दशहरी आमों की नगरी लखनऊ पहुंचा किसान कारवां, नटौली गांव में जुटे किसान और युवा

दशहरी आमों की नगरी लखनऊ पहुंचा किसान कारवां, नटौली गांव में जुटे किसान और युवा

नटौली गांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को आधुनिक खेती तकनीक, उन्नत बीज, फसल प्रबंधन और उत्पादन बढ़ाने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी. वहीं, कृषि अधिकारियों ने सरकार द्वारा संचालित खेती और पशुपालन से जुड़ी उन्नत योजनाओं के बारे में किसानों को अवगत कराया.

किसान कारवांकिसान कारवां
अंक‍ित कुमार स‍िंह
  • Lucknow,
  • Feb 14, 2026,
  • Updated Feb 14, 2026, 5:53 PM IST

दशहरी आमों के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध लखनऊ में ‘किसान तक’ का किसान कारवां अपने 24वें पड़ाव के रूप में मोहनलालगंज ब्लॉक के नटौली गांव पहुंचा. गोमती नदी की गोद में बसा यह जिला अपनी मलिहाबादी आम उत्पादन के लिए मशहूर होने की वजह से कृषि क्षेत्र में अपनी आत्मनिर्भरता का मजबूत उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है. उत्तर प्रदेश सरकार और इंडिया टुडे ग्रुप के संयुक्त प्रयास से प्रदेश के 75 जिलों में आयोजित हो रहे इस किसान कारवां के नटौली गांव पहुंचने पर बड़ी संख्या में महिला और पुरुष किसानों के साथ युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली.

कार्यक्रम ने गांव में उत्साह और जागरूकता का माहौल बना दिया. वहीं, हार्वेस्ट पल्स,  इफको और इफको एमसी ने अपने कृषि उत्पादों को लेकर किसानों को जानकारी दिया. साथ ही मुथूट फाइनेंस ने जनहित को ध्यान में रखते हुए पैसों की जरूरत को सोने के मदद से कैसे पूरी की जा सकती है. इसको लेकर भी जानकारी ग्रामीणों को देने का काम किया.

कृषि वैज्ञानिकों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी

नटौली गांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को आधुनिक खेती तकनीक, उन्नत बीज, फसल प्रबंधन और उत्पादन बढ़ाने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी. वहीं, कृषि अधिकारियों ने सरकार द्वारा संचालित खेती और पशुपालन से जुड़ी उन्नत योजनाओं के बारे में किसानों को अवगत कराया, ताकि वे इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ा सकें.

कार्यक्रम में मनोरंजन और जागरूकता का अनोखा संगम भी देखने को मिला. मैजिशियन सलमान ने अपने जादुई प्रस्तुतिकरण के माध्यम से किसानों और ग्रामीणों का मनोरंजन किया, साथ ही खेती के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया. विभिन्न चरणों में मौजूद अतिथियों ने किसानों को उनके हित से जुड़ी उपयोगी जानकारियां साझा की. ‘किसान तक’ का यह कारवां न केवल किसानों को आधुनिक कृषि की दिशा दिखा रहा है, बल्कि गांव-गांव में जागरूकता और आत्मनिर्भरता का संदेश भी पहुंचा रहा है.

फसल विविधीकरण से बढ़ेगी किसानों की आय

पहले चरण में अयोध्या जिले के केवीके हेड ने अगेती सब्जी की खेती को लेकर किसानों को जागरूक किया. उन्होंने बताया कि अगर किसान अगेती सब्जी की खेती करते हैं, तो वह अच्छी कमाई कर सकते हैं. इसके साथ ही उन्होंने फसल विविधीकरण को लेकर कहा कि आज किसानी से अच्छी कमाई करनी है, तो किसान को एक फसल के साथ अन्य फसलों की खेती करना होगा. वहीं, दलहन और तिलहन की खेती पर किसानों को ध्यान देना होगा.

