल्कि IFFCO और चंबल फर्टिलाइजर्स के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे. इन प्रतिनिधियों ने किसानों को उर्वरकों के सही इस्तेमाल के साथ-साथ अपने विभिन्न उत्पादों के बारे में भी जानकारी दी. कार्यक्रम के दौरान, किसानों के मनोरंजन के लिए, जादूगर सलमान ने अपने जादू के करतबों के माध्यम से खेती और पशुपालन से जुड़ी जानकारियों को बेहद रोचक अंदाज़ में प्रस्तुत किया. इसके अलावा, एक लकी ड्रॉ के ज़रिए 12 किसानों को नकद पुरस्कार भी वितरित किए गए.

आम के गिर रहे फल तो करें यह उपाय

पहला चरण केवीके शाहजहांपुर के उद्यान वैज्ञानिक डॉ. महेश कुमार ने किसानों को आम के फल गिरने को लेकर सुझाव दिया कि किन दवाओं और किस विधि से यदि किसान आम के बगीचे का देखरेख करते हैं तो फल नहीं गिरेगा. आगे उन्होंने कहा कि बगीचे में हल्का पानी हमेशा देना चाहिए.  अधिक पानी देने पर और कम पानी रहने पर भी फल गिरते हैं, इसलिए किसान इस बात का ध्यान दें कि बगीचे में सिंचाई एक मीडियम तरीके से हो. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आम में पोटाश का छिड़काव हर 15–15 दिनों के अंतराल पर करते रहें. इससे अच्छे फल आते हैं और फल गिरने की संभावनाएं कम हो जाती हैं.

नैनो डीएपी और यूरिया नए दौर का उर्वरक

दूसरा चरण में इफको के प्रतिनिधि राम रत्न सिंह ने किसानों को नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, नैनो जिंक सहित अन्य उत्पादों के बारे में विस्तार से बताया. इसके साथ ही उन्होंने सागरिका के बारे में किसानों को जानकारी दी. आगे उन्होंने कहा कि खेतों की उर्वरा शक्ति अब खत्म हो रही है, इसके लिए अब किसानों को अपनी खेती में बदलाव करना होगा, साथ ही उर्वरकों का सही उपयोग भी करना होगा.

ये है नए दौर का खाद

0238 गन्ना वैरायटी की खेती नहीं करने का अनुरोध

तीसरे चरण में, ज़िला गन्ना अधिकारी जितेंद्र कुमार मिश्रा ने किसानों को गन्ने की खेती से जुड़े विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी. इसके अलावा, उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में ज़िले में गन्ने की खेती का रकबा बढ़ने की उम्मीद है, और किसानों को अच्छी-खासी आमदनी कमाने के लिए गन्ने की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया. साथ ही, उन्होंने किसानों से अनुरोध किया कि वे गन्ने की किस्म 0238 के रकबे को और अधिक न बढ़ाएँ.

चंबल के उत्पादों से बढ़ेगा फसल का उत्पादन

चौथा चरण चंबल फर्टिलाइजर एंड केमिकल लिमिटेड के प्रतिनिधि आशुतोष कटियार ने ‘उत्तम प्रणाम’ और ‘उत्तम सुपरराइजा’ उत्पादों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि ये दोनों जैव-उत्पाद किसानों की आय बढ़ाने में सहायक हैं तथा इनके उपयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी बनी रहती है. ये उत्पाद रसायन-मुक्त हैं और खेत की सेहत को नुकसान नहीं पहुंचाते. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि चंबल फर्टिलाइजर की ओर से मिट्टी की जांच निशुल्क कराई जाती है. आगे उन्होंने कहा कि किसानों को उर्वरकों का सही उपयोग करना चाहिए.

गोबर खाद से रसायन उर्वरक का उपयोग होगा कम

पांचवां चरण जिला कृषि रक्षा अधिकारी संजय कुमार ने किसानों से खेतों में रासायनिक उर्वरकों का कम प्रयोग करने का अनुरोध किया. उन्होंने बताया कि यूरिया का ज्यादा उपयोग सीधे बीमारी बढ़ाने का काम करता है. आगे उन्होंने किसानों को गोबर खाद प्रयोग करने पर जोड़ देते हुए कहा कि अगर गोबर खाद का उपयोग किसान करता है तो रसायनों का उपयोग अपने आप कम हो जाएगा. इसके साथ ही किसानों को यह प्रयास करने की जरूरत है कि खेतों में कम से कम यूरिया का उपयोग करें.

