योगी कैबिनेट का फैसला: बुंदेलखंड में बनेंगे 65 हजार मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम, किसानों को मिलेगा फायदा

योगी कैबिनेट का फैसला: बुंदेलखंड में बनेंगे 65 हजार मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम, किसानों को मिलेगा फायदा

योगी कैबिनेट ने बुंदेलखंड के झांसी और ललितपुर में कुल 65 हजार मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम को निशुल्क जमीन उपलब्ध कराई जाएगी.

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क‍िसान तक
  • Lucknow,
  • Oct 27, 2026,
  • Updated Oct 27, 2026, 5:08 PM IST

उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में कृषि उपज के भंडारण की सुविधा बढ़ाने के लिए योगी सरकार ने झांसी और ललितपुर में नए गोदाम बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम को दोनों जिलों में गोदाम निर्माण के लिए मुफ्त जमीन उपलब्ध कराने के फैसले पर मुहर लगाई गई. इन भंडारगृहों की कुल क्षमता 65 हजार मीट्रिक टन होगी.

राज्‍य के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि इस पहल से किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने और बेहतर कीमत मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी. परियोजना के तहत झांसी में 30 हजार मीट्रिक टन और ललितपुर में 35 हजार मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम बनाए जाएंगे.

झांसी और ललितपुर में मिलेगी भंडारण की सुविधा

गोदामों के निर्माण के लिए सहकारिता विभाग के अधीन उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम को मुफ्त जमीन दी जाएगी. इन केंद्रों पर दलहन, तिलहन और श्री अन्न (मोटे अनाज) की प्रमुख फसलों ज्वार-बाजरा समेत अन्य कृषि उपज को वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित रखने की व्यवस्था होगी.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में बुंदेलखंड में भंडारण सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया था. उन्होंने संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर गोदाम निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने और कृषि उपज के भंडारण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए थे.

सही दाम मिलने तक उपज रख सकेंगे किसान

बुंदेलखंड में सूखे और अनियमित बारिश जैसी परिस्थितियों का असर खेती पर पड़ता है. ऐसे में फसल तैयार होने के बाद उपज को सुरक्षित रखने की पर्याप्त व्यवस्था किसानों के लिए महत्वपूर्ण है. नए गोदाम बनने से किसानों को अपनी उपज तत्काल बेचने की मजबूरी से राहत मिल सकती है.

भंडारण सुविधा उपलब्ध होने पर किसान बाजार में कीमतें अनुकूल नहीं होने की स्थिति में अपनी उपज को सुरक्षित रख सकेंगे और बेहतर दाम मिलने पर बिक्री कर सकेंगे. इससे फसल की गुणवत्ता बनाए रखने, नुकसान कम करने और कृषि विपणन व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है.

भंडारण के साथ स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे

प्रोजेक्‍ट से सि‍र्फ कृषि उपज को सुरक्षित रखने की सुविधा ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि गोदामों के निर्माण और संचालन से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है. परिवहन, माल की लोडिंग-अनलोडिंग, रखरखाव और अन्य सहायक कार्यों में लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं. सरकार की इस पहल का उद्देश्य बुंदेलखंड में कृषि उपज के नुकसान को कम करना, भंडारण व्यवस्था को बेहतर बनाना और किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए अधिक अनुकूल परिस्थितियां उपलब्ध कराना है.

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