नैनो यूरिया और डीएपी का सही उपयोग

दूसरे चरण में इफको लखनऊ के एफएम शिवचंद्र शुक्ला ने मिट्टी की उर्वर शक्ति को बढ़ाने की जानकारी दी. इसके साथ ही उन्होंने इफको से जुड़े विभिन्न उत्पादों की जानकारी दी. साथ ही उन्होंने कौन-सी फसल में किस उत्पाद का उपयोग करना है, इसको लेकर भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि आज मिट्टी से कई पोषक तत्व खत्म हो रहे हैं, जो खेती के लिहाज से सही नहीं है. इसलिए अब किसानों को ऑर्गेनिक खाद की ओर भी जाने की बात कही. साथ ही उन्होंने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग का सही तरीका के बारे में जानकारी दी.

फार्मर आईडी ही दिलाएगा सम्मान निधि की राशि

तीसरे चरण में विनय कुमार कौशल, उप कृषि निदेशक लखनऊ ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि का फायदा अब उन्हीं किसानों को मिलेगा, जो फार्मर आईडी बनवाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अब किसान धान-गेहूं की खेती के बजाय सब्जी, दलहन और तिलहन की खेती पर जोर दें. इसका फायदा यह है कि किसान को अच्छी कमाई होगी. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आज हर कोई ऑर्गेनिक सब्जी और अनाज खाना चाहते हैं, इसलिए इसकी खेती की ओर किसान बढ़ें.

ऑर्गेनिक सब्जी का उत्पादन करें महिला किसान

चौथे चरण में आईआईएसआर की गृह वैज्ञानिक डॉ. विनिका सिंह ने किसान कारवां कार्यक्रम के जरिए महिलाओं को खून की कमी को पहचानने का तरीका बताया. साथ ही उन्होंने बताया कि कैसे पोषणयुक्त भोजन के जरिए वह खून की कमी को दूर कर सकती हैं. इसके साथ ही उन्होंने पोषण वाटिका लगाने की सलाह दी. इसके साथ ही बेमौसम सब्जियों को नहीं खाने की सलाह दी. साथ ही उन्होंने कहा कि अपने घर के बाहर खाली जगह पर पोषण वाटिका के जरिए ऑर्गेनिक सब्जी उगाएं.

सोना घर में रखने के लिए नहीं, लोन लेने का माध्यम

पांचवें चरण में मुथूट फाइनेंस के ब्रांच मैनेजर विभोर श्रीवास्तव ने बताया कि मुथूट फाइनेंस एक ऐसी कंपनी है, जो लोगों को 1500 से लेकर 5 करोड़ रुपये तक का लोन देती है. इसमें ग्राहक के सोना की वैल्यू के अनुसार लोन की राशि तय की जाती है. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि ग्राहकों का जो सोना जमा होता है, उसको 7 लेयर के जरिए हम सुरक्षित रखते हैं. इसके साथ ही उन्होंने मुथूट फाइनेंस से लोन लेने को लेकर किन दस्तावेजों की जरूरत है, इसकी भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि हम सोना बेचते भी हैं, अगर कोई सोना खरीदना चाहे तो वह भी खरीद सकता है.

बीज का उपचार करवाना जरूरी

छठवें चरण में IFFCO एमसी के आरबीएम आशीष सेनवाल ने किसानों को कंपनी के द्वारा खेती से जुड़ी हुई कौन-कौन से उत्पाद दे रहा है, इसकी जानकारी दी. इसके साथ ही उन्होंने बीज उपचार करने के बारे में भी किसानों को बताया कि बीज उपचार किसानों के लिए कितना फायदेमंद है और फसल के उत्पादन में कितना बेहतर काम कर सकता है. उन्होंने कहा कि अगर किसान बीज का उपचार करके, विशेष तौर से धान-गेहूं की फसल की खेती करते हैं, तो सबसे अच्छी बात यह होती है कि किसी तरह के रोगों का खतरा नहीं रहता है.

बायो फोर्टिफाइड वैरायटी स्वास्थ्य के लिए लाभदायक

सातवें चरण में हार्वेस्ट पल्स कंपनी की अधिकारी जेन फ्लोरिना ने अपनी कंपनी के बारे में बताते हुए कहा कि उनकी कंपनी किसानों के लिए काम कर रही है. बायो फोर्टिफाइड वैरायटी को लेकर उन्होंने कहा कि अगर इस तरह की वैरायटी का चयन किसान करते हैं, तो उसकी खेती करने के लिए कोई अलग तकनीक का प्रयोग नहीं करना होता है. किसान उसी तरह से खेती कर सकते हैं, जैसे वह पहले से करते आ रहे हैं. आगे उन्होंने कहा कि इस तरह की वैरायटी लोगों के स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद है, क्योंकि इसमें कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं.

