NABARD-NCDEX की सफल योजना, हल्दी, जीरा और धनिया किसानों की आमदनी में होगी बढ़त

NABARD-NCDEX की सफल योजना, हल्दी, जीरा और धनिया किसानों की आमदनी में होगी बढ़त

NABARD और NCDEX की मूल्य सुरक्षा योजना किसानों के लिए आमदनी सुरक्षित करने और मुनाफा बढ़ाने का जरिया बन गई है. हल्दी, जीरा और धनिया उगाने वाले किसान अब ऑप्शन्स ट्रेडिंग के जरिए अपने उत्पाद का न्यूनतम मूल्य तय कर सकते हैं. योजना से FPOs का विश्वास बढ़ा और बाजार निर्णय आसान हुए.

NABARD-NCDEX की सफल योजनाNABARD-NCDEX की सफल योजना
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Feb 15, 2026,
  • Updated Feb 15, 2026, 12:01 PM IST

हाल ही में NABARD और NCDEX (National Commodities and Derivatives Exchange) ने एक खास योजना शुरू की है, जिसका नाम है मूल्य सुरक्षा योजना. यह योजना खास तौर पर उन किसानों के लिए है जो हल्दी, जीरा और धनिया जैसी फसलों की खेती करते हैं. इस योजना का मकसद है कि किसानों को उनके उत्पाद का सही मूल्य मिले और वे बाजार में भाव गिरने से बच सकें.

योजना कैसे काम करती है?

इस योजना के तहत FPOs (Farmer Producer Organisations), यानी किसान उत्पादक संगठन, ऑप्शन्स ट्रेडिंग में हिस्सा लेते हैं. यह ट्रेडिंग एक तरह का बीमा है. अगर बाजार में कीमतें गिर जाएँ तो किसानों को नुकसान नहीं होता. NABARD किसानों की मदद करता है और उनके लिए पुट ऑप्शन प्रीमियम का हिस्सा सब्सिडी के रूप में देता है. इसका मतलब है कि किसान कम पैसे खर्च करके अपने उत्पाद को सुरक्षित कर सकते हैं.

इस योजना को आंध्र प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना और कर्नाटक में शुरू किया गया है.

पहले चरण में क्या हुआ?

  • पहले चरण में इस योजना का फायदा 80 FPOs और 1.34 लाख किसानों को मिला. कुल 6,544 टन फसल को सुरक्षित किया गया.
  • महाराष्ट्र के वाशिम जिले में स्थित Rashtronnati Farmer Producer Company ने पहले नौ महीनों में ही ₹1 करोड़ का कारोबार किया. जनवरी से मार्च 2025 के दौरान FPOs को ₹6.31 करोड़ का फायदा हुआ.
  • इसका मतलब है कि किसानों को उनके उत्पाद का न्यूनतम मूल्य (floor price) मिल गया और उन्होंने बाजार में अच्छे निर्णय लिए.

हल्दी की कीमतें बढ़ी

  • इस योजना की वजह से हल्दी की कीमतें पिछले पांच साल में सबसे ज्यादा बढ़ गई हैं.
  • इस समय हल्दी की कीमत लगभग ₹14,355 प्रति क्विंटल है, जो साल पहले ₹10,689 थी.
  • NCDEX पर अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट की कीमत ₹15,090 प्रति क्विंटल है.
  • दिसंबर 2025 में यह कीमत ₹17,000 तक पहुंच गई थी.
  • कम उत्पादन और निर्यात तथा दवा उद्योग की मांग के कारण कीमतें इतनी अधिक हैं.

किसान कैसे फायदा उठा रहे हैं

Rashtronnati FPO ने 30 टन हल्दी को सुरक्षित किया. इसके अलावा उन्होंने 150 टन हल्दी सीधे बाजार में बेचकर अच्छा मुनाफा कमाया. इस FPO में 900 सदस्य हैं, जिनमें से 180 महिलाएँ हैं. ये सदस्य लगभग 500 एकड़ जमीन पर हल्दी उगाते हैं.

इस योजना से किसानों को एक न्यूनतम मूल्य की गारंटी मिलती है. इसका मतलब है कि वे जानते हैं कि अगर कीमतें गिर भी गई तो उन्हें नुकसान नहीं होगा. इससे वे बेचने और मार्केटिंग के फैसले आराम से ले सकते हैं.

मार्केट को समझना आसान हुआ

  • NCDEX के अनुसार इस योजना के चलते किसान अब फ्यूचर्स और स्पॉट मार्केट की कीमतों पर ध्यान दे रहे हैं.
  • जब कीमतें अच्छी होती हैं, FPOs अपने उत्पाद बेच देते हैं और मुनाफा कमाते हैं.
  • अगर कीमतें स्ट्राइक प्राइस (गैर-न्यूनतम तय कीमत) से ऊपर बढ़ जाएँ, तो किसान ओपन मार्केट में बेचकर ज्यादा लाभ कमाते हैं.
  • इस योजना में अब तक 150 से ज्यादा जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम किए गए हैं. इसमें ऑप्शन प्राइसिंग, मार्केटिंग स्ट्रेटेजी और डिलीवरी प्लानिंग सिखाया गया.

योजना का महत्व

इस योजना से किसान अब सिर्फ बाजार की कीमतों पर निर्भर नहीं हैं. वे अब अपने उत्पाद का सही मूल्य पा सकते हैं. इसके अलावा, इससे FPOs का विश्वास बढ़ा है और वे भविष्य में और अधिक सुरक्षित तरीके से व्यापार कर सकते हैं. हालांकि अभी भी कुछ चुनौतियाँ हैं, जैसे जागरूकता की कमी और लागत का सवाल, लेकिन 28 FPOs ने खुद फ्यूचर्स के लिए मार्जिन जमा किया, जो इस योजना में उनके बढ़ते विश्वास को दिखाता है.

इस तरह NABARD-NCDEX की मूल्य सुरक्षा योजना किसानों के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आई है और उन्हें बाजार में मजबूत और सुरक्षित बनाती है.

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