पटना में 9 जून को ‘इकोटूरिज्म इन्वेस्टर्स मीट–2026, निवेशकों को PPP मॉडल के तहत मिलेंगे अवसर

पटना में 9 जून को ‘इकोटूरिज्म इन्वेस्टर्स मीट–2026, निवेशकों को PPP मॉडल के तहत मिलेंगे अवसर

बिहार सरकार राज्य में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए 9 जून 2026 को पटना में ‘इकोटूरिज्म इन्वेस्टर्स मीट-2026’ आयोजित करेगी. इस पहल के तहत निजी निवेशकों को डैम, तालाब और प्राकृतिक जलाशयों पर आधारित परियोजनाओं में भागीदारी का मौका दिया जाएगा. सरकार PPP मॉडल पर 30 साल की लीज, जरूरी अनुमतियां और VGF सहायता जैसी सुविधाएं देने जा रही है.

Bihar Tourism (Photo/Bihar Tourism)Bihar Tourism (Photo/Bihar Tourism)
अंक‍ित कुमार स‍िंह
  • पटना,
  • May 28, 2026,
  • Updated May 28, 2026, 5:11 PM IST

बिहार में इकोटूरिज्म को नई ऊंचाई देने के लिए राज्य सरकार निजी निवेश को आमंत्रित कर रही है. पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग 9 जून 2026 को पटना में ‘इकोटूरिज्म इन्वेस्टर्स मीट-2026’ आयोजित करने जा रहा है. इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्राकृतिक जलाशयों और पर्यटन स्थलों को विकसित कर पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक विकास को जोड़ना है. विभाग निजी क्षेत्र के निवेशकों को राज्य में इको-टूरिज्म परियोजनाओं में भागीदारी के लिए आमंत्रित कर रहा है. सम्मेलन में जलाशयों, तालाबों, पोखरों और अन्य प्राकृतिक जल निकायों पर आधारित पर्यटन परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा होगी. सरकार का मानना है कि सही निवेश से बिहार के प्राकृतिक सौंदर्य को संरक्षित करते हुए स्थानीय रोजगार के बड़े अवसर पैदा किए जा सकते हैं.

दो समूहों में बंटेंगे निवेश के अवसर

सम्मेलन में निवेश के लिए दो अलग-अलग समूह बनाए गए हैं. ग्रुप ए में बड़े जलाशयों और डैम आधारित इको-टूरिज्म परियोजनाएं शामिल होंगी, जबकि ग्रुप बी में छोटे-बड़े तालाबों, पोखरों और अन्य जल निकायों पर आधारित परियोजनाएं रखी गई हैं. निवेशक अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार इनमें से किसी भी समूह में भाग ले सकेंगे.

पीपीपी मॉडल पर मिलेंगी कई सुविधाएं

सरकार ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत निवेशकों को आकर्षक सुविधाएं देने का फैसला किया है. चयनित निवेशकों को 30 वर्षों के लिए भूमि लीज पर दी जाएगी. साथ ही परियोजना से जुड़ी सभी जरूरी अनुमतियां विभागीय स्तर पर शीघ्र उपलब्ध कराई जाएंगी. 

आर्थिक व्यवहार्यता बढ़ाने के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) के रूप में वित्तीय सहायता भी दी जाएगी. विभाग ने पहले ही 27 डैम और 247 तालाब-पोखरों को संभावित साइट्स के रूप में चिन्हित कर लिया है. इन स्थलों को पर्यटन के अनुकूल विकसित करने की योजना है.

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया बल

इस पहल से ना सिर्फ पर्यटन बढ़ेगा बल्कि स्थानीय समुदायों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे. इको-टूरिज्म परियोजनाओं में होमस्टे, बोटिंग, वाइल्डलाइफ व्यूइंग, इको-ट्रेल और सस्टेनेबल हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्र शामिल किए जा सकते हैं. इससे ग्रामीण इलाकों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास संभव होगा.

विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर की अध्यक्षता में हाल ही में हुई बैठक में बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, विभिन्न होटल समूहों और आर्किटेक्ट फर्मों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की. इच्छुक निवेशक अधिक जानकारी के लिए biharecotourismsociety@gmail.com पर ईमेल या मोबाइल नंबर 8986153336 पर संपर्क कर सकते हैं. सरकार की यह पहल बिहार को इको-टूरिज्म हब बनाने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है, जो पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक प्रगति को साथ लेकर चलने का उदाहरण बनेगा.

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