किसान तक के 'भारत एग्रीकल्चर कॉन्फ्रेंस 2026' में शामिल होंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, देश-दुनिया के कई दिग्गज रखेंगे विचार

किसान तक के 'भारत एग्रीकल्चर कॉन्फ्रेंस 2026' में शामिल होंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, देश-दुनिया के कई दिग्गज रखेंगे विचार

किसान तक (इंडिया टुडे ग्रुप) की ओर से 11 और 12 नवंबर को ' 'भारत एग्रीकल्चर कॉन्फ्रेंस 2026' का आयोजन किया जा रहा है. इस दो दिवसीय सम्मेलन की शुरुआत 11 नवंबर की सुबह कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मेलन को प्लेनरी एड्रेस के जरिए संबोधित करेंगे.

भारत एग्रीकल्चर कॉन्फ्रेंस 2026भारत एग्रीकल्चर कॉन्फ्रेंस 2026
क‍िसान तक
  • New Delhi,
  • Nov 07, 2026,
  • Updated Nov 07, 2026, 5:16 PM IST

किसान तक (इंडिया टुडे ग्रुप) की ओर से 11 और 12 नवंबर को ' 'भारत एग्रीकल्चर कॉन्फ्रेंस 2026' का आयोजन किया जा रहा है. नई दिल्ली के भारत मंडपम में होने वाले इस दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे. जबकि समापन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होंगे. इस कार्यक्रम में देशभर से करीब 2,000 किसान शामिल होंगे. इसके अलावा नीति निर्माता, कृषि वैज्ञानिक, उद्योग जगह के प्रतिनिधि और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भी हिस्सा लेंगे.

सम्मेलन की थीम 'स्मार्ट किसान, विकसित भारत' रखी गई है. महिंद्रा ट्रैक्टर्स इस कार्यक्रम का प्रस्तुतकर्ता और महाधन एग्रीटेक सह-प्रस्तुतकर्ता हैं. कॉन्फ्रेंस का मकसद किसानों के अनुभवों को आधुनिक कृषि तकनीक, विज्ञान, सरकारी नीतियों और उद्योग जगत के साथ जोड़ना है.

कई केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री होंगे शामिल

इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अलावा केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, पीयूष गोयल और चिराग पासवान भी शामिल होंगे. इसके अलावा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही भी सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. अशोक लाहिड़ी, ICAR के महानिदेशक डॉ. एमएल जाट, मौसम विभाग के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा और कृषि विशेषज्ञ डॉ. अशोक गुलाटी सहित कई विशेषज्ञ भी कार्यक्रम में शामिल होंगे. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अर्जेंटीना के भारत में राजदूत मारियानो अगुस्तीन कौसिनो शामिल होंगे. साथ ही डॉ. स्टैनफोर्ड ब्लेड, उप महानिदेशक, ICRISAT, डॉ. एस्साम यासीन मोहम्मद, महानिदेशक, वर्ल्डफिश (WorldFish), डॉ. साइमन हेक, महानिदेशक, इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर (CIP), डॉ. वीरेंद्र कुमार, अनुसंधान निदेशक, IRRI और अंतरराष्ट्रीय कृषि और शोध संस्थानों से जुड़े प्रतिनिधि भी सम्मेलन का हिस्सा बनेंगे.

PM मोदी करेंगे कार्यक्रम का समापन

इस सम्मेलन का समापन 12 नवंबर की शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वपूर्ण संबोधन के साथ होगा. वह आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में किसानों की भूमिका को मजबूत करने के लिए अपना दृष्टिकोण रखेंगे. सम्मेलन में इस बात पर भी जोर रहेगा कि किसानों को देश के विकास की मुख्य शक्ति के रूप में कैसे सशक्त बनाया जाए.

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने क्या कहा?

इस ऐतिहासिक घोषणा पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 'इंडिया टुडे और किसान तक का यह 'भारत एग्रीकल्चर कॉन्फ्रेंस' देश के अन्नदाताओं की सामूहिक समृद्धि का एक नया रोडमैप है. प्रधानमंत्री जी के 'विकसित भारत 2047' के संकल्प की असली नींव हमारा 'स्मार्ट किसान' और 'खेती की सेहत' है. स्मार्ट फार्मिंग का मतलब सिर्फ आधुनिक तकनीक नहीं, बल्कि हमारी मिट्टी को दीर्घकालिक रूप से स्वस्थ रखना और किसानों की लागत को कम करके उनकी आय को बढ़ाना है. इंडिया टुडे ग्रुप के किसान तक की ओर से किसानों को स्मार्ट बनाने की पहल करना साधुवाद का काम है. क्योंकि जब हमारी खेती सेहतमंद होगी, किसान की आय मजबूत होगी और वह स्मार्ट बनेगा, तभी भारत सच्चे अर्थों में विकसित और आत्मनिर्भर बनेगा'.

आधुनिक कृषि तकनीक पर होगा मंथन

सम्मेलन में खेती में नई तकनीकों के इस्तेमाल पर विशेष चर्चा होगी. इसमें प्रिसिजन फार्मिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए संसाधनों का बेहतर प्रबंधन और जलवायु के अनुकूल फसल किस्मों जैसे विषय शामिल होंगे. इसके साथ ही किसानों की लागत कम करने, आमदनी बढ़ाने और खेती को अधिक प्रभावी बनाने के तरीकों पर भी विचार किया जाएगा. कार्यक्रम में किसानों और महिला उद्यमियों के अनुभव भी साझा किए जाएंगे. देश के अलग-अलग हिस्सों से आए करीब 20 किसान मंच पर अपनी सफलता की कहानियां सुनाएंगे. इनमें पद्मश्री से सम्मानित राहीबाई सोमा पोपरे, ट्रिनिटी सायू, नेक राम शर्मा, सुल्तान सिंह शामिल हैं.

किसानों की सफलता की कहानियां भी होंगी साझा

सम्मेलन में कृषि से जुड़े विषयों के साथ ग्रामीण भारत की कला और संस्कृति को भी जगह दी जाएगी. पद्मश्री लोक गायक प्रह्लाद टिपण्या, कवि रुद्र प्रताप रुद्र और भोजपुरी गायक चंदन तिवारी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे. वहीं, अभिनेता, गायक और सांसद मनोज तिवारी भी कार्यक्रम में शामिल होंगे. भारत की अर्थव्यवस्था और रोजगार में कृषि क्षेत्र की अहम भूमिका को देखते हुए सम्मेलन में किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादों की आपूर्ति व्यवस्था बेहतर करने और वैश्विक बाजार में भारतीय कृषि उत्पादों के अवसर बढ़ाने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होगी.

इस सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्रालय और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) भी किसान तक के साथ सहयोग कर रहे हैं. आयोजकों के मुताबिक, इस मंच के जरिए किसानों के अनुभवों और आधुनिक कृषि विज्ञान को एक साथ लाने का प्रयास किया जाएगा.

भारत एग्रीकल्चर कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिए आमंत्रण जरूरी है. रजिस्ट्रेशन के लिए  https://www.kisantak.in/smart-kisan-viksit-bharat/registration  क्लिक करें.

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