पशुओं के समय पर देते रहे कीड़ों की दवा

छठा चरणपशुपालन विभाग के अधिकारी डॉ. राज भार्गव ने किसानों को पशुओं में लगने वाले कीड़ों के बारे में जानकारी दी. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि साल में दो बार कीड़ों की दवा पशुओं को देनी चाहिए. वहीं, जानवरों को एक ही कीड़ों की दवा नहीं देनी चाहिए. पशुओं की विभिन्न अवस्थाओं के लिए अलग-अलग कीड़े की दवाएं होती हैं. इसके साथ ही उन्होंने किसानों को थनेला रोग के बारे में जानकारी दी.

ढैंचा बढ़ाएगा खेतों की ताकत 

सातवां चरण कृषि विज्ञान केंद्र शाहजहांपुर के हेड डॉ. एन.सी. त्रिपाठी ने मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने को लेकर कहा कि खरीफ फसल की खेती से पहले किसान अपने खेतों में ढैंचा लगाएं, इससे खेतों की उर्वरा शक्ति में बढ़ोतरी होगी. साथ ही उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से उर्वरकों के संतुलित प्रयोग को लेकर भी अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान में किसान जरूर शामिल हों और साथ ही उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि हो सके तो अधिक से अधिक ऑर्गेनिक उर्वरकों का उपयोग करें और रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करें. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि किसान मिट्टी की जांच कराएं और मिट्टी की उर्वरा शक्ति की पूरी जानकारी हासिल करें. इससे यह पता चलता है कि मिट्टी में कौन से पोषक तत्व की कमी है और उसके लिए क्या करना है.

रेशम की खेती पर सरकार दे रही अनुदान 

आठवां चरण जिला सहायक निदेशक रेशम दया शंकर ने किसानों को रेशम की खेती के बारे में जानकारी दी. इसके साथ ही उन्होंने किसानों को रेशम तैयार करने की जानकारी दी और किसानों को इसकी खेती करने को लेकर भी जागरूक किया. उन्होंने बताया कि बाजार में रेशम का भाव कितना है और इसकी खेती करके किसान कितनी कमाई कर सकते हैं. इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी.आगे उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से रेशम की खेती करने पर अनुदान भी दिया जाता है.

शीत गृह पर 35 फीसदी अनुदान 

नौवां चरण जिला उद्यान अधिकारी पुनीत कुमार पाठक ने किसानों को ड्रिप इरिगेशन से जुड़ी योजनाओं के बारे में जानकारी दी. इसके साथ ही उन्होंने किसानों को ड्रिप लगाने के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी होने पर किससे संपर्क करें, इसको लेकर जानकारी दी. आगे उन्होंने किसानों को कोल्ड स्टोरेज नया लगाने को लेकर जानकारी देते हुए कहा कि सरकार द्वारा शीतगृह पर 35 फीसदी तक अनुदान देने का प्रावधान किया गया है.

फॉर्मर आईडी के बिना नहीं मिलेगा सरकारी लाभ

दसवां चरण उप जिला कृषि अधिकारी शाहजहांपुर ने कहा कि अब बिना किसान फार्मर आईडी के कृषि से जुड़ी कोई भी योजना का लाभ किसानों को नहीं मिलेगा. इसलिए किसान जल्द से जल्द फार्मर आईडी बनवा लें. वहीं, गेहूं के बिक्री केंद्र पर भी फार्मर आईडी बनवाने का काम किया जा रहा है. इसलिए किसान अब फार्मर आईडी जरूर बनवाएं.

कला के जरिए खेती का संदेश

ग्यारहवां चरण में जादूगर सलमान ने अपनी कला के माध्यम से खेती से जुड़ी जानकारी प्रस्तुत की. उन्होंने किसानों को गोबर खाद के उपयोग और पशुपालन को बढ़ावा देने का सुझाव दिया. इसके साथ ही उन्होंने किसानों से हर शुभ अवसर पर वृक्ष लगाने की अपील की. इसके अलावा उन्होंने किसानों को आय दोगुनी करने को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी.

लकी ड्रॉ के जरिए किसानों को दी गई नकद राशि

अंतिम, बारहवें चरण में लकी ड्रॉ का आयोजन किया गया, जिसमें 10 विजेताओं को 500 रुपये और इसके साथ ही कुल पांच विजेताओं को 1000 रुपये दिए गए. ‘किसान तक’ का यह कारवां किसानों को आधुनिक तकनीक, बाजार से जुड़ाव और आय बढ़ाने के उपायों से जोड़ने का एक प्रभावी मंच प्रदान कर रहा है.

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