पशुपालन से किसानों की आमदनी में आएगी बढ़ोतरी

आठवें चरण में जिला पशुपालन अधिकारी डॉ सुरेश कुमार ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों को पशुओं के साथ उनके बच्चों पर भी ध्यान देने की जरूरत है. इसके साथ ही उन्होंने पशुओं के भोजन देने के सही तरीकों की जानकारी किसानों को दी. साथ ही उन्होंने किसानों को बकरी पालन, गाय पालन, मुर्गी पालन और मत्स्य पालन को लेकर सरकार द्वारा कौन-सी योजनाएं चलाई जा रही हैं, उसकी भी विस्तार से जानकारी दी.

मैजिशियन सलमान किसानों को दिए सुझाव

नौवें चरण में मैजिशियन सलमान द्वारा खेती से जुड़ी जानकारी अपनी कला के जरिए बताई गई. साथ ही उन्होंने किसानों को गोबर खाद और पशुपालन करने का सुझाव दिया.

लकी ड्रा में किसानों को मिला पुरस्कार

आखिर दसवें चरण में लकी ड्रा का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 10 विजेताओं को पांच सौ रुपए और दूसरा पुरस्कार दो हजार रुपये काशी प्रसाद को मिला. वहीं प्रथम पुरस्कार महिला किसान सोनिया को तीन हजार रुपये दिए गए.

किसान कारवां पहल का मकसद

किसान कारवां यह कोई एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक लंबी और सार्थक यात्रा है, जो 29 दिसंबर 2025 से शुरू होकर मई 2026 के अंत तक प्रदेश भर के सभी 75 जिलों तक पहुंचेगी. किसान तक का किसान कारवां यूपी के हर जिले में पहुंचकर किसानों, ग्राम प्रधानों, प्रगतिशील किसानों और महिला किसानों को एक साझा मंच देगा. यहां खेती से जुड़ी नवीनतम तकनीकों की जानकारी मिलेगी, सरकारी योजनाओं को सरल भाषा में समझाया जाएगा और उन सर्वोत्तम कृषि प्रथाओं पर चर्चा होगी, जो आज के समय में किसानों के लिए वास्तव में उपयोगी हैं.

हमारे इस किसान कारवां में हर पड़ाव पर होंगे विशेषज्ञों के व्याख्यान, आधुनिक कृषि उपकरणों और तकनीकों की प्रदर्शनियां, प्रशिक्षण सत्र और किसान गोष्ठियां. साथ ही, उन प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने नवाचार, मेहनत और समझदारी से खेती को एक नई दिशा दी है. किसानों के लिए यह मंच अनुभव साझा करने का भी होगा और सीखने का भी.

Frequently Asked Questions (FAQs)

1. किसान कारवां क्या है?
किसानों से सीधे जुड़ने वाला किसान तक का विशेष कृषि अभियान.

2. किसान कारवां का उद्देश्य क्या है?
किसानों की समस्याएं, समाधान और नई जानकारी सामने लाना.

3. किसान कारवां किन जगहों पर हो रहा है?
उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में.

4. किसान कारवां किन किसानों के लिए है?
छोटे, सीमांत, युवा, महिला और प्रगतिशील किसान-सभी के लिए.

5. किसान कारवां में क्या-क्या जानकारी मिलेगी?
खेती, लागत घटाने के तरीके, तकनीक और योजनाओं की जानकारी.

6. क्या किसान अपनी समस्या सीधे बता सकते हैं?
हां, किसान अपनी बात सीधे मंच पर रख सकते हैं.

7. क्या इसमें भाग लेने के लिए शुल्क है?
नहीं, किसानों के लिए यह पूरी तरह निःशुल्क है.

8. किसान कारवां की जानकारी कहां मिलेगी?
किसान तक के सोशल मीडिया हैंडल और यूट्यूब चैनल  https://www.youtube.com/@kisantakofficial पर

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