पराली प्रबंधन पर एक्शन में पंजाब प्रशासन: 15 लाख का जुर्माना और 256 रेड एंट्री, जानिए किस जिले का क्या है हाल

पराली प्रबंधन पर एक्शन में पंजाब प्रशासन: 15 लाख का जुर्माना और 256 रेड एंट्री, जानिए किस जिले का क्या है हाल

पंजाब में 27 अक्टूबर तक पराली जलाने की 717 घटनाएं दर्ज की गई हैं. प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 129 एफआईआर दर्ज की हैं, 256 मामलों में रेड एंट्री की गई है और 14.95 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. सबसे ज्यादा मामले तरनतारन (318) और अमृतसर (154) में सामने आए हैं. जानिए पूरा आंकड़ा.

पराली जलाने वालों पर बड़ा एक्शनपराली जलाने वालों पर बड़ा एक्शन
क‍िसान तक
  • पटियाला,
  • Oct 28, 2026,
  • Updated Oct 28, 2026, 7:12 PM IST

पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन की कार्रवाई जारी है. 27 अक्टूबर 2026 तक की सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, राज्यभर में पराली जलाने की 717 घटनाएं रिपोर्ट की गई हैं. इनमें सबसे ज्यादा 318 घटनाएं तरनतारन जिले में दर्ज हुई हैं, जबकि अमृतसर 154 घटनाओं के साथ दूसरे स्थान पर है.

सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब में दर्ज 717 घटनाओं में से 664 मामलों में खेतों का निरीक्षण किया गया. इस दौरान 313 स्थानों पर पराली जलाने की पुष्टि हुई.

जुर्माने की कार्रवाई पर नजर डालें तो राज्यभर में 299 मामलों में पर्यावरणीय मुआवजा लगाया गया है. कुल 14 लाख 95 हजार रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया, जबकि इसमें से 6 लाख 50 हजार रुपये की वसूली की जा चुकी है.

256 मामलों में रेड एंट्री दर्ज

रिपोर्ट में कुल 129 FIR दर्ज होने का भी उल्लेख है. इसके अलावा 256 मामलों में खेतों के रिकॉर्ड में रेड एंट्री की गई है और 368 चेतावनी नोटिस जारी किए गए हैं.

जिलेवार आंकड़ों में तरनतारन सबसे आगे है. यहां पराली जलाने की 318 घटनाएं रिपोर्ट हुईं और 152 स्थानों पर पराली जलाने की पुष्टि हुई. जिले में 7 लाख 80 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसमें से 2 लाख 65 हजार रुपये की वसूली हुई. यहां 64 FIR दर्ज की गई हैं.

वहीं, अमृतसर में 154 घटनाएं रिपोर्ट हुईं. यहां 75 स्थानों पर पराली जलाने की पुष्टि हुई, 3 लाख 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया और 2 लाख 85 हजार रुपये की वसूली हुई. अमृतसर में 24 FIR दर्ज की गई हैं.

गुरदासपुर में 47, कपूरथला में 46 और फिरोजपुर में 42 घटनाएं रिपोर्ट की गईं. पटियाला जिले में 13 घटनाएं दर्ज हुईं, जिनमें 6 स्थानों पर पराली जलाने की पुष्टि हुई. यहां 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया और 15 हजार रुपये की वसूली की गई. पटियाला में 3 FIR दर्ज की गई हैं.

जिलारिपोर्टेड घटनाएंपुष्टि किए गए स्थानजुर्मानावसूलीएफआईआर
तरनतारन318152₹7.80 लाख₹2.65 लाख64
अमृतसर15475₹3.35 लाख₹2.85 लाख  24
गुरदासपुर 4717₹75,000  ₹20,000 7
कपूरथला4615₹75,000₹0 10
फिरोजपुर4220₹75,000₹45,000 9
जालंधर177₹35,000₹0 7
पटियाला136₹30,000₹15,0003
फाजिल्का166₹20,000₹0 3

नोट: रकम और जिलेवार आंकड़े उपलब्ध रिपोर्ट में दर्ज संख्याओं के आधार पर हैं. पूरी रिपोर्ट में पंजाब के 23 जिलों का विवरण है.

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि रिपोर्ट में तरनतारन और अमृतसर में पराली जलाने की घटनाओं का बड़ा हिस्सा दर्ज किया गया है. हालांकि, ये आंकड़े 27 अक्टूबर तक के संचयी आंकड़े हैं, न कि केवल पिछले 24 घंटे के. पिछले 24 घंटे में कितनी नई घटनाएं हुईं, इसका अलग विवरण इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है.

पटियाला में 717 घटनाएं सामने आईं

पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए की जा रही कार्रवाई के बीच 27 अक्टूबर 2026 तक के सरकारी आंकड़ों में राज्यभर में पराली जलाने की 717 घटनाएं रिपोर्ट की गई हैं. इनमें से 664 मामलों में खेतों का निरीक्षण किया गया, जबकि 313 स्थानों पर पराली जलाने की पुष्टि हुई है. रिपोर्ट के अनुसार, 299 मामलों में पर्यावरणीय मुआवजा यानी जुर्माना लगाया गया है. कुल 14.95 लाख रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया, जिसमें से 6.50 लाख रुपये की वसूली हुई है.

किन जिलों में सबसे अधिक मामले सामने आए?

रिपोर्ट में दर्ज कुल घटनाओं के अनुसार, तरनतारन जिला सबसे आगे है. यहां पराली जलाने की 318 घटनाएं रिपोर्ट हुईं. इसके बाद अमृतसर में 154, गुरदासपुर में 47, कपूरथला में 46 और फिरोजपुर में 42 घटनाएं दर्ज की गईं.

पंजाब में पराली जलाने के आंकड़े

  • कुल रिपोर्टेड घटनाएं-717
  • पुष्टि किए गए स्थान-313
  • लगाया गया जुर्माना-₹14.95 लाख
  • वसूली गई राशि-₹6.50 लाख
  • दर्ज FIR-129
  • रेड एंट्री-256 

(मुनीष कौशल की रिपोर्ट)

ये भी पढ़ें

MORE NEWS

Read more!