
पटना के दानापुर स्थित मसाला मंडी में हल्दी की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में बड़ा मामला सामने आया है. विभाग की टीम ने करीब एक दर्जन दुकानों से हल्दी के 35 नमूने लेकर उनकी जांच की. पोर्टेबल एक्स-रे फ्लोरेसेंस मशीन से की गई जांच में करीब 28 नमूनों में लेड क्रोमेट पाया गया. वहीं, 7 नमूनों में लेड क्रोमेट की मात्रा शून्य दर्ज की गई.
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, जांच में करीब 70 प्रतिशत नमूनों में लेड क्रोमेट तय मानक से ज्यादा पाया गया. करीब 30 प्रतिशत नमूने मानक के अनुरूप मिले. विभाग ने इस जांच अभियान को लोगों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से चलाया था.
अधिकारियों ने दानापुर मसाला मंडी में हल्दी के नमूनों की जांच के लिए पोर्टेबल एक्स-रे फ्लोरेसेंस मशीन का इस्तेमाल किया. इस जांच के दौरान लिए गए नमूनों में लेड क्रोमेट की मौजूदगी का पता लगाया गया. विभाग के अधिकारियों ने दुकानदारों से हल्दी की खरीद और बिक्री के दौरान उसकी क्वालिटी और सोर्स पर खास ध्यान देने को कहा.
खाद्य सुरक्षा विभाग ने दुकानदारों और विक्रेताओं को सुरक्षित और प्रमाणित स्रोत से ही हल्दी खरीदने की सलाह दी है. अधिकारियों ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए उनके स्रोत और गुणवत्ता की जांच जरूरी है. दुकानदारों से भी संदिग्ध स्रोत से आने वाले मसालों की खरीद नहीं करने की अपील की गई है.
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, लेड क्रोमेट की अधिक मात्रा शरीर में लंबे समय तक पहुंचने पर स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है. विभाग ने हल्दी में लेड क्रोमेट की मौजूदगी को स्वास्थ्य के लिहाज से गंभीर विषय बताया है. अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से भी खुले और संदिग्ध स्रोतों से मसाले खरीदने के बजाय प्रमाणित स्रोतों से उत्पाद लेने की अपील की है.
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जांच के दौरान दुकानदारों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने और सुरक्षित स्रोत से सामान खरीदने को लेकर जागरूक किया. विभाग के अधिकारी सुदामा चौधरी ने बताया कि दानापुर मसाला मंडी की करीब एक दर्जन दुकानों की जांच की गई और हल्दी के लगभग 35 नमूने लिए गए. इनमें 7 नमूनों में लेड क्रोमेट शून्य पाया गया, जबकि करीब 28 नमूनों में इसकी मौजूदगी मिली. (मनाेज कुमार सिंह की रिपोर्ट)