India-US Trade Deal: भारत के एग्री एक्‍सपोर्ट में उछाल की उम्‍मीद, APEDA के चेयरमैन ने कही ये बात

India-US Trade Deal: भारत के एग्री एक्‍सपोर्ट में उछाल की उम्‍मीद, APEDA के चेयरमैन ने कही ये बात

भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के बाद भारतीय कृषि और ऑर्गेनिक उत्पादों के अमेरिकी बाजार में निर्यात को नई रफ्तार मिलने वाली है. APEDA चेयरमैन ने कहा कि 8 प्रतिशत की प्रतिस्पर्धी टैरिफ दर से भारत को अन्य देशों पर बढ़त मिल सकती है.

APEDA Chairman on Trade DealAPEDA Chairman on Trade Deal
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Feb 13, 2026,
  • Updated Feb 13, 2026, 10:11 AM IST

भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते के बाद भारतीय कृषि निर्यात के लिए एक नया और मजबूत रास्ता खुलता नजर आ रहा है. खासतौर पर कृषि और ऑर्गेनिक उत्पादों के अमेरिकी बाजार में निर्यात को लेकर सरकार और उद्योग जगत दोनों ही बेहद आशावादी दिखाई दे रहे हैं. उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि कि इस समझौते के तहत तय की गई 18 प्रतिशत की प्रतिस्पर्धी टैरिफ दर भारतीय निर्यातकों को अन्य देशों के मुकाबले निर्णायक बढ़त दिला सकती है.

भारतीय उत्‍पादों की स्थित‍ि और मजबूत होगी: APEDA येयरमैन

कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के चेयरमैन अभिषेक देव ने इस डील को भारतीय कृषि क्षेत्र के लिए फायदेमंद बताते हुए कहा है कि भारतीय उत्पाद पहले से ही गुणवत्ता, ट्रेसबिलिटी और कीमत के लिहाज से वैश्विक बाजार में मजबूत स्थिति में हैं. अब कम टैरिफ के चलते अमेरिकी आयातकों के लिए भारत और भी आकर्षक विकल्प बनकर उभरेगा.

पहले से मजबूत रिश्तों को मिलेगा नया संबल: अभ‍ि‍षेक देव

अभिषेक देव ने कहा कि बीते साल भारत से अमेरिका को ऑर्गेनिक कृषि उत्पादों के निर्यात में लगभग 30 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई थी. हाल के महीनों में हाई टैरिफ और कुछ नीतिगत अनिश्चितताओं के बावजूद अमेरिकी खरीदारों ने भारतीय सप्लायर्स के साथ अपने कारोबारी संबंध बनाए रखे. नए समझौते के बाद इन रिश्तों को न केवल स्थिरता मिलेगी, बल्कि आने वाले समय में ऑर्डर वॉल्यूम बढ़ने की भी पूरी संभावना है.

BIOFACH 2026 से मिला अंतरराष्ट्रीय भरोसा

दुनिया के सबसे बड़े ऑर्गेनिक ट्रेड फेयर BIOFACH 2026 में भारत की भागीदारी को भी इस सकारात्मक माहौल से जोड़कर देखा जा रहा है. इस आयोजन में भारत पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल हुआ है और गैर-यूरोपीय देशों में सबसे बड़े प्रदर्शक के तौर पर उभरा है. 100 से अधिक भारतीय कंपनियां, एफपीओ और व्यक्तिगत उद्यमी इस मंच पर मौजूद हैं, जहां अमेरिकी और यूरोपीय खरीदारों के साथ सीधे संवाद और व्यावसायिक चर्चाएं हो रही हैं.

इंडस्ट्री की प्रतिक्रिया और किसानों पर असर

ऑर्गेनिक फूड इंडस्ट्री से जुड़े प्रतिनिधियों ने कहा कि 18 प्रतिशत की दर ने भारत को दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों और अन्य प्रतिस्पर्धी निर्यातकों के मुकाबले फेयर प्लेइंग फील्ड उपलब्ध कराया है. उद्योग जगत इस बात को भी अहम मान रहा है कि इस समझौते में किसानों के हितों की सुरक्षा पर जोर दिया गया है, जिससे निर्यात बढ़ने का सीधा लाभ खेत स्तर तक पहुंच सकता है. (एएनआई)

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